ग्रामीण विकास मंत्रालय
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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्टार्ट-अप ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम की वस्तु-स्थिति

प्रविष्टि तिथि: 06 DEC 2024 5:52PM by PIB Delhi

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) की उप-योजना दीनदयाल अंत्योदय योजना के अंदर आने वाला स्टार्ट-अप ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम (एसवीईपी), गैर-कृषि क्षेत्र में छोटे उद्यम स्थापित करने के लिए स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और उनके परिवार के सदस्यों का समर्थन करता है। एसवीईपी परियोजनाएं एक ब्लॉक में कार्यान्वित की जाती हैं और इनकी अवधि चार साल की होती है। इस योजना को 6 मई, 2015 को मंजूरी दी गई थी और 2015-16 के दौरान राज्य सरकारों से एसवीईपी को अमल में लाने के लिए कार्य योजनाएं आमंत्रित की गई थीं। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) का निर्माण, अनुमोदन और फंड जारी करना 2016-17 में शुरू हुआ।

उद्यम का गठन 2017-18 में शुरू हुआ। अब तक, पुदुचेरी समेत 31 राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों के 429 ब्लॉक में एसवीईपी को मंजूरी दी गई है, जिसमें से 280 ब्लॉक में डीपीआर को मंजूरी दे दी गई है और कार्यक्रम का कार्यान्वयन शुरू हो गया है। एसवीईपी के अंतर्गत, अब तक कुल 3,13,464 उद्यमों को समर्थन दिया गया है। राज्य/ संघ राज्य क्षेत्र-वार विवरण अनुलग्नक-I में दिया गया है।

अब तक, एसवीईपी के अंतर्गत राज्यों/ केंद्रशासित प्रदेशों को जारी की गई कुल केंद्रीय हिस्सेदारी 56,113.39 लाख रुपये है। केंद्रीय हिस्सा जारी करने का राज्य/ केंद्र शासित प्रदेश-वार विवरण अनुलग्नक-II में दिया गया है।

क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) की ओर से 2018-19 के दौरान एसवीईपी की मध्यावधि समीक्षा की गई, जिसने कार्यक्रम के उद्देश्यों को पूरा करने में सक्षम होने का संकेत दिया। इसके कुछ प्रमुख निष्कर्ष थे:

  1. सभी ब्लॉक से उद्यमियों का 82% हिस्सा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणियों से है
  2. 75% उद्यमों का स्वामित्व और प्रबंधन महिलाओं के पास था
  3. कुल घरेलू आय का 57% एसवीईपी के तहत प्रचारित उद्यमों के जरिए आता है
  4. उद्यमियों की औसत सकल आय उद्यम शुरू करने के दौरान बताई गई आकांक्षी आय से अधिक है
  5. लगभग 96% उद्यमियों ने बचत में बढ़ोतरी की जानकारी दी
  6. साक्षात्कार में शामिल 70% उद्यमियों ने बताया कि सामुदायिक उद्यम निधि (सीईएफ) से कर्ज लेना आसान है

इसके अलावा, स्वीकृत और कार्यान्वित परियोजनाओं की निगरानी और समीक्षा दो स्तरों पर, यानी केंद्रीय स्तर पर राष्ट्रीय मिशन प्रबंधन इकाई (एनएमएमयू) की ओर से और प्रदेश स्तर पर राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एसआरएलएम) की ओर से की जाती है।

केंद्रीय स्तर: केंद्रीय स्तर पर, एनएमएमयू समय-समय पर प्रगति की समीक्षा करता है और योजना के अंतर्गत स्वीकृत एसवीईपी परियोजनाओं की निगरानी करता है। केंद्रीय स्तर पर समीक्षा और निगरानी में विभिन्न स्तरों पर एसवीईपी परियोजनाओं के प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (केपीआई) की निगरानी शामिल है।

प्रदेश स्तर: स्वीकृत परियोजना की निगरानी और आवधिक समीक्षा के लिए प्रदेश स्तर पर एक समिति गठित की जाती है, जिसकी अध्यक्षता एसआरएलएम के मिशन निदेशक करते हैं। राज्य समिति में संबंधित राज्य विभागों की भागीदारी होती है। यह समिति तिमाही समीक्षा करती है।

हाँ, एसवीईपी उद्यमियों की जानकारी क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) के साथ साझा की जाती है, ताकि समुदाय आधारित संगठनों (सीबीओ) में अन्य एसएचजी सदस्यों को उद्यमिता गतिविधियां शुरू करने का प्रोत्साहन मिल सके। बेहतर क्रॉस लर्निंग के लिए इन उद्यमियों की एक्सपोजर विजिट विभिन्न सामुदायिक संस्थानों में भी आयोजित की जाती हैं। इसके साथ ही, एसवीईपी उद्यमियों की सफलता की कहानियां विभिन्न मंचों पर प्रकाशित और साझा की जाती हैं। मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के उद्यमी अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और बाजार से जुड़ाव स्थापित करने के लिए राष्ट्रीय सरस मेला में भी भाग लेते हैं।

