विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय

भारत के हाइड्रोजन और ईंधन कोशिकाओं के अनुसंधान के समानुक्रमण की स्थिति का शुभारंभ किया गया


ऊर्जा स्रोत के रूप में हाइड्रोजन अगले कुछ दशकों में जलवायु-तटस्थ प्रणालियों को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा

Posted On: 14 OCT 2020 10:40AM by PIB Delhi

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रोफेसर आशुतोष शर्मा द्वारा हाल ही में अनुसंधान और विकास प्रयोगशालाओं और शिक्षा जगत के कई वैज्ञानिकों, उद्योग जगत, उपयोगिताओं और अन्य हितधारकों द्वारा किए जा रहे हाइड्रोजन से संबंधित देश में चल रहे अनुसंधान गतिविधियों का एक संकलन शुरू किया गया था।

हाइड्रोजन और ईंधन कोशिकाओं पर भारत की स्थिति रिपोर्ट का संकलन, विकासशील कार्यक्रमों और रणनीतियों के लिए विभिन्न मुद्दों पर विचार-मंथन, चर्चाओं और प्रस्तुतियों का एक परिणाम था, यह मिशन नवाचार नवीकरणीय और स्वच्छ हाइड्रोजन चुनौती में भाग लेने वाले देश के रूप में भारत की प्रतिबद्धता के हिस्से के रूप में हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था की शुरुआत में तेजी लाने के लिए था।

हमारे ऊर्जा मिश्रण में नवीकरणीय का अधिक उपयोग, डिकार्बोनाइजेशन को प्राप्त करने हेतु हमारा नीतिगत उद्देश्य है। हालांकि, समय-सीमा में डिकार्बोनाइजेशन के लिए कई रास्ते हैं, लेकिन नवीकरणीय ऊर्जा से उत्पादित हाइड्रोजन को सबसे स्वच्छ ऊर्जा स्रोत माना जाता है।  ऊर्जा स्रोत के रूप में हाइड्रोजन अगले कुछ दशकों में जलवायु-तटस्थ प्रणालियों को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

हाइड्रोजन में प्रति इकाई द्रव्यमान उच्च ऊर्जा सामग्री है, जो गैसोलीन से तीन गुना अधिक है। उपयुक्त ईंधन कोशिकाओं के साथ ऊर्जा अनुप्रयोगों के लिए हाइड्रोजन का उपयोग किया जा रहा है। हालांकि, नवीकरणीय हाइड्रोजन को एक व्यवहार्य विकल्प बनाने के लिए, नई सामग्री के विकास, इलेक्ट्रोलाइट्स, भंडारण, सुरक्षा और मानकों सहित सामग्रियों से संबंधित कई महत्वपूर्ण चुनौतियों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। चूंकि हाइड्रोजन प्रौद्योगिकियां ग्लोबल वार्मिंग को कम करने में मदद कर सकती हैं, इसलिए आने वाले दशकों में ऊर्जा प्रणाली में हाइड्रोजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सुनिश्चित करने के लिए प्रयासों को और अधिक महत्व दिया गया है।

हाल के वर्षों में दो प्रमुख घटनाक्रमों ने हाइड्रोजन के विकास में योगदान दिया है - नवीकरणीय से हाइड्रोजन आपूर्ति की लागत में कमी आई है और यह गिरावट लगातार जारी है, जबकि ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन शमन की तात्कालिकता बढ़ गई है, और कई देशों ने अर्थव्यवस्थाओं को विघटित करने की कार्रवाई शुरू कर दिया है।

हाइड्रोजन विभिन्न महत्वपूर्ण ऊर्जा चुनौतियों से निपटने में मदद कर सकता है, गहन और लंबे समय तक परिवहन, रसायन और लोहा तथा इस्पात सहित कई क्षेत्रों को डीकार्बोनाइज कर सकता है, जहां उत्सर्जन को कम करना और हवा की गुणवत्ता में सुधार करने तथा ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती देने में मदद करना मुश्किल साबित हो रहा है। इसके अलावा, यह विद्युत प्रणाली में लचीलापन बढ़ाता है। यह नवीकरणीय ऊर्जा से ऊर्जा भंडारण के लिए सबसे अच्छे विकल्पों में से एक है और यह दिनों, हफ्तों या महीनों में बड़ी मात्रा में बिजली के भंडारण के लिए सबसे कम लागत वाला विकल्प बनने के लिए भी तैयार है।

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