भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग
azadi ka amrit mahotsav

प्रतिस्पर्धा आयोग ने गुटबाजी में लिप्तता के लिए बीयर कंपनियों पर जुर्माना लगाया

Posted On: 24 SEP 2021 4:20PM by PIB Delhi

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने आल इंडिया ब्रुअर्स एसोसिएशन (एआईबीए) के प्लेटफार्म के माध्यम से भारत में विभिन्न राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में बीयर की बिक्री और आपूर्ति में गुटबाजी में लिप्तता के लिए तीन बीयर कंपनियों यूनाइटेड ब्रुअरीज लिमिटेड (यूबीएल), साबमिलर इंडिया लिमिटेड (एनह्युजर बुश इनबेव एसए/एनवी द्वारा अधिग्रहण के बाद जिसका नाम अब एनह्युजर बुश इनबेव इंडिया लिमिटेड हो गया है) (एबी इनबेव) और कार्ल्सबर्ग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (सीआईपीएल) के खिलाफ अंतिम आदेश पारित किया है।

एआईबीए को इस गुटबाजी को सुगम बनाने में सक्रिय रूप से शामिल पाया गया, इसलिए सीसीआई ने बीयर कंपनियों के अलावा एआईबीए को भी प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 (अधिनियम) के प्रावधानों के उल्लंघन का दोषी पाया है। इस गुटबाजी का समय 2009 से कम से कम 10.10.2018 (इस तारीख से महानिदेशक (डीजी) ने बीयर कंपनियों के परिसरों पर तलाशी और जब्ती अभियान चलाया) तक रहा, वहीं सीआईपीएल इसमें 2012 में शामिल हो गई और एआईबीए 2013 से एक प्लेटफॉर्म के रूप में इस गुटबंदी को सुगम बना रही थी। सभी तीनों बीयर कंपनियां सीसीआई से कम पेनल्टी लगाने का अनुरोध कर रही थीं।

तलाशी और जब्ती के दौरान डीजी द्वारा जुटाए गए सभी पक्षों के बीच नियमित संवाद के सबूतों के आधार पर और कम जुर्माने के आवेदनों में किए गए खुलासे के आधार पर, सीसीआई ने बताया कि तीनों कंपनियां आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, पश्चिम बंगाल राज्यों, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और केन्द्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 (अधिनियम) की धारा 3(3)(ए) का उल्लंघन करते हुए मूल्य में मिलीभगत करने, धारा 3(3)(बी) का उल्लंघन करते हुए महाराष्ट्र, ओडिशा व पश्चिम बंगाल में सामूहिक रूप से बीयर की आपूर्ति सीमित करने, और अधिनियम की धारा 3(3)(सी) के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए महाराष्ट्र राज्य में बाजार साझा करने के साथ ही बंगलुरू शहर में प्रतिष्ठित संस्थानों को बीयर की आपूर्ति में समन्वय कायम करने में लिप्त रहीं। सीसीसीआई ने पुरानी बोतलों की खरीद के मामले में भी यूबीएल और एबी इनबेव के बीच मिलीभगत पाई। इसके अलावा यूबीएल के 4 लोगों, एबी इनबेव के 4 लोगों, सीआईपीएल के 6 लोगों और एआईबीए के महानिदेशक को सीसीआई ने अधिनियम की धारा 48 के तहत, अपनी संबंधित कंपनियों/ एसोसिएशन में प्रतिस्पर्धारोधी आचरण का दोषी पाया।

अधिनियम की धारा 46 के प्रावधानों के तहत एबी इनबेव व उसके लोगों को पेनल्टी में 100 प्रतिशत, यूबीएल व उसके लोगों को 40 प्रतिशत और सीआईपीएल व उसके लोगों 20 प्रतिशत छूट दी गई। सीसीआई ने इन गतिविधियों को रोकने का आदेश पारित करते हुए, यूबीएल और सीआईपीए को पेनल्टी के रूप में क्रमशः लगभग 750 करोड़ रुपये और 120 करोड़ रुपये जमा करने के लिए कहा है।

****

एमजी/एएम/एमपी/डीवी



(Release ID: 1757770) Visitor Counter : 232


Read this release in: English , Urdu , Tamil