प्रविष्टि तिथि:
01 MAR 2021 4:46PM by PIB Delhi
कोविड चुनौतियों के बावजूद भारतीय रेल ने 28 फरवरी को पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में अधिक संचयी रूप से अधिक माल लोडिंग का कार्य किया। लोडिंग, आय तथा गति की दृष्टि से फरवरी 2021 में माल ढुलाई के आंकड़े ऊपर रहे हैं। कल 5 मिलियन टन से अधिक की लोडिंग की गई।
28 फरवरी 2021 को भारतीय रेल ने इस वर्ष के लिए 1102.17 मिलियन टन माल लोडिंग का काम किया जो कि पिछले वर्ष की इसी अवधि के 1102.1 मिलियन टन से अधिक है।
मासिक आधार पर भारतीय रेल ने 28 फरवरी 2021 तक 112.25 मिलियन टन की लोडिंग की जो कि पिछले वर्ष की 28 फरवरी के 102.21 मिलियन टन की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक है।
दैनिक आधार पर 28 फरवरी 2021 को भारतीय रेल ने 5.23 मिलियन टन की लोडिंग की जो कि पिछले वर्ष की 28 फरवरी के 3.83 मिलियन टन की तुलना में 36 प्रतिशत अधिक है।
मालगाड़ियों की औसत गति फरवरी 2021 में प्रतिघंटे 46.09 किलोमीटर रही। पिछले वर्ष के इसी महीने में माल गाड़ियों की गति 23.01 किलोमीटर प्रति घंटे थी। 28 फरवरी को मालगाड़ियों की औसत गति 47.51 किलोमीटर प्रति घंटे थी। पिछले वर्ष इसी तिथि को मालगाड़ियों की औसत गति 23.17 किलोमीटर प्रतिघंटे थी। यह दोगुनी गति से अधिक है।
फरवरी 2021 में भारतीय रेल ने माल ढुलाई से 11096.89 करोड़ रुपए की आय अर्जित की। यह पिछले वर्ष की समान अवधि की 10305.02 करोड़ रुपए की आय से 7.7 प्रतिशत है। भारतीय रेल ने 28 फरवरी 2021 को माल ढुलाई से 509.44 करोड़ रुपए की आय की। पिछले वर्ष इसी दिन 378.56 करोड़ रुपए की आय हुई थी। इस तरह इसमें 34 प्रतिशत का इजाफा हुआ।
माल ढुलाई को आकर्षक बनाने के लिए भारतीय रेल में अनेक रियायतें और डिस्काउंड दिए जा रहे हैं। रेल के माल ढुलाई व्यवसाय में जोन तथा मंडलों में बिजनेस डवलपमेंट यूनिटों के उभरने, उद्योग तथा लॉजिस्टिक सेवा प्रदाताओं से निरंतर संवाद और तेज गति के कारण मजबूती मिली है।
भारतीय रेल ने कोविड-19 को अवसर मानते हुए अपनी चौतरफा सक्षमता में सुधार का कार्य किया है।
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