स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने पूरे पश्चिमी क्षेत्र में आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) योजनाओं का भावी रोडमैप तैयार करने तथा कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा करने के लिये महाराष्ट्र के पुणे में पश्चिमी क्षेत्र समीक्षा बैठक का आयोजन किया


बैठक के दौरान ‘डॉक्टर्स-डे’ के अवसर पर आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई के तहत शानदार और अनुकरणीय कार्य करने के लिये लगभग एक हजार डॉक्टरों का अभिनंदन किया गया

Posted On: 02 JUL 2022 12:32PM by PIB Delhi

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने महाराष्ट्र के पुणे में पांचवीं क्षेत्रीय समीक्षा बैठक– आयुष संगम का आयोजन महाराष्ट्र क्षेत्र के लिये 30 जून, 2022 से एक जुलाई, 2022 तक आयोजित किया। कार्यक्रम मे आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से जुड़े वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, नीति-निर्माताओं और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। सभी प्रतिभागी गुजरात, गोवा, राजस्थान, महाराष्ट्र, दादार और नगर हवेली एवं दमन और दीव जैसे राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से थे। समीक्षा बैठक की अध्यक्षता एनएचए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आरएस शर्मा ने की। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये डॉ. शर्मा ने एबी पीएम-जेएवाई के सफल कार्यान्वयन में पश्चिमी क्षेत्र के योगदान तथा प्रयासों की सराहना की।

दो दिवसीय चर्चा ने पश्चिमी क्षेत्र के राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई और एबीडीएम योजनाओं की प्रगति के मूल्यांकन के हवाले से सोच-विचार का मार्ग प्रशस्त किया।

बैठक के दौरान डॉक्टर्स-डेके अवसर पर आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई के तहत शानदार और अनुकरणीय कार्य करने के लिये लगभग एक हजार डॉक्टरों का एक जुलाई, 2022 को अभिनंदन किया गया।

एनएचए के सीईओ डॉ. आरएस शर्मा ने महामारी के खिलाफ भारत की जंग में डॉक्टरों द्वारा निभाई गई भूमिका तथा टीकाकरण की शुरुआत को रेखांकित करते हुये अपना प्रमुख वक्तव्य दिया। डॉ. शर्मा ने कहा, प्रमुख रूप से कोविन प्लेटफार्म भारत के टीकाकरण अभियान का प्रौद्योगिकीय रीढ़ है, लेकिन वास्तव में यह हमारे डॉक्टरों तथा मेडिकल प्रोफेशनलों का तंत्र है, जिसने दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान को सफल बनाया। हमारा चिकित्सकीय समुदाय न सिर्फ महामारी से लड़ने में अग्रणी रहा है, बल्कि उसने आयुष्मान भारत की प्रमुख योजना पीए-जेएवाई जैसी बड़ी स्वास्थ्य योजनाओं के सफल क्रियान्वयन को भी सुनिश्चित किया है।

उपस्थितजनों को सम्बोधित करते हुये महाराष्ट्र के जन स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. प्रदीप व्यास ने डॉक्टरों और चिकित्सा समुदाय के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा, हमारे देश के डॉक्टर, जो देश की नि:स्‍वार्थ सेवा करते हैं, उनके इस अनुकरणीय सेवाभाव का अभिनंदन किया जाना चाहिये। आज, हम उनमें से कुछ डॉक्टरों का अभिनंदन करके हम अपनी अकिंचन कृतज्ञता व्यक्त कर रहे हैं, क्योंकि हमारे समाज में उनका सामूहिक योगदान रहा है। मैं बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिये उन सबको नमन करता हूं। आइये, हम सब राष्ट्र के प्रति अपनी सेवा को और उत्कृष्ट बनाने का लगातार प्रयास करने का संकल्प करें।

कार्यक्रम के दौरान एनएचए के उप सीईओ डॉ. विपुल अग्रवाल ने कहा, मेरी नजर में यह सिर्फ नौकरी नहीं है, बल्कि यह एक चुनौतीपूर्ण संकल्प और सेवा है, जो हमारे डॉक्टर चेहरे पर एक भी शिकन लाये बिना लगातार करते रहते हैं। हम जैसे-जैसे आगे बढ़ रहे हैं, तो हमें पता चलता जा रहा है कि महामारी तरह-तरह के रूप ले रही है। स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने वाले समुदाय को भी इसी गति से आगे बढ़ना होगा। उन्हें इस दौड़ में आगे रहकर सभी मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली सेवा प्रदान करनी होगी।

बैठक के दौरान महाराष्ट्र के जन स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव डॉ. नीलिमा केरकट्टा और स्टेट हेल्थ अथॉरिटी एश्योरेंस सोसायटी के सीईओ डॉ. सुधाकर शिंदे भी उपस्थित थे।

पीएम-जेएवाई के साथ जुड़े चिकित्सा समुदाय के अभिनंदन और उसे पुरस्कृत करने के प्रयासों को नियमित रूप से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से, एनएचए ने निम्नलिखित प्रमुख पहलों का शुभारंभ किया हैः

  • आयुष्मान भारत उत्कृष्ट चिकित्सा सम्मानः आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई इको-सिस्टम में काम करने वाले ऐसे पांच डॉक्टरों को यह सम्मान दिया जायेगा, जिन्होंने शानदार कार्य किया हो।
  • आयुष्मान भारत उत्कृष्ट चिकित्सालय सम्मानः हर राज्य में आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई के तहत आने वाले अस्पतालों को यह पुरस्कार दिया जायेगा। इसके तहत शानदार काम करने वाले किसी एक अस्पताल को चुना जायेगा।
  • आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई फेलोशिपः इसके तहत, कम से कम पांच स्वास्थ्य सुविधा प्रोफेशनलों को एक वर्ष की फेलोशिप दी जायेगी, ताकि वे आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई के तहत अनुसंधान कार्य कर सकें।

ये सभी पुरस्कार सितंबर 2022 में एबी पीएम-जेएवाई के वर्षगांठ समारोह के दौरान प्रदान किये जायेंगे। पीएम-जेएवाई को कार्यान्वित करने वाले विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की राज्य स्वास्थ्य एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों और डॉक्टरों ने कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से हिस्सा लिया तथा इसी तरह डॉक्टरों के योगदान का अभिनंदन करने के लिये पूरे भारत में अभिनंदन समारोह शुरू किये गये।

एबी पीएम-जेएवाई के तहत पात्र लाभार्थियों को अब तक उपचार प्रदान करने में पश्चिमी क्षेत्र के राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों का प्रदर्शनः

पश्चिमी क्षेत्र के राज्य/केंद्र शासित प्रदेश

एबी पीएम-जेएवाई के तहत अस्पताल में कुल भर्तियों की संख्या 

उपचार के लिये अधिकृत-पूर्व रकम

दादर नगर हवेली एवं दमन व दीव

77,136

49.02  करोड़

गोवा

10,483

33.58  करोड़

गुजरात

30,43,610

5522.15  करोड़

महाराष्ट्र

5,83,923

1516.96  करोड़

राजस्थान

2,66,996

2985.50  करोड़

 

 

*****

एमजी/एएम/एकेपी/एसएस



(Release ID: 1838816) Visitor Counter : 180