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एनएलएमसी ने नई दिल्ली में एचआईएल (इंडिया) लिमिटेड की 5.119 एकड़ भूमि की ई-नीलामी हेतु बोली से पहले बैठक का आयोजन किया


बीते दो महीने में एनएलएमसी की ओर से सार्वजनिक रूप से विज्ञापित तीसरी ई-नीलामी, सार्वजनिक क्षेत्र की अधिशेष भूमि संपत्तियों के मुद्रीकरण पर सरकार के निरंतर जोर को दर्शाती है

रोहतक रोड पर रणनीतिक रूप से स्थित इस भूखंड की आरक्षित कीमत ₹829.69 करोड़ है और लागू टीओडी प्रावधानों के अंतर्गत इसमें 400 एफएसआई के विकास की क्षमता है

प्रविष्टि तिथि: 03 NOV 2026 5:11PM by PIB Delhi

राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम (एनएलएमसी) भारत सरकार की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी, जो वित्त मंत्रालय के लोक उद्यम विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में आती है, ने आज नई दिल्ली में एचआईएल (इंडिया) लिमिटेड के स्वामित्व वाली रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण भूमि के प्रस्तावित ई-नीलामी के संबंध में बोली से पहले एक बैठक का आयोजन किया।

यह बैठक संभावित बोलीदाताओं को संपत्ति के स्थान, प्रमुख विशेषताओं, विकास की संभावनाओं, लागू भूमि के इस्तेमाल के प्रावधानों, पात्रता संबंधी आवश्यकताओं और ई-नीलामी को नियंत्रित करने वाले नियमों और शर्तों से परिचित कराने के लिए आयोजित की गई थी। बैठक में एनएलएमसी, एचआईएल (इंडिया) लिमिटेड और लेन-देन सलाहकार सीबीआरई इंडिया के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और संभावित बोलीदाताओं को संपत्ति और बोली प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।

बोली से पहले इस बैठक ने संभावित प्रतिभागियों को संबंधित अधिकारियों के साथ चर्चा करने, प्रस्ताव के लिए अनुरोध (आरएफपी) पर स्पष्टीकरण प्राप्त करने, तकनीकी और वित्तीय बोली जमा करने की जरूरतों को समझने और ई-नीलामी में सूचित भागीदारी के लिए जरूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए एक मंच प्रदान किया।

एनएलएमसी की ओर से दो महीने में तीसरी ई-नीलामी: सरकार के भूमि मुद्रीकरण एजेंडा को आगे बढ़ाना

एचआईएल (इंडिया) लिमिटेड की प्रस्तावित भूमि की नीलामी, एनएलएमसी की ओर से बीते दो महीने में सार्वजनिक रूप से विज्ञापित तीसरी ई-नीलामी है। यह केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) की अतिरिक्त और कम इस्तेमाल वाली भूमि और अन्य गैर-मुख्य संपत्तियों की नीलामी में तेजी लाने के लिए भारत सरकार की ओर से किए जा रहे निरंतर प्रयासों को प्रतिबिंबित करता है।

इन निरंतर ई-नीलामियों के माध्यम से, एनएलएमसी सार्वजनिक क्षेत्र की भूमि संपत्तियों की पहचान, संरचना और मुद्रीकरण को सुविधाजनक बना रहा है, जिसका उद्देश्य उनके आर्थिक मूल्य को उजागर करना और पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी प्रक्रियाओं के माध्यम से उनके उत्पादन संबंधी इस्तेमाल को सक्षम बनाना है।

यह पहल सरकार के व्यापक परिसंपत्ति मुद्रीकरण कार्यक्रम के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य मौजूदा सार्वजनिक परिसंपत्तियों के मूल्य को उजागर करना, निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करना और आगे के आर्थिक विकास के लिए संसाधनों के निर्माण को आसान बनाना है।

इस अवसर पर बोलते हुए, राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम (एनएलएमसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री रोहन चंद ठाकुर (आईएएस) ने कहा, "भारत सरकार ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों की अधिशेष और कम इस्तेमाल वाली भूमि संपत्तियों के मुद्रीकरण को महत्वपूर्ण प्राथमिकता दी है। बीते दो महीने में एनएलएमसी की ओर से सार्वजनिक तौर पर विज्ञापित तीसरी ई-नीलामी इस प्राथमिकता को ठोस परिणामों में बदलने के हमारे निरंतर प्रयासों को दर्शाती है। हमारा प्रयास पारदर्शी, सुव्यवस्थित और प्रतिस्पर्धी प्रक्रियाओं के माध्यम से सार्वजनिक संपत्तियों के आर्थिक मूल्य को उजागर करना और साथ ही उनके उत्पादन संबंधी इस्तेमाल को आसान बनाना है। एचआईएल की भूमि, अपने रणनीतिक स्थान और विकास क्षमता को देखते हुए, योग्य प्रतिभागियों को इसके भविष्य के इस्तेमाल की संभावनाओं का पता लगाने का अवसर प्रदान करती है। पूर्व-बोली बैठक बोली प्रक्रिया में स्पष्टता, पारदर्शिता और सूचित भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"

