इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय
भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम वैश्विक भागीदारी और निवेश के मजबूत आकर्षण का केंद्र बन रहा है: श्री अश्विनी वैष्णव
सेमिकॉन इंडिया 2026 के दूसरे दिन सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में 25 प्रमुख घोषणाएं और समझौते किए गए
घोषणाओं में सेमीकंडक्टर निर्माण, सामग्री, लॉजिस्टिक्स, चिप डिजाइन, एडवांस्ड पैकेजिंग, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और कार्यबल विकास शामिल है
मंत्री ने टिकाऊ तकनीक पर जोर दिया जिसमें फेब्स में पानी का पुनर्चक्रण और डेटा सेंटर में क्लोज्ड-लूप कूलिंग शामिल है
प्रविष्टि तिथि:
18 SEP 2026 8:19PM by PIB Delhi
सेमिकॉन इंडिया 2026 के दूसरे दिन सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन के विभिन्न क्षेत्रों में 25 प्रमुख घोषणाएं और समझौते किए गए। इनमें सेमीकंडक्टर निर्माण, सामग्री, लॉजिस्टिक्स, चिप डिजाइन, एडवांस्ड पैकेजिंग, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और कार्यबल विकास जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इस आयोजन को उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। पहले दिन करीब 12,000 आगंतुक पहुंचे, जिनमें अधिकांश उद्योग जगत से जुड़े लोग थे। प्रदर्शनी में 600 से अधिक प्रदर्शक शामिल हैं, जिनमें लगभग 300 अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शक हैं।
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि दूसरे दिन भागीदारी और भी अधिक रही। बिजनेस-टू-बिजनेस गतिविधियों में मजबूत भागीदारी देखने को मिली, बिजनेस बैठकों के दौरान कई समझौते हुए और विभिन्न सत्रों को भी अच्छी प्रतिक्रिया मिली। कंट्री राउंडटेबल्स को भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। जापान और सिंगापुर के पवेलियन में 30-30 से अधिक कंपनियों ने भाग लिया। इसके अलावा दक्षिण कोरिया और बेल्जियम, नीदरलैंड तथा स्वीडन समेत कई यूरोपीय देशों की भी भागीदारी अहम रही।
श्री वैष्णव ने कहा कि बढ़ती भागीदारी भारत में सेमीकंडक्टर से जुड़ी गतिविधियों के विस्तार में बढ़ती वैश्विक रुचि को दर्शाती है। उन्होंने कार्यक्रम में सामने आ रही निवेश रुचि को भी रेखांकित किया और बताया कि उद्योग जगत के दिग्गजों ने अपनी परियोजनाओं को क्रियान्वित करने की क्षमता के आधार पर निवेश बढ़ाने की इच्छा जाहिर की है।

सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को मजबूत करना
सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को मजबूत करने के संबंध में श्री वैष्णव ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन और निप्पॉन एक्सप्रेस के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) का उल्लेख किया। इसके तहत भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के विस्तार के साथ निप्पॉन एक्सप्रेस लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, कस्टम्स और सप्लाई चेन से जुड़ी अन्य आवश्यकताओं में विशेषज्ञता उपलब्ध कराएगी।
मंत्री ने भारतीय उद्यमियों के लिए उपलब्ध अवसरों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर कंपनियों को लागत और गुणवत्ता के मामले में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करनी होगी। साथ ही निर्माण क्षमता, उत्पाद का जीवन चक्र और बिजली की खपत जैसे पहलुओं को भी ध्यान में रखना होगा।

टिकाऊ सेमीकंडक्टर और टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
