वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय

नई दिल्ली में 10.03.2023 को आयोजित भारत-अमेरिका वाणिज्यिक वार्ता का संयुक्त वक्तव्य

Posted On: 10 MAR 2023 8:35PM by PIB Delhi

नई दिल्ली में 10.03.2023 को आयोजित भारत-अमेरिका वाणिज्यिक वार्ता का संयुक्त वक्तव्य निम्नलिखित है:

1. 10 मार्च 2023 को भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने नई दिल्ली में द्विपक्षीय वाणिज्यिक वार्ता की 5वीं मंत्रिस्तरीय बैठक आयोजित की। भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री, श्री पीयूष गोयल, और अमेरिकी वाणिज्य सचिव श्री जीना रायमोंडो ने सितंबर 2021 के  अमेरिका-भारतीय नेतृत्व के संयुक्त बयान के अनुसार वाणिज्यिक संवाद की फिर से शुरुआत करते हुए इसकी सह-अध्यक्षता की जिसमें  द्विपक्षीय वाणिज्यिक साझेदारी में उभरते क्षेत्रों और इसके भविष्य पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित किया गया। वाणिज्यिक वार्ता अमेरिका-भारत व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने, समावेशी और निष्पक्ष व्यापार और निवेश नीतियों को विकसित करने, और बाजारों में नए अवसरों को पाने की कोशिश में लगे निजी क्षेत्र की रुचि का फायदा उठाने के लिए चल रहे प्रयासों का हिस्सा है जो कि दोनों देशों की समृद्धि बढ़ाएंगे।

2. माननीय मंत्री और सचिव ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि द्विपक्षीय वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार 2014 से लगभग दोगुना हो गया है और 2022 में 191 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक पर पहुंच गया है, ये त्वरित विकास का संकेत है जो दोनों देशों को लाभ पहुंचा रहा है। 2022 में संयुक्त राज्य अमेरिका के भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बनने के साथ, दोनों पक्ष अपने वाणिज्यिक सहयोग को बढ़ाने और कई क्षेत्रों में बाजार की संभावनाओं का पूरा फायदा उठाने के लिए और कदम उठाएंगे। दोनों पक्ष आगे छोटे और मध्यम आकार के उद्यमों (एसएमई) और स्टार्ट-अप कंपनियों सहित निवेश में वृद्धि के लिए एक सक्षम वातावरण को बढ़ावा देने के लिए सर्वोत्तम समन्वय की कल्पना करते हैं।

3. सचिव श्री रायमोंडो ने नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन और पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान सहित अपने बुनियादी ढांचा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए भारत की पहलों पर बात की।  उन्होंने भारत की नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी के उद्देश्यों की भी बात कही, जो व्यापार को बढ़ावा देने में और भारत के लॉजिस्टिक सेक्टर को डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में सक्षम बनाना चाहता है। माननीय मंत्री श्री गोयल ने 2022 के चिप्स एंड साइंस एक्ट, इन्फ्लेशन रिडक्शन एक्ट, और इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट एंड जॉब्स एक्ट जैसी अमेरिकी पहलों की महत्वाकांक्षी प्रकृति को स्वीकार किया और उसकी क्षमता को माना, जो घरेलू विनिर्माण में निवेश के अवसर प्रदान करते हैं, आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करते हैं और जो भविष्य में उद्योगों को गति देंगे।

4. दोनों पक्षों ने आपसी भरोसे और विश्वास के आधार पर सहयोग के अवसर खोजने में एक साझा रुचि व्यक्त की, क्योंकि समान विचारधारा वाले देशों जो लोकतांत्रिक मूल्यों को साझा करते हैं, के आर्थिक एकीकरण को आगे बढ़ाने से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में पारदर्शिता, लचीलापन और सुरक्षा और दोनों देशों के साथ ही भारत-प्रशांत क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा मिलेगा।

