सहकारिता मंत्रालय
बहुउद्देशीय प्राथमिक सहकारी समितियां
Posted On:
25 MAR 2025 1:39PM by PIB Delhi
सरकार ने 15 फरवरी 2023 को देश में सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने और जमीनी स्तर तक इसकी पहुंच को बढ़ाने के लिए योजना को मंजूरी दी है। इस योजना में पांच साल की अवधि में देश के सभी पंचायतों/गांवों को कवर करते हुए नई बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (एम-पैक्स), डेयरी, मत्स्य सहकारी समितियों की स्थापना करना शामिल है। इसके लिए राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी), राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (एनएफडीबी) और राज्य सरकारों के सहयोग से डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (डीआईडीएफ), राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (एनपीडीडी), पीएम मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) आदि सहित भारत सरकार की विभिन्न मौजूदा योजनाओं को शामिल किया जाएगा।
राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस के अनुसार, 15.2.2023 को योजना की स्वीकृति के बाद से देश भर में कुल 12,957 (27.01.2025 तक) नई पैक्स, डेयरी और मत्स्य सहकारी समितियाँ पंजीकृत की गई हैं। राज्यवार स्थिति अनुलग्नक-I में संलग्न है।
पैक्स की व्यावसायिक गतिविधियों में विविधता लाने के लिए, सरकार ने राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों, राष्ट्रीय स्तर के संघों, राज्य सहकारी बैंकों (एसटीसीबी), जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (डीसीसीबी), आदि सहित सभी हितधारकों के परामर्श से पैक्स के लिए मॉडल उप-नियम तैयार किए और सभी राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को प्रसारित किए, जो उन्हें डेयरी, मत्स्य पालन, फूलों की खेती, गोदामों की स्थापना, खाद्यान्न, उर्वरक, बीज, एलपीजी/सीएनजी/पेट्रोल/डीजल वितरण, अल्पकालिक और दीर्घकालिक ऋण, कस्टम हायरिंग केंद्र, कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी), उचित मूल्य की दुकानें (एफपीएस), सामुदायिक सिंचाई, व्यवसाय संवाददाता गतिविधियों आदि सहित 25 से अधिक आर्थिक गतिविधियों को करने में सक्षम बनाते हैं। अब तक, 32 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों ने मॉडल उप-नियमों को अपनाया है या उनके मौजूदा उप-नियम मॉडल उप-नियमों के अनुरूप हैं।
अब तक 42,080 पैक्स सीएससी के रूप में काम कर रहे हैं; 36,193 पैक्स पीएमकेएसके के रूप में काम कर रहे हैं और 22,311 पैक्स एफपीएस का संचालन कर रहे हैं। इनका राज्यवार विवरण अनुलग्नक-II में संलग्न है।
अनुलग्नक- I
नव पंजीकृत सहकारी समितियां
|
राज्य/संघ राज्य क्षेत्र
|
पीएसीएस
|
डेरी
|
मछली पकड़ना
|
कुल
(पीएसीएस/डीसीएस/एफसीएस)
|
अंडमान व नोकोबार द्वीप समूह
|
1
|
1
|
7
|
9
|
आंध्र प्रदेश
|
0
|
896
|
1
|
897
|
अरुणाचल प्रदेश
|
12
|
