विद्युत मंत्रालय

लॉकडाउन के बावजूद अप्रैल, 2020 से नवंबर, 2020 तक दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत 83 नए सब-स्टेशनोंको शुरू किया गया, 224 सब-स्टेशनों को संवर्धित और 27,261 वितरणट्रांसफॉर्मरों को लगाया गया

मई, 2020 में सरकार द्वारा की गई लिक्विडिटी इंफ्यूजन पैकेज की घोषणा के तहत 45,083 करोड़ रुपये के कर्ज वितरित/जारी किए गए और 1,18,508 करोड़ रुपये के कर्ज की मंजूरी दी गई

आर्थिक मामलों पर गठित कैबिनेट कमिटी (सीसीईए) ने हिमाचल प्रदेश मेंलुहरी चरण-1 (210 मेगावाट) जल विद्युत परियोजना के लिए 1810.56 करोड़ रुपये की मंजूरी दी

साल 2020 (अक्टूबर तक) के दौरान ट्रांसमिशन लाइनों (220 किलोवाट और इससे अधिक) की लगभग 12,000 सर्किट किलोमीटर (सीकेएम) को जोड़ा गया

विद्युत मंत्रालय ने नवीकरणीय ऊर्जा (आरई) पावर रियल टाइम मार्केट (आरटीएम) को बढ़ावा देने के लिए राउंड-द-क्लॉक (आरटीसी) पावर गाइडलाइन्स जारी किए। वहीं पावर एक्सचेंजों से नवीकरणीय ऊर्जा (आरई) की खरीद को सक्षम बनाने के लिए ग्रीन टर्म अहेड मार्केट (जीटीएएम) को शुरू किया गया

Posted On: 30 DEC 2020 1:03PM by PIB Delhi

1. दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई)

भारत सरकार ने कुल परिव्यय 75,893 करोड़ रुपये (डीडीयूजीजेवाई: 43033 करोड़ रुपये और आरई घटक: 32,860 करोड़ रुपये) के साथ दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई) योजना को शुरू किया। 33 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में 44,416 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इसके अलावा 100 फीसदी घरेलू विद्युतिकरण को लेकर अतिरिक्त बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए 14,270 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि को मंजूरी दी गई। साल 2014-15 से 30 नवंबर, 2020 तक भारत सरकार द्वारा 49,457 करोड़ रुपये जारी किए गए।

ग्रामीण विद्युत से संबंधित बुनियादी ढांचा (डीडीयूजीजेवाई और सौभाग्य के तहत घरेलू विद्युतिकरण के लिए बनाई गई अतिरिक्त बुनियादी ढांचा

30 नवंबर, 2020 तक 1,754 नए सब-स्टेशनों को शुरू किया गया। वहीं 2,142 सब-स्टेशनों को संवर्धित किया गया और 5,75,115 वितरण ट्रांसफॉर्मरों को लगाया गया। इसके अलावा 4,91,338 किलोमीटर लो टेंशन (एलटी) लाइन्स और 2,03,085 किलोमीटर हाई टेंशन (एचटी) लाइन्स (11 किलोवोल्ट और 33 किलोवोल्ट) का निर्माण किया गया एवं 1,22,049 किलोमीटर फीडर सेपरेशन को पूरा किया गया। इनके अतिरिक्त 1.48 करोड़ उपभोक्ता मीटर, 2,08,924 वितरण ट्रांसफॉर्मरों और 13,190 फीडरों को लगाने का काम पूरा किया गया।

वर्ष 2020-21 के दौरान की उपलब्धियां (1 अप्रैल, 2020 से 30 नवंबर, 2020 तक)

मद

यूनिट

 उपलब्धियां

नए सब-स्टेशन

संख्या

83

सब-स्टेशन संवर्धन

संख्या

224

वितरण ट्रांसफॉर्मरों की स्थापना

संख्या

27,261

एलटी लाइन्स

किलोमीटर

23,092

एचटी लाइन्स (11 केवीऔर 33 केवी)

किलोमीटर

11,598

फीडर सेपरेशन

किलोमीटर

6,930

 

