सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय
राष्ट्रीय राजमार्गों का रखरखाव
प्रविष्टि तिथि:
05 DEC 2024 5:55PM by PIB Delhi
देश में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) नेटवर्क की 1,46,195 किमी लंबाई में से, चालू वित्त वर्ष के दौरान लगभग 816 किमी लंबाई में क्षति की सूचना मिली है।
एनएच का विकास और रखरखाव एक सतत प्रक्रिया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) और इसकी विभिन्न कार्यकारी एजेंसियों द्वारा समय-समय पर एनएच की स्थिति का आकलन किया जाता है। एनएच को यातायात लायक स्थिति में रखने के लिए समय-समय पर एनएच पर रखरखाव कार्य किए जाते हैं।
पिछले पाँच वर्षों के दौरान एनएच के रखरखाव और मरम्मत (एमएंडआर) पर एमओआरटीएच द्वारा आवंटित और व्यय किए गए धन का विवरण इस प्रकार है:-
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धनराशि करोड़ रूपये में
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वर्ष
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आवंटन
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व्यय
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2019-20
|
3,418
|
3,011
|
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2020-21
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5,948
|
5,948
|
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2021-22
|
5,214
|
5,135
|
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2022-23
|
6,510
|
6,278
|
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2023-24
|
6,581
|
6,523
|
पिछले पाँच वर्षों के दौरान सभी प्रकार के रखरखाव और मरम्मत (एम एंड आर) कार्यों के अंतर्गत रखरखाव/मरम्मत/सुधार किए गए राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई का राज्य/केंद्र शासित प्रदेशवार विवरण संलग्नक में दिया गया है।
सरकार ने मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के रखरखाव को प्राथमिकता दी है और अन्य बातों के साथ, जवाबदेह रखरखाव एजेंसी के माध्यम से सभी राष्ट्रीय राजमार्ग खंडों के रखरखाव और मरम्मत को सुनिश्चित करने के लिए एक तंत्र विकसित किया है।
राष्ट्रीय राजमार्गों के उन खंडों का रखरखाव और मरम्मत, जहाँ विकास कार्य शुरू हो गए हैं या संचालन, रखरखाव और हस्तांतरण (ओएमटी) रियायते/संचालन और रखरखाव (ओएंडएम) अनुबंध प्रदान किए गए हैं, डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड (डीएलपी)/रियायत अवधि के अंत तक संबंधित रियायतधारी/ठेकेदारों की जिम्मेदारी है। इसी प्रकार, टीओटी (टोल आपरेट एंड ट्रांसफर) और इन्विट (इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट) के तहत किए गए राष्ट्रीय राजमार्गों के खंडों के लिए, रियायत अवधि के अंत तक संबंधित रियायतधारी की रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी है।
राष्ट्रीय राजमार्गों के शेष सभी खंडों के लिए, सरकार ने परफारमेंस आधारित रखरखाव अनुबंध (पीबीएमसी) या अल्पकालिक रखरखाव अनुबंध (एसटीएमसी) के माध्यम से रखरखाव कार्य करने का नीतिगत निर्णय लिया है।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) राष्ट्रीय राजमार्गों के स्थायित्व को बढ़ाने और रखरखाव की आवश्यकताओं को कम करने के लिए नवीन तकनीकों या विधियों को अपनाने को प्रोत्साहित करता है (बारिश, भू-भाग के प्रकार, मिट्टी की श्रेणी आदि जैसे कारकों पर निर्भर करता है)। इस तरह की नवीन तकनीकों या विधियों में सब-ग्रेड का स्थिरीकरण, उप-आधार/आधार में जियोसिंथेटिक के असर वाली परत (परतें), कंक्रीट सड़कें/व्हाइट टापिंग, स्थायी फुटपाथ, हाई परफारमेंस बिटुमिनस मिश्रण, संशोधित बिटुमिन/बिटुमिनस मिश्रण, फाइबर प्रबलित कंक्रीट, सीमेंट ग्राउटेड बिटुमिनस मिश्रण, इंटेलिजेंट कांपैक्शन आदि शामिल हैं।
संलग्नक
लोकसभा के अतारांकित प्रश्न संख्या 1822 के भाग (ग) के उत्तर में उल्लिखित संलग्नक, जिसका उत्तर 05.12.2024 को एडवोकेट चंद्र शेखर द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव के संबंध में पूछे गए प्रश्न में दिया गया था।
पिछले पाँच वर्षों के दौरान सभी प्रकार के रखरखाव और मरम्मत कार्यों के अंतर्गत बनाए रखे/मरम्मत/सुधार किए गए राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई का राज्य/केंद्र शासित प्रदेशवार विवरण:-
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लंबाई किमी में
|
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क्रम सं.