9
|
12
|
33
|
असम
|
59
|
233
|
29
|
321
|
बिहार
|
25
|
283
|
0
|
308
|
छत्तीसगढ
|
0
|
136
|
195
|
331
|
गोवा
|
12
|
0
|
0
|
12
|
गुजरात
|
291
|
435
|
7
|
733
|
हरियाणा
|
2
|
43
|
5
|
50
|
हिमाचल प्रदेश
|
57
|
350
|
4
|
411
|
जम्मू और कश्मीर
|
84
|
1005
|
29
|
1118
|
झारखंड
|
44
|
131
|
73
|
248
|
कर्नाटक
|
128
|
453
|
17
|
598
|
लद्दाख
|
0
|
3
|
1
|
4
|
लक्षद्वीप
|
0
|
0
|
7
|
7
|
मध्य प्रदेश
|
16
|
443
|
154
|
613
|
महाराष्ट्र
|
148
|
668
|
73
|
889
|
मणिपुर
|
68
|
17
|
10
|
95
|
मेघालय
|
193
|
12
|
1
|
206
|
मिजोरम
|
25
|
2
|
2
|
29
|
नगालैंड
|
12
|
0
|
2
|
14
|
ओडिशा
|
1535
|
0
|
0
|
1535
|
पुदुचेरी
|
2
|
2
|
3
|
7
|
पंजाब
|
0
|
80
|
0
|
80
|
राजस्थान
|
760
|
1232
|
3
|
1995
|
सिक्किम
|
23
|
34
|
0
|
57
|
तमिलनाडु
|
21
|
478
|
21
|
520
|
तेलंगाना
|
0
|
15
|
67
|
82
|
दादरा एवं नगर हवेली और
दमन और दीव
|
4
|
0
|
1
|
5
|
त्रिपुरा
|
38
|
0
|
2
|
40
|
उत्तर प्रदेश
|
94
|
1181
|
189
|
1464
|
उत्तराखंड
|
0
|
66
|
81
|
147
|
पश्चिम बंगाल
|
13
|
86
|
0
|
99
|
कुल
|
3,667
|
8,294
|
996
|
12,957
|
अनुलग्नक- II
पीएमकेएसके, सीएससी और एफपीएस के रूप में कार्यरत पीएसीएस का राज्यवार विवरण
क्र. सं.
|
राज्य/संघ राज्य क्षेत्र
|
पीएमकेएसके के रूप में पीएसीएस
|
सीएससी के रूप में पीएसीएस
|
एफपीएस के रूप में पीएसीएस
|
1
|
अंडमान और निकोबार
द्वीप समूह
|
0
|
3
|
0
|
2
|
आंध्र प्रदेश
|
1246
|
1866
|
70
|
3
|
अरुणाचल प्रदेश
|
0
|
8
|
23
|
4
|
असम
|
0
|
620
|
402
|
5
|
बिहार
|
1483
|
3115
|
2774
|
6
|
छत्तीसगढ
|
2058
|
1897
|
1180
|
7
|
डीएनएच और डीडी
|
0
|
8
|
7
|
8
|
गोवा
|
2
|
34
|
64
|
9
|
गुजरात
|
3328
|
1979
|
798
|
10
|
हरियाणा
|
743
|
241
|
35
|
11
|
हिमाचल प्रदेश
|
763
|
797
|
1948
|
12
|
जम्मू और कश्मीर
|
144
|
481
|
30
|
13
|
झारखंड
|
363
|
1217
|
581
|
14
|
कर्नाटक
|
1797
|
1273
|
2661
|
15
|
केरल
|
976
|
12
|
230
|
16
|
लद्दाख
|
0
|
7
|
0
|
17
|
मध्य प्रदेश
|
4517
|
3793
|
3833
|
18
|
महाराष्ट्र
|
842
|
6055
|
1559
|
19
|
मणिपुर
|
39
|
77
|
1
|
20
|
मेघालय
|
0
|
75
|
4
|
21
|
मिजोरम
|
0
|
14
|
0
|
22
|
नगालैंड
|
0
|
7
|
1
|
23
|
ओडिशा
|
1636
|
628
|
77
|
24
|
पुदुचेरी
|
6
|
27
|
1
|
25
|
पंजाब
|
1590
|
1770
|
103
|
26
|
राजस्थान
|
4030
|
5096
|
1366
|
27
|
सिक्किम
|
0
|
53
|
56
|
28
|
तमिलनाडु
|
3183
|
4453
|
3949
|
29
|
तेलंगाना
|
679
|
536
|
24
|
30
|
त्रिपुरा
|
7
|
155
|
84
|
31
|
उत्तर प्रदेश
|
6,295
|
5126
|
196
|
32
|
उत्तराखंड
|
466
|
625
|
23
|
33
|
पश्चिम बंगाल
|
0
|
32
|
231
|
|
कुल
|
36,193
|
42,080
|
22,311
|
यह बात सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कही।
एमजी/केसी/जीके
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