महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
महिला और बाल विकास पर विभागीय शिखर सम्मेलन नई दिल्ली में 8-9 अक्टूबर को
शिखर सम्मेलन में केंद्र और राज्य कुपोषण, बाल संरक्षण, महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण से संबंधित प्राथमिकताओं पर विचार विमर्श के लिए एक मंच पर आएंगे
आंगनवाड़ी केंद्रों, असुरक्षित बच्चों के संरक्षण, महिला सुरक्षा और महिलाओं के सशक्तीकरण के चार प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित होगा शिखर सम्मेलन
प्रविष्टि तिथि:
07 OCT 2026 6:39PM by PIB Delhi
महिला और बाल विकास मंत्रालय विकसित भारत@2047 की बुनियाद के रूप में सुपोषित, सुरक्षित और सशक्त भारत के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 8 और 9 अक्टूबर, 2026 को सुषमा स्वराज भवन, नई दिल्ली में अपने विभागीय शिखर सम्मेलन का आयोजन करेगा। यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की विभागीय शिखर सम्मेलनों की श्रृंखला की परिकल्पना का दूसरा सम्मेलन है। इसका उद्देश्य सहकारी संघवाद को सुदृढ़ करना, राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के प्रति सामूहिक स्वामित्व की भावना को बढ़ावा देना और केंद्र तथा राज्यों के बीच घनिष्ठ सहयोग के माध्यम से परिणामों में तेजी लाना है।
विभागीय शिखर सम्मेलन का यह मॉडल क्षेत्रीय प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श, सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने, कार्यान्वयन की चुनौतियों के समाधान और बेहतर शासन एवं सेवा वितरण के लिए समयबद्ध कार्रवाई पर सहमति बनाने के उद्देश्य से केंद्र और राज्य सरकारों के राजनीतिक नेतृत्व तथा वरिष्ठ अधिकारियों को एक मंच पर लाता है।
यह दो दिवसीय यह शिखर सम्मेलन निम्नलिखित चार प्रमुख विषयों पर केंद्रित होगाः
- बेहतर पोषण और प्रारंभिक शिक्षा के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों की पुनर्कल्पना
- असुरक्षित बच्चों के लिए सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना
- संस्थागत और विधायी उपायों के प्रभावी कार्यान्वयन के माध्यम से महिला सुरक्षा
- प्रमुख योजनाओं की प्रभावशीलता और परिणामों को सुदृढ़ कर महिला सशक्तीकरण
पहले दिन की चर्चाओं में घर ले जाने के लिए राशन, ताजा पके भोजन और पोषण ट्रैकर डेटा की गुणवत्ता में सुधार, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ईसीसीई), सोशल मीडिया के प्रभाव सहित संवेदनशील बच्चों के लिए सुरक्षा प्रणाली तथा महिला सुरक्षा से जुड़ी कार्यान्वयन की चुनौतियों और उनके समाधानों को शामिल किया जाएगा। शिखर सम्मेलन का दूसरा दिन महिला सशक्तीकरण की प्रमुख योजनाओं की प्रभावशीलता और परिणामों को बेहतर बनाने के लिए समर्पित होगा।
प्रतिभागी राज्य सहकारी संघवाद और साझा जिम्मेदारी की भावना को सुदृढ़ करते हुए अपने अनुभवों, चुनौतियों और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने के साथ ही सहमत परिणामों पर आम सहमति बनाने का प्रयास करेंगे। समापन सत्र के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के समक्ष प्रमुख परिणामों और उन्हें प्राप्त करने की कार्ययोजनाओं को प्रस्तुत किया जाएगा। प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन केंद्र और राज्यों के सामूहिक संकल्प को और मजबूत करने के साथ ही सहमत परिणामों पर निर्णायक और समयबद्ध कार्रवाई की दिशा तय करेगा।
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पीके/केसी/आरटी/एसके/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2320362)
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