सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय
राष्ट्रीय राजमार्गों में सर्विस लेन
Posted On:
27 MAR 2025 2:53PM by PIB Delhi
सरकार ने सर्विस रोड सहित मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) नेटवर्क के रखरखाव को प्राथमिकता दी है, और अन्य बातों के साथ-साथ जवाबदेह रखरखाव एजेंसी के माध्यम से सभी एनएच खंडों के रखरखाव और मरम्मत (एमएंडआर) को सुनिश्चित करने के लिए एक तंत्र विकसित किया है।
राष्ट्रीय राजमार्गों के उन हिस्सों का एमएंडआर, जहां विकास कार्य शुरू हो चुके हैं या संचालन, रखरखाव और हस्तांतरण (ओएमटी) रियायतें/ संचालन और रखरखाव (ओएंडएम) अनुबंध दिए गए हैं, दोष दायित्व अवधि (डीएलपी)/रियायत अवधि के अंत तक संबंधित रियायतग्राही/ठेकेदारों की जिम्मेदारी है। इसी तरह, टीओटी (टोल ऑपरेट एंड ट्रांसफर) और इनविट (इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट) के तहत किए गए राष्ट्रीय राजमार्गों के हिस्सों के लिए, एमएंडआर जिम्मेदारी रियायत अवधि के अंत तक संबंधित रियायतग्राही की है।
राष्ट्रीय राजमार्गों के शेष सभी खंडों के लिए, सरकार ने कार्य निष्पादन आधारित रखरखाव अनुबंध (पीबीएमसी) या अल्पकालिक रखरखाव अनुबंध (एसटीएमसी) के माध्यम से रखरखाव कार्य करने का नीतिगत निर्णय लिया है।
सड़क की स्थिति में पहचाने गए दोषों/समस्याओं की मरम्मत, जिसमें गड्ढे भी शामिल हैं, साथ ही अन्य रखरखाव/मरम्मत कार्य ठेकेदार/रियायतग्राही द्वारा अनुबंध के प्रावधानों के अनुसार निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाते हैं। नियमित फील्ड रिपोर्ट के माध्यम से अनुपालन सुनिश्चित किया जाता है और दोषी ठेकेदार/रियायतग्राही के खिलाफ कार्रवाई के लिए अनुबंध दस्तावेजों में दंड प्रावधानों को शामिल किया जाता है।
राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए सर्विस रोड आम तौर पर शहरी/अर्ध-शहरी स्थानों पर बनाए जाते हैं, जहाँ स्थानीय यातायात काफी होता है, ताकि स्थानीय यातायात, जिसमें गैर-मोटर चालित वाहन भी शामिल हैं, को राष्ट्रीय राजमार्गों पर तेज़ गति से चलने वाले यातायात से अलग किया जा सके। मोड़ पर आवागमन को सुविधाजनक बनाने के लिए एलिवेटेड सेक्शन और फ्लाईओवर/ग्रेड सेपरेटर/वाहन अंडर पास (वीयूपी) के नीचे भी सर्विस रोड बनाए जाते हैं।
केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना राज्यों में निर्मित और निर्माणाधीन सेवा सड़कों की लंबाई का विवरण, जिसमें ऐसे राज्यों के ग्रामीण और वंचित क्षेत्र भी शामिल हैं, निम्नानुसार है:
क्र.सं.
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राज्य
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निर्मित सर्विस रोड की लंबाई (कि.मी. में)
|
निर्माणाधीन सर्विस रोड की लंबाई (कि.मी. में)
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1
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केरल
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612
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364
|
2
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तमिलनाडु
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1,903
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419
|
3
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तेलंगाना
|
595
|
118
|
सरकार भारतीय सड़क कांग्रेस (आईआरसी) के दिशा-निर्देशों के अनुसार रात में बेहतर दृश्यता के लिए थर्मोप्लास्टिक पेंट और रेट्रो रिफ्लेक्टिव साइनेज के साथ सड़क चिह्नांकन करती है। सर्विस लेन डिज़ाइन में फ़ुटपाथ, फ़ुट ओवर ब्रिज और क्रॉसिंग के ज़रिए पैदल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाई जाती है।
ठेकेदार/रियायतग्राही डीएलपी/रियायत अवधि के दौरान सर्विस रोड सहित राष्ट्रीय राजमार्गों के खंडों के रखरखाव के लिए जिम्मेदार है। राष्ट्रीय राजमार्गों के खंडों, विशेष रूप से एसटीएमसी/पीबीएमसी कार्यों के रखरखाव के लिए नियुक्त ठेकेदार यह सुनिश्चित करते हैं कि उपरोक्त सहित सभी सुविधाओं का उचित रखरखाव किया जाए।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) वन/तत्पर ऐप के माध्यम से ऐप-आधारित निगरानी से फील्ड अधिकारियों/इंजीनियरों/ठेकेदारों/रियायतग्राहियों द्वारा सीधे साइट पर ही राजमार्ग परियोजना प्रबंधन की सुविधा मिलती है, जिसमें दैनिक और मासिक दोषों की डिजिटल रिपोर्टिंग, निरीक्षण के लिए जियो-टैग और टाइम-स्टैम्प्ड फोटो प्रस्तुत करना और परीक्षण परिणामों को डिजिटल रूप से अपलोड करना शामिल है।
राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए सर्विस रोड का निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग के मार्गाधिकार (आरओडब्ल्यू) के अंतर्गत किया जाता है। राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के लिए सर्विस रोड सहित भूमि अधिग्रहण राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 के प्रावधानों के अनुसार किया जाता है।
राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए सर्विस रोड का निर्माण सरकार द्वारा राज्य और स्थानीय प्राधिकारियों के साथ समन्वय में समय-समय पर राष्ट्रीय राजमार्गों पर विकास परियोजनाओं के दायरे के भाग के रूप में यातायात घनत्व, परियोजना राजमार्ग से सटे सड़क किनारे विकास/बस्ती, भीड़भाड़, स्थानीय यातायात के लिए पहुंच आदि के आधार पर किया जाता है।
यह उत्तर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में एक अतारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में दिया।
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