उपरोक्त के अतिरिक्त अप्रैल, 2020 से नवंबर, 2020 तक 5.45 लाख उपभोक्ता मीटर, 35,889 वितरण ट्रांसफॉर्मरों और 471 फीडरों को लगाने का काम पूरा किया गया।

साल 2020-21 के दौरान भारत सरकार ने 932 करोड़ रुपये जारी किए।

2. एकीकृत विद्युत विकास योजना (आईपीडीएस) (13 नवंबर, 2020 तक)

  • साल 2014 में 32,612 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ एकीकृत विद्युत विकास योजना (आईपीडीएस) को शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए शहरी क्षेत्रों में वितरण और सब-ट्रांसमिशन सिस्टम में सुधार और वृद्धि करना है।
  • इस योजना के तहत सब-ट्रांसमिशन और वितरण नेटवर्क को मजबूत करने की प्रणाली को 448 सर्किलों में पूरा किया गया, जिसके दायरे में 3,000 शहर आते हैं।
  • बड़ी उपलब्धियां निम्नलिखित हैं :
    • 927 नए 33/11 किलोवोल्ट पावर सब-स्टेशनों (पीएसएस) को शुरू किया गया, पहले से संचालित 1500 से अधिक पीएसएस की क्षमता को बढ़ाया गया
    • बेहतर विद्युत की विश्वसनीयता के लिए 33,000 सर्किट किलोमीटर (सीकेएम) नई ओवरहेड लाइन्स को चार्ज किया गया  
    • घाटे को कम करने के लिए 75,000 सीकेएम अंडरग्राउंड/एरियल बंचेड केबल्स लगाया गया
    • शहरों में विद्युत आपूर्ति में सुधार के लिए लगभग 56,000 नए वितरण ट्रांसफॉर्मरों को चार्ज किया गया
    • हरित ऊर्जा में भागीदारी के लिए सरकारी इमारतों और सब-स्टेशनों में लगभग 45 मेगावाट्स-पीक (एमडब्ल्यूपी) के सोलर पैनलों को लगाया गया
    • 1.15 लाख से अधिक स्मार्ट मीटरों को लगाया गया
  • उपभोक्ता सेवाओं में सुधार को लेकर उपयोगिता में बेहतर कार्य संचालन प्रबंधन के लिए आंध्र प्रदेश-पूर्व, तेलंगाना और उत्तराखंड के सभी छोटे शहरों को आईपीडीएस के तहत आईटी-सक्षम किया गया है। इसके अलावा आईपीडीएस ने कई उपयोगिताओं में एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) के लिए वित्त प्रदान की है, जिसमें 11 उपयोगिताओं में कार्यान्वयन पूरा हो चुका है। इसके अलावा विभिन्न राज्यों में 98 गैस इन्सुलेटेड स्विचगियर (जीआईएस) सब-स्टेशनों के कार्य प्रगति पर हैं।
  • आईपीडीएस की पुरानी परियोजनाओं के तहत आने वाले सभी 1290 शहरों को आईटी-सक्षम किया गया और 57 शहरों में स्काडा प्रणालियों को पूरा किया गया। इसके अलावा 1,197 शहरों में प्रणालियों को मजबूत करने का कार्य पूरा किया गया।
  • कोविड-19 महामारी की वजह से आईपीडीएस की प्रगति प्रभावित होने के बावजूद चालू वर्ष में प्रणालियों को मजबूत करने से संबंधित कार्यों की भौतिक प्रगति 90 फीसदी से अधिक पहुंच गई। वर्तमान कैलेंडर वर्ष में आईपीडीएस की नई परियोजनाओं से संबंधित किए गए कार्यों का विवरण निम्नलिखित है

चालू वर्ष में आईपीडीएस के तहत पूरे किए गए कार्य

मद

इकाई

वर्ष 2020 में उपलब्धियां

सब-स्टेशन

नए सब-स्टेशन

संख्या

79

क्षमता वृद्धि और अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर

संख्या

99

ओवरहेड लाइन्स

एचटी (33 और 11 केवी)

सीकेएम

2,791

एलटी (440 वोल्ट)

