शिक्षा मंत्रालय
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री ने आईआईआईटी समन्वय मंच की दूसरी बैठक की अध्यक्षता की
प्रविष्टि तिथि:
16 OCT 2019 7:46PM by PIB Delhi
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने आज नई दिल्ली में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) समन्वय मंच की दूसरी बैठक की अध्यक्षता की। सार्वजनिक निजी साझेदारी के अंतर्गत स्थापित 20 आईआईआईटी के लिए नीति और निर्देश तय करने के लिए भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान एक शीर्ष निकाय है। इन आईआईआईटी को आंशिक रूप से सरकार के द्वारा समर्थन प्राप्त हैं। इन्हें एक अल्पसमयावधि में आत्मनिर्भर बनने की आवश्यकता होती है।
मानव संसाधन विकास मंत्री और आईआईआईटी परिषद के अध्यक्ष ने राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले महत्वपूर्ण घटनाक्रमों का उल्लेख किया। उन्होंने 2024 तक 5 ट्रिलियन अमरीकी डॉलर की अर्थव्यवस्था के लिए आर्थिक परिवर्तनों पर विशेष रूप से अपना ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने इस आर्थिक परिवर्तन और सामाजिक विकास को अर्जित करने की दिशा में आईआईआईटी की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।
उन्होंने आईआईआईटी के निदेशकों को एक परिकल्पना और अभियान का सृजन करने तथा इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए इसमें उपयुक्त उद्योग एवं अन्य हितधारकों को शामिल करते हुए संस्थानों का नेतृत्व करने की सलाह दी। प्रबंधन में परिवर्तन के लिए आवश्यक गुणों को विकसित करने हेतु, आईआईआईटी के निदेशकों को नेतृत्व विकास कार्यक्रम के लिए भारत और विदेश में प्रशिक्षण में शामिल होना होगा। इस तरह के प्रशिक्षण में रणनीतिक योजना, वित्तीय प्रबंधन, टीमों का निर्माण और प्रबंधन और अन्य प्रासंगिक विषय शामिल होंगे।
इसके अलावा, उन्होंने आईआईआईटी को नवाचार और उद्यमिता पर प्राथमिक रूप से ध्यान केंद्रित करने को कहा जो परिवर्तन का आधार हो सकता है। उन्होंने आईआईआईटी को यह भी सलाह दी कि वे उद्यमिता विकास में विशेषज्ञता, नवाचार पर कार्यशालाओं का संचालन और इन्क्यूबेशन केंद्रों के गठन के माध्यम से अध्ययन के विषयों के द्वारा औपचारिक कार्यक्रमों का शुभांरभ करें। उन्होंने संस्थानों को अटल इनोवेशन मिशन, टीआईडीई 2 आदि योजनाओं के माध्यम से सहायता लेने की भी सलाह दी।
अध्यक्ष महोदय ने सभी आईआईआईटी को कैबिनेट की मंजूरी के साथ नीतियों और वित्तपोषण के माध्यम से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने विभिन्न पाठ्यक्रम और सह-पाठयक्रम गतिविधियों के माध्यम से इन आईआईआईटी के बीच संकाय और छात्रों के स्तर पर साझेदारी को प्रोत्साहन देने पर भी बल दिया।
उन्होंने इच्छा जताई कि प्रत्येक आईआईआईटी को एक विशेष क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो 4.0 प्रौद्योगिकियों के माध्यम से विनिर्माण, कृषि, स्वास्थ्य सेवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों से सीधा जुड़ा हो।
बैठक के दौरान लिए गए प्रमुख निर्णयों में, उद्यमिता विकास और पाठ्यक्रम में प्रौद्योगिकी के नए रुझानों के साथ समन्वय करना शामिल है ताकि ये संस्थान वैश्विक स्तर के संस्थान बन सकें। प्रत्येक आईआईआईटी को अपने विशिष्ट क्षेत्र की पहचान करने की आवश्यकता है ताकि वे इस दिशा में संस्थान का विकास कर सके। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि सबसे महत्वपूर्ण संसाधन होने के नाते संकाय को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि छात्रों का नियमित रूप से मूल्यांकन किया जाना चाहिए ताकि वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सर्वश्रेष्ठ शिक्षा प्राप्त कर सकें। बैठक में केंद्रीय वित्त पोषित संस्थानों के द्वारा भर्ती किए गए निदेशकों को उल्लेखनीय एचएजी स्केल देने का फैसला किया गया। हालाँकि, राज्य सरकारों से भी अनुरोध किया जाएगा कि वे अपने संकायों में आईआईआईटी के निदेशकों की नियुक्ति करते हुए उन्हें इसी तरह का समान स्केल प्रदान करें। आईआईआईटी के निदेशकों के प्रशिक्षण और उद्योग के साथ वार्तालाप के प्रस्ताव को गति देने का भी निर्णय लिया गया।
समन्वय फोरम ने अस्थायी आधार पर रिक्त पदों के मामले में आईआईआईटी में निदेशकों की अल्पकालिक व्यवस्था करने के लिए फोरम के अध्यक्ष के रूप में माननीय मानव संसाधन विकास मंत्री को अधिकृत किया।
फोरम ने आईआईआईटी (सीएफटीआई एवं पीपीपी) और आईआईटी के बीच सर्वश्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को साझा करने और सीखने के लिए एक प्रभावी समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। अध्यक्ष महोदय ने उद्योगों की भागीदारी और आपसी विचार-विमर्श को बढ़ाने पर भी बल दिया। उन्होंने इस उद्देश्य के लिए नेसकॉम के समन्वय के साथ उद्योग और आईआईआईटी के निदेशकों की बैठक आयोजित करने की सलाह दी।
बैठक के दौरान पूंजी के लिए प्रत्येक आईआईआईटी को 50 करोड़ रूपये और राजस्व के लिए 10 करोड़ रूपये की बजटीय सहायता को बढ़ाने पर भी विचार किया गया। फोरम ने निर्णय लिया कि इस प्रस्ताव की जांच मंत्रालय द्वारा की जा सकती है।
आईआईआईटी में भर्ती होने वाले कमजोर छात्रों को सहायता प्रदान करने के लिए, फोरम ने आईआईआईटी को सलाह दी कि वे ऐसे छात्रों को संबंधित विषयों में बीएससी की डिग्री का चयन करने के लिए विकल्प प्रदान करें, ताकि वे बुनियादी डिग्री प्राप्त कर सकें और उचित रोजगार के अवसरों की तलाश भी कर सकें।
आरकेमीणा/आरएनएम/एएम/एसएस/एसके– 3647
(रिलीज़ आईडी: 1588347)
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