एचआईएल (इंडिया) लिमिटेड के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक श्री कुलदीप सिंह ने कहा,

"नई दिल्ली के शिवाजी मार्ग स्थित रोहतक रोड पर रणनीतिक रूप से स्थित यह भूमि संपत्ति सीधे बिक्री के लिए पेश की जा रही है और यह एचआईएल (इंडिया) की एक महत्वपूर्ण संपत्ति है। लगभग 5.119 एकड़ में फैली यह संपत्ति विकास की अपार संभावनाएं प्रदान करती है, जिसमें 400 का एफएसआई (कार्यक्षम निवेश क्षेत्र) और निर्धारित वैधानिक शर्तों और अनुमोदनों के अधीन टीओडी प्रावधानों के आधार पर लागू एफएसआई शामिल है। इस मुद्रीकरण पहल के माध्यम से, हम संपत्ति के उत्पादन संबंधी इस्तेमाल को आसान बनाना चाहते हैं, साथ ही संभावित डेवलपर्स और योग्य बोलीदाताओं को इसके भविष्य के विकास में भाग लेने का अवसर प्रदान करना चाहते हैं। हम इच्छुक प्रतिभागियों को नीलामी दस्तावेजों का अध्ययन करने और प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।"

रणनीतिक भूमि और विकास की संभावनाएं

नई दिल्ली के शिवाजी मार्ग स्थित रोहतक रोड पर नजफगढ़ औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 5.119 एकड़ का भूखंड बिक्री के लिए पेश किया जा रहा है। यह संपत्ति प्रमुख स्थान पर स्थित है और रोहतक रोड पर लगभग 140 मीटर का अग्रभाग है, जिससे राष्ट्रीय राजधानी के प्रमुख हिस्सों से विजिबिलिटी और कनेक्टिविटी बेहतर होती है।

यह स्थल दिल्ली मेट्रो की ग्रीन लाइन से भी जुड़ा हुआ है, जिससे सार्वजनिक परिवहन की सुविधा आसानी से उपलब्ध है। इसकी स्थिति, सुगम पहुंच और नजदीकी शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण यह एक महत्वपूर्ण संपत्ति है, जिसमें उपयुक्त पुनर्विकास और भविष्य में उपयोग की अपार संभावनाएं हैं, बशर्ते कि लागू नियमों और वैधानिक स्वीकृतियों का पालन किया जाए।

इस संपत्ति में टीओडी प्रावधानों के आधार पर लागू एफएसआई के साथ-साथ 400 तक एफएसआई के विकास की संभावना है, जो दिल्ली मास्टर प्लान 2021 के लागू प्रावधानों, संबंधित पुनर्विकास नीतियों, वैधानिक आवश्यकताओं और सक्षम अधिकारियों से प्राप्त स्वीकृतियों के अधीन है। भूमि पार्सल की आरक्षित कीमत ₹829.69 करोड़ निर्धारित की गई है।

मुख्य विशेषताएं और नीलामी के मापदंड

बैठक के दौरान, संभावित बोलीदाताओं को प्रस्तावित ई-नीलामी की महत्वपूर्ण विशेषताओं और भागीदारी की शर्तों के बारे में जानकारी दी गई, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं:

  • संपत्ति का क्षेत्रफल: लगभग 5.119 एकड़।
  • स्थान: नजफगढ़ औद्योगिक क्षेत्र, रोहतक रोड, शिवाजी मार्ग, नई दिल्ली।
  • सड़क के आगे का भाग: रोहतक रोड पर लगभग 140 मीटर।
  • विकास क्षमता: लागू टीओडी प्रावधानों के तहत 400 एफएसआई (कार्यशील औद्योगिक इकाई) की क्षमता, वैधानिक शर्तों और स्वीकृतियों के अधीन।
  • आरक्षित कीमत: ₹829.69 करोड़।
  • बिक्री का तरीका: ऑनलाइन ई-नीलामी के माध्यम से एकमुश्त बिक्री।
  • बोली लगाने का मानदंड: उच्चतम नीलामी मूल्य, प्रति एकड़ ₹1 करोड़ के गुणकों में बोली।
  • कंसोर्टियम की भागीदारी: अधिकतम तीन सदस्यों के साथ अनुमत।
  • ईएमडी भुगतान: आरएफपी में निर्धारित अनुसार बैंक गारंटी या एनईएफटी/ आरटीजीएस के माध्यम से।
  • भूमि उपयोग: औद्योगिक इस्तेमाल, लागू मानदंडों और स्वीकृतियों के अधीन रूपांतरण की अनुमति है।
  • लागू नीति: लागू होने पर पारगमन उन्मुख विकास (टीओडी) नीति।