5. सचिव श्री रायमोंडो ने इंडो-पैसिफिक इकोनॉमिक फ्रेमवर्क फॉर प्रॉस्पेरिटी (आईपीईएफ) में भारत की सक्रिय साझेदारी का स्वागत किया और नई दिल्ली में 8-11 फरवरी 2023 के बीच आईपीईएफ स्तंभ द्वितीय-चतुर्थ पर वार्ता के विशेष दौर के लिए भारत की मेजबानी की सराहना की। माननीय मंत्री और माननीय सचिव ने कहा कि भारत-प्रशांत क्षेत्र में निरंतर समावेशी विकास, शांति और समृद्धि के लिए आईपीईएफ भागीदार देशों के बीच आर्थिक जुड़ाव को गहरा करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस विश्वास को साझा किया कि आईपीईएफ तकनीकी सहायता और क्षमता निर्माण के माध्यम से, निवेश प्रवाह में वृद्धि; इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और अधिक लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं का विकास; बड़े पैमाने पर आईपीईएफ भागीदार देशों और क्षेत्र के लिए स्वच्छ अर्थव्यवस्था में बदलाव की सुविधा; और भ्रष्टाचार विरोधी प्रयासों और कर प्रशासन को मजबूत करने सहित प्रत्यक्ष लाभ प्रदान करेगा।

6. महत्वपूर्ण और उभरते प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए, माननीय मंत्री और माननीय सचिव ने द्विपक्षीय सहयोग के फायदों को माना है। उन्होंने क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी (आईसीईटी) पर हाल ही में शुरू की गई अमेरिकी-भारतीय पहल का स्वागत किया, जो हमारे दोनों देशों की सरकारों, व्यवसायों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच रणनीतिक प्रौद्योगिकी साझेदारी को उन्नत और विस्तारित करती है। माननीय मंत्री और माननीय सचिव ने देशों के बीच एक विश्वसनीय प्रौद्योगिकी मूल्य श्रृंखला साझेदारी बनाने और महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों के सह-विकास और सह-उत्पादन, और हमारे इनोवेशन इकोसिस्टम में कनेक्टिविटी पर अधिक से अधिक सहयोग करने के लिए आईसीईटी के दृष्टिकोण का समर्थन करने के लिए उनके सहयोग का इरादा जताया। माननीय मंत्री श्री गोयल और सचिव श्री रायमोंडो  ने आईसीईटी के तहत दोनों सरकारों द्वारा स्थापित स्थायी तंत्र के साथ समन्वय के महत्व पर जोर दिया, जिसका उद्देश्य नियामक से जुड़ी बाधाओं और अन्य समस्याओं को दूर करना है जो सुचारू आर्थिक और वाणिज्यिक संबंधों में बाधा डालते हैं।

7. माननीय मंत्री और माननीय सचिव ने साझा आर्थिक प्राथमिकताओं पर गति बनाए रखने में वाणिज्यिक संवाद के महत्व को रेखांकित किया। उस दिशा में, उन्होंने 2023 के अंत से पहले दोनों पक्षों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के नेतृत्व में एक मध्य-वर्ष समीक्षा आयोजित करने के अपने इरादे की पुष्टि की। मध्य-वर्ष की समीक्षा प्रत्येक पक्ष को वाणिज्यिक संवाद के तहत पहचानी गई प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने, माननीय मंत्री और माननीय सचिव की आर्थिक सोच के आधार पर एक रोडमैप को लागू करने और चल रहे प्रयासों की जानकारी देने के लिए मजबूत निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित करने की अनुमति देगी।

आपूर्ति श्रृंखला में लचीलापन

8. वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के लिए अमेरिकी और भारतीय बाजारों के महत्व को स्वीकार करते हुए, माननीय सचिव श्री रायमोंडो और माननीय मंत्री श्री गोयल ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में उद्योगों के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करने में सार्वजनिक और निजी प्रयासों को बढ़ाने के लिए वाणिज्यिक संवाद का पूरा फायदा उठाने का इरादा जताया हैं। ये प्रयास अमेरिकी और भारतीय सेमीकंडक्टर उद्योग के बीच मजबूत संबंध, एक-दूसरे के पूरक इकोसिस्टम के निर्माण और सेमीकंडक्टर के लिए एक विविधता पूर्ण आपूर्ति श्रंखला को सुनिश्चित करने में विकास के अवसरों और हल की जाने वाली चुनौतियों की पहचान करेंगे। इस दिशा में, माननीय मंत्री और माननीय सचिव ने अमेरिकी पक्ष की तरफ से वाणिज्य विभाग और भारत की पक्ष की तरफ से इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के नेतृत्व में वाणिज्यिक वार्ता के तहत एक सेमीकंडक्टर उप-समिति की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने का स्वागत किया। माननीय मंत्री और माननीय सचिव ने सेमीकंडक्टर उप-समिति को वाणिज्यिक वार्ता की मध्य-वर्ष की समीक्षा से पूर्व इसके पहले आपसी संपर्क और आईसीईटी के संबंध में शुरू की गई संयुक्त उद्योग के नेतृत्व वाली टास्क फोर्स की सिफारिशों की समीक्षा की जिम्मेदारी दी है।

