कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय
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मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन और मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजनाएँ

प्रविष्टि तिथि: 19 DEC 2023 5:30PM by PIB Delhi

भारत सरकार वर्ष 2014-15 से सतत कृषि के लिए राष्ट्रीय मिशन की मृदा स्वास्थ्य और उर्वरता पर राष्ट्रीय परियोजना के तहत मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन (सॉइल हेल्थ मैनेजमेंट) और मृदा स्वास्थ्य कार्ड (सॉइल हेल्थ कार्ड) योजनाएं लागू कर रही है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड किसानों को उनकी मिट्टी में पोषक तत्वों की स्थिति के बारे में जानकारी प्रदान करता है, साथ ही मिट्टी के स्वास्थ्य और इसकी उत्पादकता में सुधार के लिए लागू किए जाने वाले पोषक तत्वों की उचित खुराक पर सिफारिशें भी प्रदान करता है। अब तक किसानों को 23.58 करोड़ मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किये जा चुके हैं। अब, इन योजनाओं का राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) के मृदा स्वास्थ्य और उर्वरता घटक के रूप में विलय कर दिया गया है। योजना के तहत मिट्टी के स्वास्थ्य के संबंध में समय-समय पर किसानों को विभिन्न गतिविधियों के कार्यान्वयन के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। मृदा स्वास्थ्य कार्ड (एसएचसी) पर सिफारिशों के आधार पर, जैविक खाद और जैव उर्वरकों के साथ माध्यमिक और सूक्ष्म पोषक तत्वों सहित रासायनिक उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग पर सिफारिशों को अपनाने के लिए किसानों के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए प्रशिक्षण और प्रदर्शन आयोजित किए जाते हैं। अब तक देश भर में मृदा स्वास्थ्य कार्ड सिफारिशों पर 93781 किसान प्रशिक्षण, 6.45 लाख प्रदर्शन, 7425 किसान मेले/अभियान आयोजित किए जा चुके हैं।

2014-15 से, देश भर में कुल 8272 मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएँ (1068 स्थिर मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएँ, 163 मोबाइल मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएँ, 6376 मिनी मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएँ और 665 ग्राम स्तरीय मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएँ) स्थापित की गई हैं। स्थापित मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं का राज्यवार विवरण नीचे दिया गया है:

वर्ष 2014-15 से 2023-24 तक योजना के अंतर्गत देश में स्थापित मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं का राज्यवार विवरण

 

 

क्र.सं.

राज्य

स्‍टेटिक प्रयोगशाला

मोबइल प्रयोगशाला

मिनी प्रयोगशाला

ग्राम स्तरीय प्रयोगशाला

1

अंडमान और निकोबार

1

0

0

0

2

आंध्र प्रदेश

47

13

1328

16

3

अरुणाचल प्रदेश

17

3

0

0

4

असम

26

0

214

0

5

बिहार

39

9

0

72

6

छत्तीसगढ

33

0

111

35

7

गोवा

2

0

0

0

8

गुजरात

22

0

230

30

9

हरियाणा

53

0

104

36

10

हिमाचल प्रदेश

11

7

69

0

11

जम्मू और कश्मीर

22

12

0

21

12

झारखंड

29

0

1300

0

13

कर्नाटक

96

1

6

291

14

केरल

22

11

0

0

15

लद्दाख

2

0

0

1

16

मध्य प्रदेश

50

0

626

12

17

महाराष्ट्र

213

31

48

0

18

मणिपुर

9

3

3

2

19

मेघालय

5

0

8

0

20

मिजोरम

3

3

0

0

21

नगालैंड

16

3

0

74

22

ओडिशा

30

30

0

40

23

पुदुचेरी

3

0

0

0

24

पंजाब

24

3

0

0

25

राजस्थान

101

12

0

0

26

सिक्किम

3

0

0

14

27

तमिलनाडु

36

16

0

1

28

तेलंगाना

40

4

2050

0

29

दादरा और नगर हवेली एंड दमन और दीव

0

0

0

0

30

त्रिपुरा

4

2

100

13

31

उत्तर प्रदेश

75

0

179

6

32

उत्तराखंड

13

0

0

1

33

पश्चिम बंगाल

21

0

0

0

कुल योग

1068

163

6376

665

 

मानव शक्ति की नियुक्ति के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को कोई वित्तीय सहायता प्रदान नहीं की जाती है, इसलिए, मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं में काम करने वाले कर्मचारियों का डेटा भारत सरकार द्वारा नहीं रखा जाता है। योजना के तहत मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं के लिए राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को कुल 229.95 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसमें से पिछले पांच वर्षों में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को 83.31 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

यह जानकारी केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

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