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राज्य/यूटी
|
2019-20
|
2020-21
|
2021-22
|
2022-23
|
2023-24
|
|
1
|
आंध्र प्रदेश
|
2,757
|
3,073
|
2,950
|
3,257
|
2,757
|
|
2
|
अरुणाचल प्रदेश
|
0
|
88
|
116
|
174
|
0
|
|
3
|
असम
|
575
|
727
|
670
|
749
|
575
|
|
4
|
बिहार
|
309
|
464
|
489
|
361
|
309
|
|
5
|
चंडीगढ़
|
20
|
89
|
144
|
53
|
20
|
|
6
|
गोवा
|
13
|
13
|
13
|
50
|
13
|
|
7
|
गुजरात
|
2,998
|
3,092
|
3,130
|
3,429
|
2,998
|
|
8
|
हरियाणा
|
716
|
830
|
1,227
|
1,706
|
716
|
|
9
|
हिमाचल प्रदेश
|
370
|
488
|
471
|
500
|
370
|
|
10
|
झारखंड
|
435
|
776
|
782
|
818
|
435
|
|
11
|
कर्नाटक
|
2,021
|
1,881
|
1,753
|
1,627
|
2,021
|
|
12
|
केरल
|
119
|
216
|
123
|
184
|
119
|
|
13
|
मध्य प्रदेश
|
1,371
|
1,412
|
1,513
|
1,680
|
1,371
|
|
14
|
महाराष्ट्र
|
1,102
|
1,382
|
1,467
|
1,724
|
1,102
|
|
15
|
मणिपुर
|
420
|
381
|
461
|
430
|
420
|
|
16
|
मेघालय
|
47
|
73
|
40
|
232
|
47
|
|
17
|
मिजोरम
|
53
|
279
|
423
|
17
|
53
|
|
18
|
नगालैंड
|
63
|
159
|
83
|
84
|
63
|
|
19
|
ओडिशा
|
86
|
416
|
659
|
880
|
86
|
|
20
|
पंजाब
|
562
|
972
|
1,083
|
1,538
|
562
|
|
21
|
राजस्थान
|
2,344
|
2,910
|
3,106
|
3,300
|
2,344
|
|
22
|
सिक्किम
|
31
|
97
|
28
|
28
|
31
|
|
23
|
तमिलनाडू
|
869
|
820
|
941
|
1,329
|
869
|
|
24
|
तेलंगाना
|
563
|
943
|
889
|
1,270
|
563
|
|
25
|
त्रिपुरा
|
185
|
432
|
343
|
337
|
185
|
|
26
|
उत्तर प्रदेश
|
2,460
|
2,644
|
3,021
|
3,953
|
2,460
|
|
27
|
उत्तराखंड
|
218
|
407
|
739
|
718
|
218
|
|
28
|
पश्चिम बंगाल
|
231
|
134
|
218
|
95
|
231
|
|
29
|
|
36
|
43
|
11
|
94
|
90
|
|
30
|
दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दिउ
|
49
|
49
|
49
|
49
|
12
|
|
31
|
जम्मू एंड कशमीर
|
429
|
429
|
454
|
334
|
428
|
|
|
कुल योग
|
21,450
|
25,721
|
27,393
|
31,002
|
36,503
|
यह जानकारी आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी द्वारा दी गई।
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एमजी/आरपीएम/केसी/
(रिलीज़ आईडी: 2081915)
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