9. दोनों पक्षों ने लचीले और विश्वसनीय वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के निर्माण की साझा प्राथमिकता और आईसीईटी के परिणामों को आगे बढ़ाने में पारस्परिक रुचि को देखते हुए द्विपक्षीय रणनीतिक और उच्च प्रौद्योगिकी व्यापार और सहयोग में वृद्धि की आवश्यकता को स्वीकार किया। उस संदर्भ में, अमेरिकी वाणिज्य विभाग और भारतीय विदेश मंत्रालय निर्यात पर नियंत्रणों का हल निकालने, उच्च प्रौद्योगिकी वाणिज्य को बढ़ाने के तरीकों का पता लगाने और दोनों देशों के बीच प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को सुविधाजनक बनाने के लिए भारत-यू.एस.सामरिक व्यापार वार्ता की शुरुआत की योजना बना रहा है। वार्ता का नेतृत्व भारत की ओर से विदेश मंत्रालय के विदेश सचिव और अमेरिका की ओर से उद्योग और सुरक्षा, वाणिज्य विभाग के अवर सचिव द्वारा किया जाएगा।

10. माननीय मंत्री और माननीय सचिव इस चिंता पर एकमत हैं कि अनाधिकृत पहुंच, रैंसमवेयर और आंकड़ों को नष्ट करने जैसे साइबर खतरे बढ़ रहे हैं, इसलिए इन खतरों से सुरक्षा की आवश्यकता है। यह जरूरत न केवल बढ़ते ई-कॉमर्स, डिजिटल भुगतान और संबंधित सेवा क्षेत्रों पर लागू होती है, बल्कि कनेक्टेड मैन्युफैक्चरिंग और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर भी लागू होती है। सचिव श्री रायमोंडो ने साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर एक दूसरे के लिए लाभकारी संबंधों के साथ-साथ ही साथ साइबर सुरक्षा और एआई संसाधनों पर जानकारी साझा करने और वाणिज्यिक संवाद जैसे स्थापित द्विपक्षीय तंत्र के तहत शामिल दृष्टिकोण में अवसरों को पता लगाने की संभावनाओं का भी स्वागत किया।

11. माननीय मंत्री श्री गोयल ने दवा निर्माण के लिए सुरक्षित आधार विकसित करने और महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों (दुर्लभ खनिज सहित) के लिए आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने में संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ साझेदारी करने में भारत की रुचि का उल्लेख किया।

जलवायु और स्वच्छ प्रौद्योगिकी सहयोग को सुगम बनाना

12. हमारे देशों की ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाने और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने की गंभीर आवश्यकता को पूरा करने में मदद करने के लिए, माननीय मंत्री और माननीय सचिव ने दोनों देशों के उद्योगों के बीच अधिक से अधिक संपर्क की सुविधा प्रदान करने का संकल्प लिया, जिसमें ऐसे मंच का विकास शामिल है जहां से ऊर्जा और स्वच्छ तकनीक क्षेत्रों में अवसर और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। उस दिशा में, माननीय मंत्री गोयल ने क्लीन एज एशिया पहल में अमेरिकी उद्योग की भागीदारी को सुविधाजनक बनाने के लिए एक व्यापक मंच के रूप में यूएस-इंडिया एनर्जी इंडस्ट्री नेटवर्क (ईआईएन), अमेरिकी सरकार की हिंद प्रशांत क्षेत्र में स्थाई और सुरक्षित स्वच्छ ऊर्जा बाजारों को विकसित करने वाली एक प्रमुख पहल पर बात की। अमेरिकी वाणिज्य विभाग गोलमेज चर्चा, वेबिनार और अमेरिकी उद्योग के लिए खुली अन्य गतिविधियों के माध्यम से भारतीय ऊर्जा क्षेत्र में अवसरों पर चर्चा करने के लिए एक मंच के रूप में ईआईएन को फिर से सक्रिय करने के लिए काम कर रहा है। माननीय मंत्री श्री गोयल ने इन गतिविधियों में भारतीय कंपनियों के भाग लेने के अवसर का स्वागत किया। उन्होंने ईआईएन एजेंडे में सौर आपूर्ति श्रृंखलाओं को शामिल करने की क्षमता पर ध्यान दिया, और माननीय मंत्री और सचिव ने सौर उपकरणों के लिए आपूर्ति श्रृंखला निर्भरता को कम करने के लिए यूएस-भारत वाणिज्यिक साझेदारी के महत्व पर सहमति व्यक्त की।

