गृह मंत्रालय
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार विदेशी नागरिकों के प्रबंधन के लिए विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालयों (FRROs) के विस्तार से संस्थागत ढांचे को मजबूत कर रही है
केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने वर्ष 2027 तक सभी राज्यों की राजधानी में FRRO की स्थापना का निर्देश दिया है
देश में FRRO कार्यालयों की संख्या बढ़कर 20 हुई
जयपुर, चंडीगढ़, गुवाहाटी, आइजोल तथा अमरावती में 5 नए FRRO कार्यालय स्थापित; कोहिमा, अगरतला और भुवनेश्वर में तीन नए FRRO अधिसूचित
FRRO का मकसद पर्यटन, मेडिकल और शिक्षा के उद्देश्य से भारत आने वाले विदेशियों के लिए सेवा तक पहुँच को बेहतर बनाना है
e-FRRO के जरिए 35 ऑनलाइन सेवाएँ पंजीकरण, वीजा विस्तार, रूपांतरण तथा अन्य पात्र इमिग्रेशन संबंधी सेवाओं की सुविधा प्रदान करती हैं
प्रविष्टि तिथि:
02 NOV 2026 4:17PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार विदेशी नागरिकों के प्रबंधन के लिए विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालयों (FRROs) के विस्तार के माध्यम से संस्थागत ढांचे को मजबूत कर रही है।
पर्यटन, चिकित्सा तथा शिक्षा के लिए भारत आने वाले विदेशियों की संख्या में पर्याप्त वृद्धि हुई है और सभी राज्यों में FRROs नियुक्त करने की जरूरत महसूस की गई है। इससे सेवा तक पहुँच सुनिश्चित होगी, नियामक अनुपालन बेहतर होगा और भारत को एक आकर्षक गंतव्य के रूप में प्रोत्साहन मिलेगा। इस आवश्यकता को देखते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने वर्ष 2027 तक सभी राज्यों की राजधानी में FRRO कार्यालयों की स्थापना करने का निर्देश दिया है।
केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के उपर्युक्त निर्देशों के अनुपालन में वर्ष 2025 से पांच राज्यों की राजधानियों में पांच नए FRRO कार्यालय स्थापित किए गए हैं। जयपुर, चंडीगढ़ और गुवाहाटी में तीन FRRO कार्यालय वर्ष 2025 में स्थापित किए गए। इससे पहले ये क्रमशः दिल्ली, अमृतसर और कोलकाता स्थित FRRO के अधिकार क्षेत्र में थे।
इस वर्ष आइजोल (मिजोरम) और अमरावती (आंध्र प्रदेश) में दो नए FRRO कार्यालय स्थापित किए गए हैं। इससे पहले आइजोल FRRO कोलकाता के अधिकार क्षेत्र में था, जबकि अमरावती FRRO हैदराबाद के अधिकार क्षेत्र में था। हाल ही में तीन नए FRRO कोहिमा (नगालैंड), अगरतला (त्रिपुरा) और भुवनेश्वर (ओडिशा) में अधिसूचित किए गए हैं। इससे पहले कोहिमा और अगरतला FRRO कोलकाता के अधिकार क्षेत्र में थे, जबकि भुवनेश्वर FRRO हैदराबाद के अधिकार क्षेत्र में था।
देश में FRROs की कुल संख्या अब बढ़कर 20 हो गई है। ये कार्यालय अहमदाबाद, अमरावती, अमृतसर, आइजोल, अगरतला, बेंगलुरु, भुवनेश्वर, कालिकट, चेन्नई, कोच्चि, चंडीगढ़, दिल्ली, गुवाहाटी, हैदराबाद, कोलकाता, कोहिमा, कोझिकोड, लखनऊ, मुंबई और तिरुवनंतपुरम में स्थित हैं।
भारत सरकार शेष राज्यों, जैसे - बिहार, गोवा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर तथा मेघालय में FRRO की स्थापना पर सक्रिय रूप से काम कर रही है। इससे भारत आने वाले विदेशियों को वीजा विस्तार, रूपांतरण, इमिग्रेशन अनुपालन तथा कानूनी सुरक्षा जैसी विभिन्न कांसुलर सेवाएं प्राप्त करने में सुविधा होगी। यह विस्तार स्थानीय स्तर पर संस्थागत क्षमता को सुदृढ़ करेगा, राज्य प्राधिकरणों के साथ समन्वय को बेहतर बनाएगा, वैध विदेशी आगंतुकों को सुविधा प्रदान करेगा और इमिग्रेशन कानून एवं राष्ट्रीय सुरक्षा आवश्यकताओं के प्रभावी कार्यान्वयन को मजबूत करेगा।
विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालयों (FRROs) के विस्तार का दोहरा फोकस विदेशियों की भारत में वैध यात्रा एवं प्रवास को सुविधाजनक बनाने तथा इमिग्रेशन कानूनों एवं सुरक्षा आवश्यकताओं के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने पर है। इमिग्रेशन एवं विदेशी अधिनियम, 2025, जिससे इमिग्रेशन एवं विदेशियों से संबंधित चार पूर्ववर्ती कानूनों को समेकित किया गया है, विदेशी नागरिकों के प्रवेश, ठहरने, आवागमन तथा प्रस्थान के विनियमन के लिए एक एकीकृत वैधानिक ढाँचा प्रदान करता है। इस अधिनियम के अनुसार, मुख्यतः इमिग्रेशन संबंधी कार्य सम्पादित करने वाले इमिग्रेशन ब्यूरो को अपने कर्तव्यों के निर्वहन में, अन्य के साथ-साथ, भारत सरकार द्वारा प्राधिकृत FRROs से सहायता प्राप्त होगी।
विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय भारत आने वाले या भारत में निवास करने वाले विदेशी नागरिकों के वैध प्रवास को विनियमित करता है, ट्रैक करता है और सुगम बनाता है। यह पात्र श्रेणी के विदेशियों के आगमन के बाद पंजीकरण करता है और पंजीकरण पर पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी)/आवासीय परमिट जारी करता है। यह विदेशी के विवरणों में हुए परिवर्तनों, जैसे आवासीय पता, पासपोर्ट विवरण या देश के भीतर यात्रा को भी दर्ज करता है तथा संरक्षित एवं प्रतिबंधित क्षेत्रों की यात्रा के लिए अनुमति प्रदान करता है। निकास परमिट उन विदेशियों को जारी किए जाते हैं जिनके वीजा की अवधि समाप्त हो चुकी है, जो निर्धारित अवधि से अधिक समय तक भारत में रहे हैं, या जिन्हें भारत छोड़ने से पूर्व औपचारिक मंजूरी की आवश्यकता होती है। कुल मिलाकर, FRRO भारतीय इमिग्रेशन कानूनों के पालन पर नज़र रखता है, ओवरस्टे और वीज़ा उल्लंघन के मामलों को देखता है, और ज़रूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई या सज़ा को कोऑर्डिनेट करता है।
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RK/RR/PR/PS
(रिलीज़ आईडी: 2331567)
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