संस्कृति मंत्रालय
"योग क्रियाकलाप में उत्कृष्ट है; यदि आप अपने चुने हुए क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करते हैं और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं, तो राष्ट्र निश्चित रूप से तीव्र गति से आगे बढ़ेगा”: उपराष्ट्रपति, श्री एम. वेंकैया नायडु
योग हमारी प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है
"योग मन और शरीर, विचार और क्रियाकलाप की एकता का प्रतीक है": केंद्रीय पर्यटन, संस्कृति और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी
प्रविष्टि तिथि:
21 JUN 2022 3:00PM by PIB Delhi
माननीय उपराष्ट्रपति श्री वेंकैया नायडु और केंद्रीय पर्यटन, संस्कृति और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री, श्री जी. किशन रेड्डी के नेतृत्व में हैदराबाद शहर के परेड मैदान में आज 8वां 'अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2022' मनाया गया। पर्यटन मंत्रालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में योग के प्रति उत्साही लोगों की भारी भीड़ देखी गई, जिन्होंने सुबह के समय हल्की फुहारों का आनंद लेते हुए योग अभ्यास किया। बैडमिंटन स्टार, पद्म भूषण और अर्जुन अवार्डी सुश्री पीवी सिंधु और तेलुगु फिल्म स्टार श्री अदिवि शेष ने भी आज इस विशाल कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
इस अवसर पर एक जनसभा को संबोधित करते हुए, उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडु ने योग को 'जुड़ने' या 'एकजुट होने' के रूप में वर्णित किया, जो मन एवं शरीर, और मनुष्य तथा प्रकृति के बीच एकता और सद्भाव पर बल देता है। उन्होंने कहा, "इस अवसर पर मैं सभी से समाज के सभी वर्गों के बीच एकता और सद्भाव के लिए काम करने का आग्रह करूंगा।" श्री नायडु ने लोगों से हमारे प्राचीन दर्शन से प्रेरणा लेने और न केवल हमारे मन और शरीर में परिवर्तन करने, बल्कि राष्ट्र के समग्र परिवर्तन के लिए काम करने का आग्रह किया।
उपराष्ट्रपति श्री एम वेंकैया नायडु के आस-पास श्री जी किशन रेड्डी और पीवी सिंधु हैदराबाद के परेड ग्राउंड में योग करते हुए
इस वर्ष योग दिवस का विषय 'मानवता के लिए योग' पर प्रकाश डालते हुए उपराष्ट्रपति ने लोगों के बीच समग्र शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य सुनिश्चित करने में योग की भूमिका को रेखांकित किया। गीता का हवाला देते हुए उन्होंने 'योग' को 'क्रियाकलाप की उत्कृष्टता' के रूप में वर्णित किया। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि यह प्रत्येक भारतीय के लिए देश को आगे ले जाने का 'मंत्र' बने। उन्होंने कहा, "यदि आप अपने चुने हुए क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करते हैं और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं, तो राष्ट्र निश्चित रूप से तेजी से प्रगति करेगा।"
केंद्रीय पर्यटन, संस्कृति और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री जी.किशन रेड्डी ने रोजमर्रा की जिंदगी में योग अभ्यास करने के लाभों पर प्रकाश डाला। श्री रेड्डी ने कहा, “योग हमारी प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है। योग मन और शरीर, विचार और क्रियाकलाप की एकता का प्रतीक है। यह एक समग्र दृष्टिकोण है जो हमारे स्वास्थ्य और हमारी भलाई के लिए अमूल्य है।" उन्होंने कहा कि "योग केवल व्यायाम के बारे में नहीं है, यह अपने आप को, दुनिया और प्रकृति के साथ एकता की भावना की खोज करने का एक तरीका है। श्री किशन रेड्डी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से योग दूर-दूर तक और यहाँ तक कि वैश्विक स्तर पर भी फैल गया है।"

योग करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री जी किशन रेड्डी और बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु
इस वर्ष, देश अपनी स्वतंत्रता के 75 वर्ष का उत्सव मना रहा है, आयुष मंत्रालय ने देश भर में 75 विभिन्न प्रतिष्ठित स्थानों की पहचान की थी। लद्दाख में लेह पैलेस, कन्याकुमारी में विवेकानंद रॉक मेमोरियल जहां विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों ने योग अभ्यासों और प्रदर्शनों का नेतृत्व किया। हैदराबाद शहर में आज परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में विधानसभा के सदस्यों, पर्यटन मंत्रालय के अधिकारियों, राज्य सरकार के प्रतिनिधियों, विभिन्न योग संस्थानों, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल-सीआईएसएफ, केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल-सीआरपीएफ, राष्ट्रीय युवक केंद्र-एनवाईके, आईएचएम और राष्ट्रीय कैडेट कोर-एनसीसी जैसे केंद्र सरकार के संगठनों सहित लगभग दस हजार लोगों ने भाग लिया।
इस वर्ष, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस में 'गार्जियन रिंग' कार्यक्रम सहित कई घटनाएँ पहली बार देखी गई, जिसमें सूर्य के उदय के साथ-साथ 16 अलग-अलग समय क्षेत्रों में योग करने वाले लोगों की लाइव स्ट्रीमिंग शामिल थी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सितंबर 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण के दौरान सबसे पहले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का विचार प्रस्तुत किया था, जिसके बाद संयुक्त राष्ट्र ने दिसंबर 2014 में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित किया।
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एमजी/एएम/एमकेएस/वाईबी
(रिलीज़ आईडी: 1836070)
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