अनुलग्नक-I

एसवीईपी ब्लॉक - राज्य/ केंद्र शासित प्रदेश-वार वार्षिक कार्य योजना (एएपी), डीपीआर अनुमोदित और 31 अक्टूबर, 2024 तक गठित उद्यम

क्रम संख्या

प्रदेश/ केंद्र शासित प्रदेश

ब्लॉकों की संख्या, जहां एएपी ने मंजूरी दी

ब्लॉकों की संख्या जहां डीपीआर ने मंजूरी दी

गठित कुल उद्यम (31 अक्टूबर, 2024)

1

आंध्र प्रदेश

14

8

27,651

2

अरुणाचल प्रदेश

1

1

506

3

असम

24

24

6,839

4

बिहार

32

22

24,892

5

छत्तीसगढ़

25

9

21,016

6

गोवा

1

1

1,398

7

गुजरात

7

3

5,940

8

हरियाणा

6

6

9,854

9

हिमाचल प्रदेश

9

1

527

10

जम्मू एवं कश्मीर

20

8

3,476

11

झारखंड

35

24

25,991

12

कर्नाटक

20

8

1,700

13

केरल

43

33

34,569

14

मध्य प्रदेश

21

14

28,318

15

महाराष्ट्र

14

8

8,134

16

मणिपुर

4

2

1,897

17

मेघालय

3

3

1,191

18

मिजोरम

4

4

1,308

19

नगालैंड

4

4

4,118

20

ओडिशा

17

12

15,043

21

पंजाब

3

3

3,425

22

राजस्थान

18

18

9,839

23

सिक्किम

1

1

516

24

तमिलनाडु

10

4

4,834

25

तेलंगाना

22

10

17,824

26

त्रिपुरा

7

3

1,188

27

उत्तर प्रदेश

27

19

28,904

28

उत्तराखंड

4

4

3,674

29

पश्चिम बंगाल

31

23

18,892

30

पुदुचेरी

1

0

0

31

अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह

1

0

0

 

कुल

429

280

3,13,464

 

अनुलग्नक-II

राज्यों/ केंद्रशासित प्रदेशों को एसवीईपी केंद्रीय हिस्सी जारी (राशि लाख रुपये में)

क्रम संख्या

प्रदेश/ केंद्र शासित प्रदेश

स्वीकृत राशि

केंद्र का हिस्सा

जारी किया गया कुल केंद्रीय हिस्सा (31 अक्टूबर 2024 तक)

1

आंध्र प्रदेश

5,868.63

3,521.18

2,550.88

2

अरुणाचल प्रदेश

938.36

844.53

170.6

3

असम

8,053.65

7,248.28

3,782.62

4

बिहार

14,370.88

8,622.53

3,821.71

5

छत्तीसगढ़

5,651.17

3,390.70

2,169.35

6

गोवा

763.4

458.04

167.87

7

गुजरात

2,617.20

1,570.32

727.74

8

हरियाणा

3,407.90

2,044.74

1,693.50

9

हिमाचल प्रदेश

1,002.50

902.25

207.51

10

जम्मू एवं कश्मीर

6,277.65

5,649.88

1,531.25

11

झारखंड

10,629.36

6,377.62

4,839.27

12

कर्नाटक

2,316.73

1,390.04

1,086.00

13

केरल

16,197.03

9,718.22

5,711.93

14

मध्य प्रदेश

10,577.19

6,346.31

3,397.91

15

महाराष्ट्र

5,695.00

3,417.00

1,580.61

16

मणिपुर

1,743.45

1,569.10

742.53

17

मेघालय

1,474.34

1,326.91

319.46

18

मिजोरम

2,447.88

2,203.10

766.63

19

नगालैंड

2,412.53

2,171.28

1,348.39

20

ओडिशा

7,908.90

4,745.34

2,829.71

21

पंजाब

1,868.37

1,121.02

497.44

22

राजस्थान

6,042.50

3,625.50

3,240.60

23

सिक्किम

685.89

617.3

158.63

24

तमिलनाडु

3,875.07

2,325.04

906.64

25

तेलंगाना

7,494.79

4,496.87

2,398.18

26

त्रिपुरा

1,230.88

1,107.79

587.77

27

उत्तर प्रदेश

10,038.52

6,023.11

3,899.39

28

उत्तराखंड

2,483.62

2,235.26

1,120.70

29

पश्चिम बंगाल

12,765.80

7,659.48

3,758.58

30

अंडमान एवं निकोबार

200

200

50

31

पुदुचेरी

200

200

25

32

दमन और दीव दादरा और नगर हवेली

100

100

0

33

लक्षद्वीप

100

100

0

34

लद्दाख

100

100

25

 

कुल

156,839.19

103,428.74

56,113.39

 

यह जानकारी ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

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एमजी/केसी/एमएम


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