टिकाऊ यानी स्थिर विकास के संबंध में मंत्री ने सेमीकंडक्टर फैब में बड़े पैमाने पर पानी के पुनर्चक्रण (वाटर रीसाइक्लिंग) और डेटा सेंटर में क्लोज्ड-लूप कूलिंग सिस्टम के इस्तेमाल का उल्लेख किया। उन्होंने इन क्षेत्रों के विस्तार के साथ संसाधनों के कुशल उपयोग वाली तकनीकों के महत्व को रेखांकित किया।
सेमिकॉन इंडिया 2026 के दूसरे दिन हुई 25 घोषणाओं और सहयोगों ने सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में बढ़ती गतिविधियों तथा निवेश, नवाचार, निर्माण, कौशल विकास और वैश्विक साझेदारी के उभरते अवसरों को सामने रखा। ये घटनाक्रम वैश्विक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में भारत की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित करते हैं।


सेमिकॉन इंडिया 2026 के दूसरे दिन भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करने के उद्देश्य से रणनीतिक समझौता ज्ञापनों और साझेदारी की कई घोषणाएं की गईं। इनमें सप्लाई चेन का स्थानीयकरण, एडवांस्ड पैकेजिंग, कौशल विकास और डीप-टेक निवेश जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन घोषणाओं के दौरान केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव, वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद, MeitY के सचिव श्री एस. कृष्णन, MeitY के अतिरिक्त सचिव एवं आईएसएम के सीईओ श्री अमितेश कुमार सिन्हा और MeitY के इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के संयुक्त सचिव श्री सुशील पाल उपस्थित रहे।
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और आइनॉक्स Air प्रोडक्ट्स लिमिटेड : सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए आवश्यक हाई-प्योरिटी गैसों की स्थानीय सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए सहयोग।
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और सुमितोमो केमिकल लिमिटेड: फ्रंट-एंड सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए हाई-प्योरिटी वेट केमिकल्स और एडवांस्ड मैटेरियल के स्थानीय उत्पादन के लिए साझेदारी।
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और केलिंग्टन इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड : गैस डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम, हाई-प्योरिटी पाइपिंग और प्रोसेस टूल हुक-अप के माध्यम से फैब को तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए सहयोग। इसमें स्थानीय साझेदारों को विशेष सेमीकंडक्टर निर्माण कौशल का प्रशिक्षण भी शामिल है।
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और एनोमोटोको कंपनी लिमिटेड : संयुक्त R&D और लीड-फ्रेम निर्माण के स्थानीयकरण के जरिए एडवांस्ड सेमीकंडक्टर पैकेजिंग क्षमताओं को मजबूत करने के लिए साझेदारी।
C-MET, पुणे और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड : सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण कच्चे माल के उत्पादन को बढ़ाने के लिए एमओयू , जिससे स्वदेशी सामग्री क्षमताओं और सप्लाई चेन की मजबूती को बढ़ावा मिलेगा।
MeitY, बिजली मंत्रालय और पावरग्रिड : वोल्टेज सोर्स कन्वर्टर (VSC) आधारित एचवीडीसी ट्रांसमिशन सिस्टम के लिए सिलिकॉन कार्बाइड पावर मॉड्यूल के स्वदेशीकरण में सहयोग। इसका पायलट प्रोजेक्ट बिहार के पावरग्रिड के 1,000 मेगावाट वाले पुसौली प्रोजेक्ट में किया जाएगा।
एलएंडटी सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजीज लिमिटेड और वर्चुअल फारेस्ट प्राइवेट लिमिटेड: एयर कंडीशनिंग और सौर ऊर्जा आधारित प्रणालियों के लिए पावर इलेक्ट्रॉनिक्स समाधान का संयुक्त विकास।
