रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय

केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने जन औषधि जन चेतना अभियान के समारोहों की शुरुआत करने के लिए जन औषधि रथ को झंडी दिखाकर रवाना किया

Posted On: 01 MAR 2023 5:04PM by PIB Delhi

केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने जन औषधि जन चेतना अभियान के समारोहों की शुरुआत करने के लिए आज नई दिल्ली में जन औषधि रथ को झंडी दिखा कर रवाना किया। इस कार्यक्रम ने देशभर में 5वें जन औषधि समारोह के लांच की शुरुआत की।

 

 

इस अवसर पर संबोधित करते हुए डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि अभी जन औषधि सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है जिसके बाद 7 मार्च, 2023 को औषधि दिवस मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस जन औषधि सप्ताह के दौरान लोगों के बीच जन औषधि के बारे में जागरुकता फैलाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां देश भर के जन औषधि केंद्रों में सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध हैं, वहीं ये केंद्र महिलाओं को प्रति पैड केवल एक रुपये की कीमत पर सैनिटरी पैड भी उपलब्ध करा रहे हैं। डॉ. मनसुख मांडविया ने महिलाओं के बीच इसके बारे में जागरुकता फैलाने की अपील की, क्योंकि वे जन औषधि केंद्रों से मामूली कीमत पर पैड की खरीद कर सकती हैं। डॉ. मांडविया ने यह भी कहा कि 7 मार्च को एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जहां कई गणमान्य व्यक्तियों तथा जन औषधि के लभार्थियों को आमंत्रित किया जाएगा। लाभार्थी अपने अनुभवों का वृतांत सुनाएंगे, जबकि चिकित्सक जन औषधि केंद्रों के बारे में अपने विचारों को साझा करेंगे जिससे कि इन केद्रों को और अधिक प्रचारित किया जा सके। डॉ. मांडविया ने जानकारी दी कि जन औषधि केंद्रों को कोई भी व्यक्ति खोल सकता है। उन्होंने कहा कि उसे 20 प्रतिशत का कमीशन प्रदान किया जाता है जिससे कि उसे न केवल रोजगार का बल्कि सेवा का भी एक माध्यम प्राप्त हो जाता है।

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फार्मास्यूटिकल्स विभाग ने 1 मार्च 2023 से आरंभ कर 7 मार्च 2023 तक विभिन्न शहरों में कई कार्यक्रमों के आयोजन की योजना बनाई है जो जन औषधि स्कीम के बारे में जागरुकता फैलाने पर ध्यान केंद्रित करेंगी। सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को कवर करते हुए देश भर में पीएमबीजेके स्वामियों, लाभार्थियों, राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों, जन प्रतिनिधियों, चिकित्सकों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, नर्सों, फार्मासिस्टों, विभिन्न स्थानों पर जन औषधि मित्रों को शामिल कर संगोष्ठियों, बच्चों, महिलाओं एवं एनजीओ की सहभागिता, हेरिटेज वॉक तथा स्वास्थ्य शिविरों एवं कई अन्य कार्यकलापों का आयोजन किया जाएगा।

गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाओं को सभी के लिए किफायती कीमत पर उपलब्ध कराने के लक्ष्य के साथ, प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) को नवंबर 2008 में भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के फार्मास्यूटिकल्स विभाग द्वारा लांच किया गया था। 31 जनवरी, 2023 तक, स्टोर्स की संख्या बढ़कर 9082 तक पहुंच गई है। पीएमबीजेपी के तहत, देश के 764 जिलों में से 743 जिलों को कवर किया जा चुका है।

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यह स्कीम देश के कोने'कोने में लोगों तक सस्ती दवा की सरल पहुंच सुनिश्चित करती है।  सरकार ने दिसंबर 2023 के आखिर तक प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रों (पीएमबीजेके) की संख्या बढ़ाकर 10,000 करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। पीएमबीजेपी के उत्पाद बास्केट में 1759 दवाएं तथा 280 सर्जिकल उपकरण शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, दवाएं तथा प्रोटीन पाउडर, माल्ट आधारित फूड सप्लीमेंट, प्रोटीन बार, इम्युनिटी बार, सैनिटाइजर, मास्क, ग्लुकोमीटर, क्सीमीटर आदि जैसी नए न्यूट्रास्यूटिकल उत्पाद भी लांच किए गए हैं।

पीएमबीजेपी के तहत उपलब्ध दवाएं ब्रांडेड कीमतों की तुलना में 50 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक कम रखी जाती हैं। वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान, पीएमबीजेपी ने 893.56 करोड़ रुपये (एमआरपी पर) की बिक्री अर्जित की है। इससे आम लोगों की लगभग 5360 करोड़ रुपये की बचत हुई है। चालू वित्त वर्ष अर्थात 2022-23 के दौरान 15.02.2023 तक, पीएमबीजेपी की कार्यान्वयन एजेंसी फार्मास्यूटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेज ब्यूरो फ इंडिया (पीएमबीआई) ने 1000 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री की है जिससे लोगों को लगभग 6000 करोड़ रुपये की और बचत हुई है। वर्तमान में, पीएमबीजेपी के तीन आईटी सक्षम वेयरहाउस गुरुग्राम, चेन्नई, गुवाहाटी तथा सूरत में कार्यशील हैं। सुदूर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में दवाओं की आपूर्ति में सहायता करने के लिए देश भर में 36 वितरकों की नियुक्ति की गई है।

पिछले आठ वर्षों में, पीएमबीजेपी ने देश के लोगों को सस्ती कीमत पर उपलब्ध गुणवत्तापूर्ण दवाओं के कारण उल्लेखनीय वृद्धि तथा अपराजेय सफलता अर्जित की है। यह भारत के निम्न एवं मध्य आय वर्ग के लोगों के जेब खर्च में भारी कटौती करने में सफल रहा है। इससे दवाओं की लागत पर नागरिकों के 20000 करोड़ रुपये से अधिक की बचत हुई है। लोगों की इस व्यापक स्वीकृति ने पीएमबीजेपी को देश के हर कोने में अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए और अधिक प्रोत्साहन प्रदान किया है।

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