सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय
सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र में नवाचार
प्रविष्टि तिथि:
29 JUL 2024 4:57PM by PIB Delhi
सरकार ने देश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को सहायता प्रदान करने और एक सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं:
i. एमएसएमई क्षेत्र के दायरे को व्यापक बनाने के लिए निवेश और टर्नओवर के आधार पर उच्च सीमा वाले एमएसएमई के वर्गीकरण के लिए नए मानदंड 26.06.2020 को अधिसूचित किए गए।
ii. 200 करोड़ रुपये तक की खरीद के लिए कोई निविदा नहीं होगी।
iii. व्यापार करने में आसानी के लिए एमएसएमई के लिए "उद्यम पंजीकरण" 01.07.2020 को लॉन्च किया गया।
iv. अनौपचारिक सूक्ष्म उद्यमों को औपचारिक दायरे में लाने के लिए 11.01.2023 को उद्यम असिस्ट प्लेटफॉर्म का शुभारंभ।
v. क्रेडिट उद्देश्य हेतु दिनांक 02.07.2021 को खुदरा और थोक व्यापारियों का एमएसएमई के रूप में समावेशन।
vi. एमएसएमई की स्थिति में उर्ध्वगामी बदलाव की स्थिति में गैर-कर लाभ 3 साल के लिए बढ़ाए गए।
vii. वस्तुओं और सेवाओं के खरीदारों से सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों की बकाया राशि की शिकायत दर्ज करने और निगरानी के लिए समाधान पोर्टल का शुभारंभ।
viii. शिकायतों के निवारण और एमएसएमई की मदद सहित ई-गवर्नेंस के कई पहलुओं को कवर करने के लिए जून, 2020 में एक ऑनलाइन पोर्टल "चैंपियंस" लॉन्च किया गया।
सरकार ने 10 मार्च 2022 को इनक्यूबेशन और डिजाइन संबंधी उपायों के माध्यम से विचारों को नवीन अनुप्रयोगों में विकसित करने से लेकर संपूर्ण मूल्य श्रृंखला में नवाचारों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एमएसएमई नवाचार योजना (इनोवेटिव स्कीम) (इनक्यूबेशन, डिजाइन और बौद्धिक संपदा अधिकार) शुरू की। योजना के अंतर्गत प्रदान की जाने वाली वित्तीय सहायता नीचे उल्लिखित है:
i. इन्क्यूबेशन: प्रत्येक आइडिया के लिए 15 लाख रुपये तक रुपये तक की वित्तीय सहायता। संबंधित संयंत्र और मशीनों के लिए 1.00 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे।
ii.डिज़ाइन: डिज़ाइन प्रोजेक्ट के लिए 40 लाख रुपये तक तथा छात्र प्रोजेक्ट के लिए 2.5 लाख रुपये दिए जाएंगे।
iii. बौद्धिक संपदा अधिकार: विदेशी पेटेंट के लिए 5 लाख रुपये तक, घरेलू पेटेंट के लिए 1.00 लाख रुपये, जीआई पंजीकरण के लिए 2.00 लाख रुपये। डिज़ाइन पंजीकरण के लिए 15,000/- रुपये, ट्रेडमार्क के लिए 10,000/- रुपये प्रतिपूर्ति के रूप में प्रदान किए जाएंगे।
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, दीनदयाल अंत्योदय योजना- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को कम ब्याज दर पर ऋण दिए जा रहे हैं, जिसमें ₹3 लाख तक के ऋणों के लिए 7% प्रतिशत वार्षिक की रियायती ब्याज दरों पर एसएचजी महिलाओं को दिए जाने वाले ऋण पर ब्याज छूट प्रदान की जा रही है।
इसके अलावा, दीनदयाल अंत्योदय योजना- राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत, शहरी गरीबों को व्यक्तिगत और समूह उद्यम स्थापित करने में वित्तीय सहायता 7 प्रतिशत ब्याज दर से अधिक बैंक ऋण पर ब्याज सब्सिडी के रूप में उपलब्ध है।
जैसा कि भारतीय बैंक संघ द्वारा सूचित किया गया है, लगाए गए शुल्कों की समीक्षा समय-समय पर बैंक के बोर्ड या बोर्ड द्वारा अधिकृत किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा की जाती है।
यह जानकारी केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री जीतन राम मांझी ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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एमजी/एआर/एसटी/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2038795)
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