मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय
ओडिशा में मत्स्य पालन का विकास
Posted On:
19 MAR 2025 2:10PM by PIB Delhi
केन्द्र सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय (एमओएफएएचएंडडी) का मत्स्य पालन विभाग (डीओएफ), ओडिशा समेत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 2020-21 से 2024-25 तक पांच वर्ष की अवधि के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) कार्यान्वित कर रहा है। मत्स्य पालन विभाग ने इस योजना के अंतर्गत पिछले चार वर्षों और मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान ओडिशा सरकार के 1264.23 करोड़ रुपये के व्यय प्रस्तावों को 510.94 करोड़ रुपये की केंद्रीय हिस्सेदारी के साथ मंजूरी दी है। राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत उपयोग रिपोर्ट के आधार पर ओडिशा सरकार को केंद्रीय हिस्सेदारी की अब तक 271.17 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।
केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित राष्ट्रीय समुद्री मत्स्य नीति, 2017 संधारणीयता सुनिश्चित करने के लिए मत्स्य संसाधनों के संरक्षण और महत्तम उपयोग का मार्गदर्शक सिद्धांत प्रदान करती है। मत्स्य पालन विभाग वाणिज्यिक तौर पर इस्तेमाल होने वाली मछलियों की प्रजातियों के प्रमुख प्रजनन मौसम के दौरान देश के पूर्वी और पश्चिमी तट के अनन्य आर्थिक क्षेत्र (ईईज़ेड) में मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लगाता है ताकि मत्स्य पालन के लिए सफल प्रजन्न और मजबूत रिक्रूटमेंट सुनिश्चित की जा सके। (रिक्रूटमेंट वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा मछलियां उस क्षेत्र में प्रवेश करती हैं जहां उन्हें पकड़ा जाता है) ओडिशा के पूर्वी तट पर मछली पकड़ने पर प्रतिबंध वार्षिक रूप से 15 अप्रैल से 15 जून तक लागू रहता है। उड़ीसा समुद्री मत्स्य विनियमन अधिनियम, 1981 के माध्यम से ओडिशा सरकार, अपने तटों पर मत्स्य पालन के सतत प्रबंधन के लिए राज्य की क्षेत्रीय जल सीमा में मछली पकड़ने की गतिविधियां भी नियंत्रित करती है।
केन्द्र सरकार के मत्स्य पालन विभाग ने शीत भण्डार और आइस प्लांट की 38 इकाइयां, मछली कियोस्क, ताजी मछलियां बिक्री केन्द्र, विशिष्ट तापमान बनाए रखने के वाहन, रेफ्रिजरेटेड वाहन, आइस बॉक्स वाले थ्री व्हीलर और आइस बॉक्स वाली मोटर साइकिल सहित मछली विपणन सुविधाओं की 1125 इकाइयां को मंजूरी दी है। ओडिशा के बालासोर और खोरदा जिलों में प्रसंस्करण सुविधा युक्त दो अत्याधुनिक थोक मछली बाजारों की भी अनुमति दी गई है। ओडिशा में मछली उत्पादन और इसका निर्यात बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत खारे जल और ताजे जल इत्यादि में मत्स्य पालन के लिए नए तालाबों का निर्माण, पुनःपरिसंचरण जलीय कृषि प्रणाली (आरएएस), टैंक में मछली पालन (बायोफ्लोक) और जलाशय में निर्धारित जगह पर फ्लोटिंग केज में मछली पालन जैसी गतिविधियों को भी मंजूरी दी गई है। इसके अतिरिक्त मत्स्य विभाग ने हाल ही में ओडिशा के बालासोर, भद्रक और मयूरभंज जिलों में झींगा मछली के उत्पादन और प्रसंस्करण क्लस्टर के विकास को अधिसूचित किया है।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मत्स्य विभाग ने पुरी के अस्तरंगा में 179.90 करोड़ रुपये की लागत से मछली पकड़ने के बंदरगाह निर्माण के ओडिशा सरकार के प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा, 108.91 करोड़ रुपये की लागत से पारादीप मछली पकड़ने के बंदरगाह के आधुनिकीकरण और उन्नयन के लिए पारादीप पोर्ट ट्रस्ट के प्रस्ताव को मत्स्य विभाग ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत शत-प्रतिशत केंद्रीय हिस्सेदारी के साथ मंजूरी दी है।
केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री श्री जॉर्ज कुरियन ने 19 मार्च, 2025 को राज्य सभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।***
एमजी/केसी/एकेवी/एसवी
(Release ID: 2112757)
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