13. दोनों पक्षों ने यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक क्लीन एनर्जी पार्टनरशिप (एससीईपी) के तहत व्यापक हरित ऊर्जा विकास को दिए जा रहे मजबूत प्रोत्साहन पर बात की। एससीईपी इस बात का महत्पूर्ण प्रतिबिंब है कि दोनों देशों के हमारे नेताओं ने हरित ऊर्जा में बदलाव, स्वच्छ ऊर्जा परिनियोजन को बढ़ावा देने और विकास के लिए निम्न कार्बन मार्गों की पहचान की है। इस संदर्भ में, माननीय मंत्री और माननीय सचिव ने हाल ही में संपन्न एससीईपी मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान सहमत दो प्रमुख पहलों के लिए समर्थन व्यक्त किया - अर्थात् हाइड्रोजन प्रौद्योगिकियों का विकास और उनका इस्तेमाल एवं एक नए ऊर्जा भंडारण कार्य बल का शुभारंभ। दोनों पक्ष ने भारत की जी20 अध्यक्षता के तहत शुरू किए गए वैश्विक बायोफ्यूल्स गठबंधन में मिलकर काम करने का भी संकल्प लिया।

14. माननीय मंत्री श्री गोयल ने सौर ऊर्जा मूल्य श्रृंखला में घटकों तक पहुंच बढ़ाने, बैटरी भंडारण में निवेश बढ़ाने और ऑफशोर विंड टर्बाइनों के निर्माण पर अमेरिका के अधिक सहयोग के प्रति भारत की रुचि का उल्लेख किया। माननीय मंत्री ने 2024 में एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के नेतृत्व वाली स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण प्रौद्योगिकी व्यवसाय विकास मिशन को भारत भेजने के अमेरिकी वाणिज्य विभाग के इरादे का उल्लेख किया। व्यापार मिशन, ग्रिड आधुनिकीकरण और स्मार्ट ग्रिड समाधान, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, हाइड्रोजन, तरलीकृत प्राकृतिक गैस और पर्यावरण प्रौद्योगिकी समाधानों में अमेरिका-भारतीय व्यापार साझेदारी को और बढ़ावा देने का एक अवसर होगा।

समावेशी डिजिटल विकास

15. सचिव श्री रायमोंडो ने आईसीटी कनेक्टिविटी बढ़ाने, डिजिटल समावेश को बढ़ावा देने और डिजिटल उपकरणों के उपयोग के माध्यम से सरकारी सेवाओं के वितरण की दक्षता में सुधार करने के लिए भारत की महत्वाकांक्षाओं के प्रभावशाली पैमाने के लिए मंत्री श्री गोयल की सराहना की। हमारे देश में डिजिटलीकरण की तीव्र गति को ध्यान में रखते हुए, सचिव श्री रायमोंडो ने डिजिटल क्षेत्र में हमारी "विश्वसनीय साझेदारी" को बेहतर ढंग से प्रदर्शित करने के तरीके तलाशने में रुचि व्यक्त की।

