सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
संसद प्रश्न: वर्तमान में अनुसूचित जाति के 263 और अनुसूचित जनजाति के 39 छात्र विदेश में कर रहे हैं अध्ययन
Posted On:
18 MAR 2025 2:08PM by PIB Delhi
पिछले दस वर्षों के दौरान विदेश में अध्ययन करने के लिए अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के विद्यार्थियों को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग तथा जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा प्रदान की गई राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति (एनओएस) का विवरण निम्नानुसार है:
क्र. सं.
|
वर्ष
|
पिछले दस वर्षों के दौरान विदेश में अध्ययन के लिए एनओएस के तहत चयनित अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों की संख्या
|
अनुसूचित जाति
|
अनुसूचित जनजाति
|
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1.
|
2014-15
|
59
|
20
|
|
2.
|
2015-16
|
50
|
15
|
|
3.
|
2016-17
|
108
|
16
|
|
4.
|
2017-18
|
178
|
20
|
|
5.
|
2018-19
|
97
|
20
|
|
6.
|
2019-20
|
97
|
20
|
|
7.
|
2020-21
|
90
|
20
|
|
8.
|
2021-22
|
122
|
20
|
|
9.
|
2022-23
|
119
|
20
|
|
10.
|
2023-24
|
117
|
23
|
|
कुल
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1037
|
194
|
|
*पिछले वर्षों के रिक्त स्थानों को आगे बढ़ाया गया।
|
वर्तमान में अनुसूचित जाति के 263 और अनुसूचित जनजाति के 39 छात्र विदेश में अध्ययन कर रहे हैं। सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग और जनजातीय मामलों के मंत्रालय द्वारा प्रक्रिया का सरलीकरण, पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित करना; पुलिस सत्यापन की आवश्यकता को समाप्त करना और लंबित मामले/अपराध में दोषसिद्धि न होने के संबंध में स्व-घोषणा प्राप्त करना; क्यूएस रैंकिंग आधारित चयन प्रक्रिया की शुरुआत; परिवार की आय सीमा, स्लॉट की संख्या और वित्तीय सहायता की राशि में वृद्धि जैसी नई पहल की गई हैं।
यह जानकारी केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री रामदास अठावले ने मंगलवार को लोक सभा में दी।
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