सीकेएम

1,120

केबल्स

एरियल बंच / अंडरग्राउंड

सीकेएम

9,811

वितरण ट्रांसफॉर्मर

संख्या

5,025

मीटर

स्मार्ट/ प्रीपेड

संख्या

35,635

उपभोक्ता प्रणाली

संख्या

6,72,217

सोलर पैनल

किलोवाट्स-पीक

2,996

 

3. प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य)

भारत सरकार ने सितंबर, 2020 में प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) की शुरूआत की थी। इसका उद्देश्य मार्च, 2019 तक देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में सभी इच्छुक गैर-विद्युतीकृत घरों और शहरी क्षेत्रों में गरीब परिवारों को बिजली कनेक्शन प्रदान करके सार्वभौमिक घरेलू विद्युतिकरण प्राप्त करना था। इसके तहत सभी राज्यों ने 31 मार्च, 2019 तक सौभाग्य पोर्टल पर सभी घरों तक बिजली पहुंचाने की घोषणा कर दी थी। हालांकि छत्तीसगढ़ केवामपंथी अतिवाद (एलडब्ल्यूई) प्रभावित 18,734 घर शामिल नहीं हैं। 11 अक्टूबर, 2017 से 31 मार्च, 2019 तक 262.84 लाख घरों को बिजली कनेक्शन जारी किया गया।

वहीं सात राज्यों ने उन अधिकांश गैर-विद्युतिकृत घरों की जानकारी दी, जो 31 मार्च 2019 से पहले कनेक्शन लेने के इच्छुक नहीं थे, लेकिन इसके बाद में इसके लिए अपनी इच्छा जाहिर की। राज्यों से इन घरों को सौभाग्य के तहत बिजली कनेक्शन प्रदान करने के लिए कहा गया।

राज्यों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक सौभाग्य के तहत 11 अक्टूबर, 2019 से 30 नवंबर, 2020 तक 280.89 लाख घरों को बिजली कनेक्शन दिया गया है। सौभाग्य के कार्यान्वयन के लिए 30 नवंबर, 2020 तक भारत सरकार से 6,220.23 करोड़ रुपये का अनुदान जारी किया गया है। वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान 30 नवंबर, 2020 तक (एक अप्रैल, 2020 से 30 नवंबर, 2020 तक) 4.13 लाख घरों में बिजली पहुंचाया गया है।

4. स्मार्ट मीटरिंग

  • चालू वित्तीय वर्ष में विद्युत मंत्रालय ने सभी राज्यों को दिशानिर्देश जारी कर सभी उपभोक्ता मीटरों को प्रीपेड मोड में लाने के लिए स्मार्ट मीटरों में बदलने को कहा है। प्रीपेड मोड में संचालित स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को अपनी वित्तीय सुविधा और बिजली खपत की जरूरतों के अनुसार भुगताने करने की सुविधा देगा।
  • एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल), विद्युत क्षेत्र में केंद्रीय  सार्वजनिक उपक्रमों (सीपीएसयू) का एक संयुक्त उपक्रम है। यह समझौता ज्ञापनों (एमओयू) के अनुसार अपने साथ आने वाले विभिन्न उपयोगिताओं कोस्मार्ट मीटरिंग सर्विसेज प्रदान कर रहा है।     ईईएसएल ने स्मार्ट मीटरिंग परियोजनाओं के लिए अभिनव वित्तीय व्यवस्थाएं भी की हैं। इससे राज्यों/उपयोगिताओं से किसी भी तरह का प्रत्यक्ष पूंजी व्यय (कैपेक्स) वित्त पोषण की जरूरत के बिना डिस्कॉम्स को स्मार्ट मीटरिंग की सेवाएं प्रदान करने में उन्हें सक्षम बनाया जा सकेगा। स्मार्ट मीटिरिंग स्थापनाओं को लेकर वित्त पोषण की वसूली सात से आठ साल की एक अवधि में एक मासिक वार्षिकी (एनुइटी) के रूप में की जाएगी।
  • नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) में 50,000 उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जाने के अलावा ईईएसएल ने हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी स्मार्ट मीटरों को लग