पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय
झींगा कंटेनरों के निर्यात को बढ़ावा देना
Posted On:
18 MAR 2025 2:37PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत सरकार मछली पकड़ने के बंदरगाह, मछली पकड़ने के केंद्रों के निर्माण, मौजूदा मछली पकड़ने के बंदरगाहों के आधुनिकीकरण/उन्नयन और मछली पकड़ने के बंदरगाहों के रखरखाव के लिए राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और कार्यान्वयन एजेंसियों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। पिछले पांच वर्षों यानी 2020-21 से 2024-25 के दौरान इस योजना के तहत 3490 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस योजना में उत्पादन, उत्पादकता, निर्यात बढ़ाने और मूल्य श्रृंखला के विभिन्न घटकों में कमी होने के बाद होने वाले नुकसान को कम करने सहित प्रमुख कमियों को दूर करने के उद्देश्य से बुनियादी ढांचे में सतत निवेश का प्रावधान है।
समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एमपीईडीए), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत एक सांविधिक निकाय है जो समुद्री उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देता है और उसका विनियमन करता है। झींगा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एमपीईडीए द्वारा की गई पहल उत्पादन और प्रसंस्करण पर केंद्रित है, न कि बंदरगाह विशेष पर। निर्यात मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने के लिए, सरकार ने प्रमुख बंदरगाहों से सम्बंधित परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जैसे कि विशाखापत्तनम, चेन्नई, पारादीप, कोचीन और मुंबई बंदरगाह पर मछली पकड़ने के बंदरगाह का आधुनिकीकरण और उन्नयन, जिसके लिए सागरमाला के साथ पीएमएमएसवाई के तहत 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता दी गई है, जिसकी कुल लागत 651.14 करोड़ रुपये है। वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान, भारत ने 60,523.89 करोड़ रुपये मूल्य के 17,81, वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान, भारत ने 60,523.89 करोड़ रुपये मूल्य के 17,81,602 मीट्रिक टन समुद्री खाद्य का अब तक का सर्वाधिक निर्यात किया।
केंद्रीय पत्तन, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने राज्य सभा को एक लिखित उत्तर में दी।
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एमजी/आरपीएम/केसी/वीके/एमबी
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