16. यूएस-इंडिया इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी (आईसीटी) वर्किंग ग्रुप और ट्रेड पॉलिसी फोरम में कई डिजिटल व्यापार मुद्दों पर काम करना जारी रखते हुए, दोनों पक्षों ने लागू घरेलू नीतियों और कानूनी ढांचे के अनुसार सीमा पार आंकड़ों के प्रवाह के महत्व को मान्यता दी। दोनों पक्ष उपयुक्त बहुपक्षीय मंचों सहित सीमा पार आंकड़ों के प्रवाह और अन्य प्रासंगिक मुद्दों पर संलग्नता जारी रखने का इरादा रखते हैं। दोनों मंत्रियों ने 6जी सहित दूरसंचार में अगली पीढ़ी के मानकों को विकसित करने में मिलकर काम करने में रुचि दिखाई। वे प्रासंगिक सरकारी एजेंसियों, मानक संगठनों और उद्योग निकायों के बीच सहयोग को शामिल करने के प्रयासों का अनुमान लगाते हैं। अंत में, दोनों पक्षों ने भरोसेमंद और सुरक्षित टेलीकॉम नेटवर्क उपकरणों जिसमें ओपन आरएएन सहित दूरसंचार इंफ्रास्ट्रक्टर में आगे की पीढ़ियां शामिल हैं, के सत्यापन और उनकी तैनाती पर आगे मिलकर काम करने का इरादा जताया है। 

महामारी के बाद आर्थिक सुधार, विशेष रूप से एसएमई के लिए

17. यह स्वीकार करते हुए कि छोटे व्यवसाय और उद्यमी अमेरिका और भारतीय अर्थव्यवस्थाओं की जीवनरेखा हैं, माननीय मंत्री श्री गोयल और सचिव श्री रायमोंडो ने दोनों देशों के एसएमई के बीच सहयोग को सुविधाजनक बनाने और इनोवेशन इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की, जो महामारी के बाद के उनके आर्थिक सुधार और विकास को सुगम बनाता है। यह स्वीकार करते हुए कि भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका क्रमशः दुनिया के तीसरे सबसे बड़े और सबसे बड़े स्टार्ट-अप इकोसिस्टम हैं, माननीय मंत्री और माननीय सचिव ने विशेष रूप से उभरती प्रौद्योगिकियों में दोनों इकोसिस्टम के घनिष्ठ एकीकरण के अवसरों के पूरा फायदा उठाने में गहरी रुचि साझा की।

18. माननीय मंत्री और माननीय सचिव ने आगे स्वीकार किया कि देशों के बीच पेशेवरों और कुशल श्रमिकों, छात्रों, निवेशकों और व्यापार से जुड़े यात्रियों की उनकी संबंधित कानूनी आवश्यकताओं के अनुरूप आवाजाही अमेरिका-भारत द्विपक्षीय, आर्थिक और तकनीकी साझेदारी को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देती है। उन्होंने माना कि हमारे दोनों देशों के बीच आवाजाही को बढ़ावा देने से यात्रा उद्योग को महामारी से उबरने में मदद मिलेगी, जिससे विशेष रूप से एसएमई को लाभ होगा।

19. इस संदर्भ में, माननीय मंत्री श्री गोयल और माननीय सचिव श्री रायमोंडो ने अमेरिकी वाणिज्य विभाग के उप सहायक सचिव और भारतीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के संयुक्त सचिव के नेतृत्व में वाणिज्यिक संवाद के तहत प्रतिभा, नवाचार और समावेशी विकास पर एक नए कार्य समूह के शुभारंभ की घोषणा की। यह वर्किंग ग्रुप आईसीईटी के तहत प्रयासों, विशेष रूप से सहयोग के लिए विशिष्ट नियामक बाधाओं की पहचान करने और हमारे इनोवेशन इकोसिस्टम (तकनीक स्टार्ट-अप सहित) के बीच अधिक कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने का भी समर्थन करेगा। यह आगे संयुक्त गतिविधियों के लिए विशिष्ट विचार जैसे कि समर्पित पिचिंग सत्र और एक्सपो आयोजित करना, और नए नवाचारों की पहचान करने और आईसीईटी ढांचे के तहत पहले से ही पहचाने गए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में उद्योग की आवश्यकताओं के साथ उनका मिलान करने की दिशा में काम करना आदि भी प्रदान करेगा। माननीय मंत्री और सचिव ने कार्यकारी समूह को किसी भी वाणिज्यिक वार्ता की मध्य-वर्ष की समीक्षा से पहले अपनी पहली बैठक बुलाने की जिम्मेदारी दी है।

