पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
संसद प्रश्न:- वृक्षारोपण
Posted On:
27 MAR 2025 5:45PM by PIB Delhi
मंत्रालय नगर वन योजना (एनवीवाई), नेशनल मिशन फॉर ग्रीन इंडिया (जीआईएम) और मैंग्रोव इनिशिएटिव फॉर शोरलाइन हैबिटेट एंड टैंगिबल बेनिफिट्स (एमआईएसएचटीआई) जैसी विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत वृक्षारोपण कर रहा है। राष्ट्रीय प्रतिपूरक वनरोपण निधि प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (सीएएमपीए) के अंतर्गत प्रतिपूरक वनरोपण निधि का उपयोग करके वनरोपण गतिविधियों को भी बड़े पैमाने पर शुरू किया जा रहा है। इसका मुख्य विषय " एक पेड़ माँ के नाम" है। यह एक स्वैच्छिक पहल है जो पर्यावरणीय जिम्मेदारी को हमारी माताओं के साथ-साथ धरती माता को भावभीनी श्रद्धांजलि के साथ जोड़ती है। वर्त्तमान वित्त वर्ष में लगाए गए पेड़ों का राज्यवार विवरण अनुलग्नक-I में दिया गया है।
वनों और वृक्ष संसाधनों का संरक्षण और प्रबंधन प्राथमिक रूप से राज्य सरकारों/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासनों की जिम्मेदारी है और पेड़ों की अवैध कटाई का विवरण और इस संबंध में की गई कार्रवाई उनके अधिकार क्षेत्र में है। पेड़ों की अवैध कटाई को रोकने के लिए, राज्य/संघ राज्य क्षेत्र विभिन्न उपाय कर रहे हैं जैसे कि किसी भी अवैध/निषिद्ध गतिविधियों की घटना को रोकने के लिए अग्रिम पंक्ति के वन कर्मचारियों द्वारा वन क्षेत्रों में नियमित गश्त, गश्ती शिविरों/शिकार विरोधी शिविरों की स्थापना, रणनीतिक और कमजोर स्थानों पर जांच चौकियां, सतर्कता और उड़न दस्तों की तैनाती, कमजोर क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण आदि। इसके अलावा राज्य/संघ राज्य क्षेत्र के वन विभाग वन संरक्षण गतिविधियों में समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त वन प्रबंधन कार्यक्रम, जागरूकता अभियान, शैक्षिक कार्यक्रम आदि भी लागू कर रहे हैं।
देश के वन और वृक्ष संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन के लिए कानूनी ढांचे मौजूद हैं, जिनमें भारतीय वन अधिनियम 1927, वन (संरक्षण और संवर्धन) अधिनियम 1980, वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972, राज्य वन अधिनियम, वृक्ष संरक्षण अधिनियम और नियम शामिल हैं। राज्य सरकारें/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन इन अधिनियमों/नियमों में किए गए प्रावधानों के अंतर्गत वनों और वृक्षों की सुरक्षा के लिए उचित कार्रवाई करते हैं, जब कभी वृक्षों की अवैध कटाई के मामले सामने आते हैं।
अनुबंध 1
वित्त वर्ष 2024-25 में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत वृक्षारोपण गतिविधियों का राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार विवरण
क्र.सं.
|
राज्य/संघ राज्य क्षेत्र
|
लगाए गए पेड़ों की संख्या
|
1
|
अंडमान और निकोबार
|
2261808
|
2
|
आंध्र प्रदेश
|
60904135
|
3
|
अरुणाचल प्रदेश
|
4857910
|
4
|
असम
|
32215542
|
5
|
बिहार
|
35321797
|
6
|
चंडीगढ़
|
280887
|
7
|
छत्तीसगढ़
|
33121988
|
8
|
दादरा और नगर हवेली
|
612502
|
9
|
दमन और दीव
|
3562
|
10
|
दिल्ली
|
4125328
|
11
|
गोवा
|
541794
|
12
|
गुजरात
|
173317655
|
13
|
हरियाणा
|
12950177
|
14
|
हिमाचल प्रदेश
|
4883847
|
15
|
जम्मू और कश्मीर
|
10119287
|
16
|
झारखंड
|
23601649
|
17
|
कर्नाटक
|
19069351
|
18
|
केरल
|
1932248
|
19
|
लद्दाख
|
155532
|
20
|
लक्षद्वीप
|
157044
|
21
|
मध्य प्रदेश
|
64019290
|
22
|
महाराष्ट्र
|
43495069
|
23
|
मणिपुर
|
5176249
|
24
|
मेघालय
|
88066
|
25
|
मिजोरम
|
504768
|
26
|
नागालैंड
|
3692248
|
27
|
ओडिशा
|
56071322
|
28
|
पुडुचेरी
|
104694
|
29
|
पंजाब
|
18464163
|
30
|
राजस्थान
|
56834461
|
31
|
सिक्किम
|
1895204
|
32
|
तमिलनाडु
|
23033367
|
33
|
तेलंगाना
|
176471148
|
34
|
त्रिपुरा
|
4143628
|
35
|
उत्तर प्रदेश
|
395214001
|
36
|
उत्तराखंड
|
25813947
|
37
|
पश्चिम बंगाल
|
482485
|
लगाए गए पेड़ों की कुल संख्या
|
1295938153
|
यह जानकारी केन्द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री श्री कीर्ति वर्धन सिंह ने आज राज्य सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
*****
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