संस्‍कृति मंत्रालय
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द्वारका में अन्तर्जलीय अन्वेषण

Posted On: 27 MAR 2025 4:11PM by PIB Delhi

द्वारका और बेट द्वारका के तट पर चल रहे पानी के भीतरी अन्वेषण का उद्देश्य पुरातत्वविदों को प्रशिक्षण देने के अलावा जलमग्न पुरातात्विक अवशेषों की खोज, उनका दस्तावेजीकरण और अध्ययन करना है। इसका उद्देश्य तलछट, पुरातात्विक और समुद्री जमा के वैज्ञानिक विश्लेषण के माध्यम से बरामद वस्तुओं की प्राचीनता का पता लगाना भी है।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की विभिन्न शाखाओं और क्षेत्रीय कार्यालयों को, जिसमें जलमग्न पुरातत्व विंग (यूएडब्ल्यू) भी शामिल है, पुरातात्विक अनुसंधान और फील्डवर्क के लिए समर्पित निधि आवंटित की जाती है। यूएडब्ल्यू वित्तीय वर्ष के दौरान आवंटित बजट के माध्यम से फील्डवर्क और अनुसंधान सहित विभिन्न गतिविधियाँ भी करता है। वर्तमान फील्डवर्क के लिए आरंभ में 10 लाख रुपये की राशि आवंटित की गई है।

यूएडब्ल्यू जरूरत और आवश्यकता के अनुसार रिमोट सेंसिंग उपकरणों सहित आधुनिक तकनीकों का उपयोग करके व्यवस्थित पुरातात्विक अन्वेषण और जांच करता है। चल रहे फील्डवर्क में गोताखोरी, खोज और दस्तावेज़ीकरण के लिए आधुनिक तकनीक का भी उपयोग किया जा रहा है।

यह जानकारी केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने आज राज्य सभा में एक लिखित उत्तर में दी है।

 

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