प्रतिभागियों को पंजीकरण प्रक्रिया, तकनीकी बोलियां जमा करने, पात्रता मानदंडों का अनुपालन, बयाना राशि जमा (ईएमडी) का भुगतान और ऑनलाइन नीलामी में भाग लेने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई। इस बैठक ने लेन-देन के प्रक्रियात्मक और तकनीकी पहलुओं को स्पष्ट करने और संभावित बोलीदाताओं को निर्धारित बोली के फ्रेमवर्क से परिचित कराने का अवसर प्रदान किया।

सार्वजनिक परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण को आगे बढ़ाने में एनएलएमसी की भूमिका

राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम (एनएलएमसी) भारत सरकार की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है, जो वित्त मंत्रालय के लोक उद्यम विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत है। इसकी स्थापना केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों और अन्य सरकारी एजेंसियों की अधिशेष भूमि और भवन संपत्तियों के मुद्रीकरण को करने और आसान बनाने के लिए की गई है।

एनएलएमसी संबंधित सीपीएसई और अन्य हितधारकों के साथ समन्वय में काम करता है, जिससे बकाया और कम इस्तेमाल वाली संपत्तियों की पहचान की जा सके, जरूरी लेन-देन संरचना तैयार की जा सके और पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी तंत्रों के माध्यम से उनके मुद्रीकरण को आसान बनाया जा सके।

प्रस्तावित एचआईएल (इंडिया) लिमिटेड की भूमि बिक्री सहित चल रही ई-नीलामियों की श्रृंखला, सरकार के परिसंपत्ति मुद्रीकरण एजेंडा के निरंतर संचालन को दर्शाती है। इन पहलों का उद्देश्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों के मूल्य को उजागर करना, कुशल परिसंपत्ति प्रबंधन को प्रोत्साहन देना और उनके उत्पादक उपयोग में निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।

ई-नीलामी और बोली जमा करने का विवरण

ई-नीलामी का संचालन एनएलएमसी के निर्धारित ई-नीलामी पोर्टल के माध्यम से किया जा रहा है।

इच्छुक और पात्र बोलीदाता विस्तृत प्रस्ताव अनुरोध (आरएफपी), संपत्ति का विवरण, पात्रता शर्तें, नीलामी के नियम और अन्य प्रासंगिक दस्तावेज निम्नलिखित पोर्टल के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं:

  • ई-नीलामी पोर्टल: https://nlmc.enivida.com
  • तकनीकी बोलियां जमा करने की अंतिम तारीख: 19 नवंबर 2026
  • समय: 1400 बजे

इच्छुक बोलीदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे निविदा प्रस्ताव और सभी संबंधित दस्तावेजों की सावधानीपूर्वक समीक्षा करें और निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीकरण और बोली जमा करने की औपचारिकताओं को पूरा करें।

प्रस्तावित मुद्रीकरण के माध्यम से, एनएलएमसी और एचआईएल (इंडिया) लिमिटेड का उद्देश्य रणनीतिक रूप से स्थित सार्वजनिक क्षेत्र की भूमि संपत्ति के वांछित इस्तेमाल को सुविधाजनक बनाना है, साथ ही पात्र प्रतिभागियों को इसके भविष्य के विकास में भाग लेने का अवसर प्रदान करना है।

राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम (एनएलएमसी) के बारे में

राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम (एनएलएमसी) भारत सरकार का एक निकाय है जो वित्त मंत्रालय के लोक उद्यम विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में आता है। एनएलएमसी की स्थापना केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) और अन्य सरकारी एजेंसियों की अधिशेष भूमि और भवन संपत्तियों के मुद्रीकरण के लिए की गई है। यह बकाया और कम इस्तेमाल वाली सार्वजनिक संपत्तियों की पहचान, एकत्रीकरण और मुद्रीकरण को आसान बनाकर सरकार के परिसंपत्ति मुद्रीकरण कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

अधिक जानकारी के लिए:

राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम (एनएलएमसी)

लोक उद्यम विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

वेबसाइट: https://nlmc.dpe.gov.in

ई-नीलामी पोर्टल: https://nlmc.enivida.com

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