20. माननीय मंत्री और माननीय सचिव ने वाणिज्यिक संवाद के तहत यात्रा और पर्यटन कार्य समूह के माध्यम से किए गए पिछले कार्यों के महत्व को स्वीकार किया। जैसा कि दोनों देश कोविड 19 महामारी से उबर रहे हैं, माननीय मंत्री और सचिव ने महामारी से पहले की प्रगति को जारी रखने के लिए और साथ ही दोनों देशों के यात्रियों के अनुभवों को बेहतर बनाने एवं ट्रैवल और टूरिज्म सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए अवसरों और चुनौतियों का हल निकालने के लिए यात्रा और पर्यटन कार्य समूह को फिर से लॉन्च करने का इरादा जताया है।

मानक और अनुरूपता सहयोग

21. माननीय मंत्री और माननीय सचिव ने तकनीकी नियमों, मानकों और अनुरूपता मूल्यांकन प्रक्रियाओं पर सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के बीच बेहतर सूचना साझाकरण और संवाद के माध्यम से द्विपक्षीय व्यापार को सुविधाजनक बनाने के लिए दोनों देशों की इच्छा को पहचाना है। उन्होंने वाणिज्यिक संवाद के तहत मानक सहयोग वर्कस्ट्रीम के माध्यम से किए गए पिछले काम पर बात की और इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में निरंतर जुड़ाव के महत्व पर सहमति व्यक्त की, जो पर्यावरण सेवाओं, स्वच्छ प्रौद्योगिकियों, आईसीटी, परिवहन, रसद, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग सामान, और खाद्य उत्पाद (जैविक उत्पादों सहित) से होकर गुजरता है। अमेरिकी व्यापार और विकास एजेंसी द्वारा वित्त पोषित यूएस-भारत मानक और अनुरूपता सहयोग कार्यक्रम (एससीसीपी) के पहले और दूसरे चरण की सफलता के आधार पर, संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच मानक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए माननीय मंत्री और माननीय सचिव ने वित्त वर्ष 2023-2024 के लिए एससीसीपी चरण तृतीय का उद्घाटन किया जिसे अमेरिका की ओर से एएनएसआई (अमेरिकन नेशनल स्टैंडर्ड इंस्टीट्यूट) और भारतीय पक्ष से बीआईएस (भारतीय मानक ब्यूरो) के बीच साझेदारी में आगे बढ़ाया जाएगा।

यूएस-इंडिया सीईओ फोरम

22. माननीय मंत्री और माननीय सचिव ने नवंबर 2022 में सीईओ फोरम के फिर से शुरू होने के बाद यूएस-इंडिया सीईओ फोरम की बैठक के आयोजन का स्वागत किया, जिसके दौरान उन्होंने सीईओ फोरम के सदस्यों के साथ द्विपक्षीय संबंधों के लिए अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं को साझा किया। दोनों पक्षों ने संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के सीईओ फोरम के सदस्यों की मूल्यवान सेवा और समर्पण के साथ-साथ दोनों सरकारों के लिए उनकी सुविचारित संयुक्त सिफारिशों की सराहना की। दोनों सरकारें भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच आर्थिक परिदृश्य और संबंधों को बढ़ाने में उचित कार्रवाई के लिए सीईओ की सिफारिशों पर आगे के कदम पर काम कर रही हैं।

23. सचिव श्री रायमोंडो ने "एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य" के विषय के साथ भारत की चल रही जी20 अध्यक्षता का स्वागत किया और विशेष रूप से व्यापार और निवेश में ठोस परिणाम सुनिश्चित करने में साझा रुचि व्यक्त की। माननीय मंत्री और सचिव 2024 में वाशिंगटन, डीसी में होने वाली अगली वाणिज्यिक वार्ता बैठक के लिए तत्पर हैं। वे भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच बढ़ते रणनीतिक और आर्थिक संबंधों की दिशा में योगदान करते हुए चर्चा किए गए एजेंडे और पहचाने गए परिणामों को आगे बढ़ाएंगे।

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