जल शक्ति मंत्रालय

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने राज्य में जल जीवन मिशन के कार्यान्वयन के लिए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा

Posted On: 04 JUN 2020 5:38PM by PIB Delhi

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने राज्य में जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तेजी से कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। जेजेएम का लक्ष्य 2024 तक घरेलू नल कनेक्शन (एफ एच टी सी) के माध्यम से प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराकर लोगों के जीवन को बेहतर बनाना है। जल शक्ति मंत्रालय के समक्ष वार्षिक कार्य योजना पेश किए जाने के बाद, मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र  में मंत्री ने कहा है कि राज्य द्वारा हर घर में पाइप द्वारा जल आपूर्ति करने की योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और बालिकाओं को कठिन कार्य करने से मुक्ति मिलेगी। मंत्री ने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि जेजेएम के समयबद्ध कार्यान्वयन से ग्रामीण लोगों को उनके घरों में नियमित आधार पर, निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप और पर्याप्त मात्रा में पीने योग्य पानी मिलेगा।

 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए राज्य सरकार को सभी तरह की सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत सरकार, एफएचटीसी के संदर्भ में आउटपुट और उपलब्ध केंद्र और राज्य की हिस्सेदारी की धनराशि के उपयोग के आधार पर फण्ड उपलब्ध कराती है।

मंत्री ने कहा कि 2019-20 में 13.86 लाख घरों में नल कनेक्शन देने का  लक्ष्य निर्धारित किया गया था लेकिन बहुत कम घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए गए। यह उल्लेख किया गया कि 2019-20 में, 13.86 लाख घरों में नल कनेक्शन प्रदान करने के लिए तमिलनाडु को 373.87 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे और 373.10 करोड़ रुपये जारी किए गए थे। हालांकि, राज्य जेजेएम के तहत मार्च, 2020 के अंत तक केवल 114.58 करोड़ रुपये का उपयोग पाया।

    इसके अलावा, श्री शेखावत ने बताया कि प्रत्येक ग्रामीण घर में पीने योग्य पानी उपलब्ध कराना एक राष्ट्रीय प्राथमिकता है और इस संदर्भ में, तमिलनाडु के लिए निधि का आवंटन 373.87 करोड़ से बढाकर 2020-21 के लिए 917.44 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इस प्रकार, 264.09 करोड़ रुपये की शुरुआती निधि के साथ तमिलनाडु को केंद्रीय धनराशि की 1,181.53 करोड़ रुपये की उपलब्धता का आश्वासन दिया गया है। एफआरबीएम अधिनियम के तहत राज्य की उधार सीमा 3.5% से बढ़ाकर 5% करने और 2024 तक हर घर को एफएचटीसी की प्रतिबद्धता के साथ, केंद्रीय मंत्री को उम्मीद है कि केंद्रीय निधि के साथ राज्य के हिस्से की धनराशि लागू करनेवाली एजेंसी को समय पर उपलब्ध कराई जायेगी। इस प्रकार, 2020-21 में, राज्य के हिस्से के साथ, नल कनेक्शन प्रदान करने के लिए राज्य की कुल निधि उपलब्धता 2,363 करोड़ रुपये होगी।

लेकिन, 2019-20 के दौरान एफएचटीसी की संख्या के संदर्भ में असंतोषजनक प्रदर्शन और धन के कम उपयोग के मद्देनजर, मंत्री ने राज्य में जल आपूर्ति योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा करने के लिए और इस पर ध्यान देने के लिए मुख्यमंत्री से आग्रह किया। पहले से विद्यमान पाइप आपूर्ति योजनाओं को एक अभियान के तहत बदलाव / संवर्धित किया जा सकता है, क्योंकि राज्य में 105 लाख एफएचटीसी प्रदान करने की क्षमता है और ये गाँव 'हर घर जल गाँव' बन सकते हैं।

राज्य के कुल 1.27 करोड़ ग्रामीण घरों में से 21.85 लाख में पहले से ही घरेलू नल कनेक्शन हैं। इस वर्ष राज्य में 34 लाख ग्रामीण परिवारों को नल द्वारा  जल उपलब्ध कराने की योजना है। संसद आदर्श ग्राम योजना के तहत सभी 117 गांवों, आकांक्षी जिलों के गांवों और 90% एससी / एसटी आबादी वाले गांवों के 100% कवरेज के लिए प्राथमिकता दी जा रही है। शिवगंगा जिले में 78% नल कनेक्शन, वेल्लोर जिले में 61% और पुदुकोट्टई जिले में 58% घरेलू कनेक्शन के साथ चालू वर्ष के दौरान इन जिलों में 100% कवरेज के लिए योजना तैयार की गई है।

केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि वे मनरेगा, एसबीएम (जी), पीआरआई को मिलनेवाली 15 वें एफसी की निधि, जिला खनिज विकास कोष, सीएएमपीए, सीएसआर फण्ड, ग्राम स्तर पर स्थानीय क्षेत्र विकास फण्ड आदि  संसाधनों का उपयोग करके मौजूदा पेयजल आपूर्ति प्रणालियों की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने पर विचार करें। इसके साथ ही प्रत्येक गाँव के लिए ग्राम कार्य योजना (वीएपी) तैयार करने पर जोर दिया जाना चाहिए। गांवों में जल आपूर्ति प्रणालियों की योजना, कार्यान्वयन, प्रबंधन, संचालन और रखरखाव में स्थानीय ग्राम समुदाय / ग्राम पंचायतों और इसकी उप-समिति / उपयोगकर्ता समूहों को शामिल किया जाना चाहिए। सभी गांवों में जेजेएम को सही मायने में जनांदोलन बनाने के लिए के लिए सामुदायिक सहयोग के साथ आईईसी अभियान की आवश्यकता है।

 

            यह पत्र कोविड  -19 महामारी के मद्देनजर अधिक प्रासंगिक है, क्योंकि यह महत्वपूर्ण है कि सार्वजनिक स्टैंड पोस्ट / सार्वजनिक जल स्रोतों पर लोगों की भीड़ जमा न हो। इसलिए, उन्होंने घरेलू नल कनेक्शन प्रदान करने के लिए सभी गांवों में पानी की आपूर्ति के कामों में तेजी लाने का अनुरोध किया है। इससे सामाजिक दूरी बनाए रखने में मदद मिलेगी, स्थानीय लोगों / प्रवासियों को अतिरिक्त रोजगार मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में सहायता मिलेगी।

            केंद्रीय जल मंत्री ने राज्य को '100% एफएचटीसी राज्य' बनाने के लिए धन सहित अपना समर्थन देने के लिए तमिलनाडु के सीएम को आश्वासन दिया। उन्होंने जेजेएम की योजना और इसके कार्यान्वयन के बारे में जल्द ही सीएम एवं वित्त मंत्री के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से चर्चा करने की अपनी इच्छा व्यक्त की।

 

एसजी / एएम / जेके

 



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