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मौलिक विचारों की लंबी आयु होती है : संगीतकार ए.आर. रहमान


विदेशी सैलानियों को आकर्षित करने के लिए हमें संगीत थिएटरों को नए सिरे से स्थापित करने की जरूरत है: ए.आर. रहमान

हमें लोगों को कला की गहराई का अहसास कराने की जरूरत है: ए.आर. रहमान

संगीत में कष्ट हरने की शक्ति होती है; संगीत के पुनर्जागरण से नागालैंड फिर से उभर का सामने आया है: ए.आर. रहमान

लता मंगेशकर ने उत्कृष्टता को परिभाषित किया: ए.आर. रहमान

भारत में संगीत थिएटर पर लता मंगेशकर स्मृति संवाद में ए.आर. रहमान

वार्षिक हॉर्नबिल प्रतियोगिता में अतिथि के तौर पर भाग लेने के लिए नागालैंड से निमंत्रण मिलने के साथ शुरू हुआ संगीतकार ए.आर. रहमान का सफर वृत्तचित्र निर्माण में कदम रखने के सिलसिले से सम्‍पन्‍न हुआ।

परिणाम स्‍वरूप हेडहंटिंग टू बीटबॉक्सिंग विषय से एक डॉक्यूमेंट्री फिल्‍म (वृत्तचित्र) बनी जो पूर्वोत्‍तर के राज्य नागालैंड में नागा जनजाति की संगीत यात्रा को दर्शाती है। डॉक्यूमेंट्री में दिखाया गया है कि कैसे संगीत की कष्‍ट हरने की शक्ति ने हिंसा और रक्तपात की चपेट से नागालैंड को मुक्‍त कर उसे पुनर्जीवन दिया और संगीत के पुनर्जागरण से उभरने में मदद की। गोवा में 55वें भारतीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) में इस डॉक्‍यूमेंट्री का प्रीमियर हुआ।

श्री ए आर रहमान ने आज आईएफएफआई 2024 के मौके पर गोवा कला अकादमी में एक संवाद सत्र में कहा कि नागाओं को संगीत बेहद पसंद है। उनके यहां संगीत और कला विभाग के मंत्री भी हैं। रहमान भारत में संगीत थिएटर विषय पर लता मंगेशकर स्मृति संवाद को संबोधित कर रहे थे।

श्री रहमान ने कहा कि पश्चिमी दुनिया में संगीत थिएटर बड़ी संख्या में सैलानियों को आकर्षित करते हैं। हमारे पास भी इसके लिए सभी आवश्यक कला क्षमताएं मौजूद हैं पर इसका बुनियादी ढांचा और विकसित कर इसे अधिक आकर्षक बनाने की ज़रूरत है ताकि पर्यटकों के साथ ही अन्य देशों से वित्त भी आकर्षित हो सके।

श्री रहमान ने कहा कि बढ़ते शहरीकरण और तंग जगहों से घर अक्सर जेल लगने लगते हैं। हमें लोगों को आकर्षित करने के लिए उन्‍हें कला की गहराई का अहसास कराने की जरूरत है। उन्‍होंने कहा कि देश के कई हिस्सों में संगीत थिएटर की समृद्ध विरासत है और यह भी उन्‍हें हमारी ओर खींच सकता है। लेकिन संगीत और प्रौद्योगिकी के साथ हमें इन संगीत थिएटरों को फिर से स्‍थापित करने की आवश्यकता है ताकि ये विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्‍द्र बन सकें।

अपनी प्रेरणा स्रोतों के बारे में श्री रहमान ने कहा कि उनकी प्रेरणा लता जी रही हैं जो संगीत में पूर्णता की प्रतिमूर्ति थी। वे माइकल जैक्सन जैसे कलाकारों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत थी।

श्री रहमान ने संयुक्त अरब अमीरात में अपने हाल के संगीत प्रदर्शन के अनुभवों की भी चर्चा की जहां उन्होंने भारतीय संगीत पेश किया। संगीत निर्माण के व्यापक दिशा-निर्देशों के बारे में प्रतिभागियों के सवाल पर रहमान ने उन्हें मौलिकता अपनाने की सलाह दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि मौलिक विचारों की ही लंबी आयु होती है।

संगीत उद्योग पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के प्रभाव पर रहमान ने कहा कि इसका बेहतर उपयोग लोगों के उद्देश्‍यपूर्ण मनोरंजन के लिए किया होना चाहिए। उन्होंने कृत्रिम बौद्धिक्‍ता से लोगों की नौकरियां छिन जाने के प्रति भी आगाह किया। श्री रहमान ने क्लाउड-आधारित संगीत के बारे में अलग नजरिया प्रस्‍तुत किया। उन्होंने कहा कि हमें अपने पास एनालॉग कॉपी भी रखनी चाहिए क्‍योंकि ऐसा न हो सारा क्लाउड-आधारित संगीत गायब हो जाए। रहमान ने कहा कि जब हमारे पास किसी कलाकार का संगीत रिकॉर्ड होता है तो यह उस कलाकार के प्रति हमारे सम्मान दर्शाता है।

श्री रहमान के साथ संवाद सत्र का संचालन जाने-माने पत्रकार श्री नमन रामचंद्रन ने किया।

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एमजी/केसी/एकेवी/एसएस

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