एलएंडटी सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजीज लिमिटेड और नेवेन सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड: अगली पीढ़ी के रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम और AI डेटा सेंटर के लिए सिलिकॉन कार्बाइड पावर मॉड्यूल का विकास।
एलएंडटी सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजीज लिमिटेड और फ़ाइमर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड: रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम के लिए इंसुलेटेड गेट बाइपोलर ट्रांजिस्टर (IGBT) का विकास।
एलएंडटी सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजीज लिमिटेड और कैपिटल पॉवर सिस्टम्स लिमिटेड : स्मार्ट मीटर के लिए आईओटी मॉड्यूल पर सहयोग, जिसकी शुरुआत स्वदेशी 4G कम्युनिकेशन मॉड्यूल से होगी।
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और एलएंडटी सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजीज लिमिटेड : टाटा की फैब और ओएसएटी सुविधाओं में एलएंडटी के सेमीकंडक्टर उत्पादों के निर्माण की संभावनाएं तलाशने के लिए रणनीतिक साझेदारी। इसकी शुरुआत कंज्यूमर-ग्रेड कैमरा मॉड्यूल से होगी।
इंडिया डीप टेक अलायन्स(IDTA): 56 भारतीय डीप-टेक कंपनियों में 263 मिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश की जानकारी दी गई।
SEMI और IDTA: India Semiconductor Academy (ISA) विकसित करने के लिए सहयोग। यह एक राष्ट्रीय उद्योग-नेतृत्व वाला कौशल विकास प्लेटफॉर्म होगा। इसमें केडेन्स , सीजी सेमी , डिक्सन टेक्नोलॉजीज , माइक्रॉन टेक्नोलॉजी , सिनॉप्सिस, 3D ग्लास सॉल्यूशंस, यूसी सेन डिएगो और आईआईटी कानपूर समेत साझेदार शामिल हैं।
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन(आईएसएम ) और निप्पॉन एक्सप्रेस होल्डिंग्स , इंक .: सेमीकंडक्टर लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और मजबूत एवं लचीली सप्लाई चेन तैयार करने के लिए एमओयू।
इंडीसेमिक और C-डीएसी : भारत के पहले स्वदेशी System-on-Module, “ISC-VEGA-SOM” का शुभारंभ। इसमें C-DAC के VEGA Thejas32 प्रोसेसर को IndieSemiC के LoRa RF मॉड्यूल के साथ जोड़ा गया है। इसे C-DAC की Industry Support Centre पहल के तहत विकसित किया गया है।
Kaynes सेमिकॉन और इंडीजसेमिक : क्यूएफएन और बीजीए जैसे एडवांस्ड पैकेज की क्वालिफिकेशन, असेंबली और टेस्टिंग तथा कस्टमाइज्ड SiP विकास के लिए रणनीतिक OSAT सहयोग।
Kaynes सेमिकॉन , माइक्रोचिप टेक्नोलॉजी और ग्रिडक्रेस्ट टेक्नोलॉजीज: एनर्जी-मीटरिंग SoCs के लिए भारत में एंड-टू-एंड समाधान विकसित करने की संभावनाएं तलाशने के लिए सहयोग।
केन्स सेमिकॉन और यूनाइटेड बीसी टीम : एडवांस्ड इंट्रालॉजिस्टिक्स और लाइट्स-ऑफ सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए चरणबद्ध रोडमैप तैयार करने की साझेदारी।
एनआईईएलआईटी और सीमेंस ईडीए : इंडस्ट्री-ग्रेड ईडीए टूल्स और विशेष प्रशिक्षण की सुविधा के जरिए सेमीकंडक्टर डिजाइन शिक्षा को मजबूत करने के लिए MoU।
एनआईईएलआईटी और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स : कुशल और उद्योग के लिए तैयार एटीएमपी कार्यबल विकसित करने के लिए सहयोग।
एनआईईएलआईटी और सिंगापुर पॉलिटेक्निक इंटरनेशनल : सेमीकंडक्टर शिक्षा, प्रशिक्षण और कौशल विकास तथा भारत-सिंगापुर सहयोग को मजबूत करने के लिए एमओयू ।
एनआईईएलआईटी और एससीएल : एनआईईएलआईटी के eChipHub प्लेटफॉर्म पर स्वदेशी 0.8-माइक्रोन Open-Source Process Design Kit (पीडीके) का आधिकारिक शुभारंभ। इससे छात्रों और नवोन्मेषकों के लिए चिप डिजाइन की पहुंच आसान होगी।
एनआईईएलआईटी और आईएएसए : सेमीकंडक्टर कार्यबल के विकास और उद्योग के लिए तैयार प्रतिभाओं की पाइपलाइन बनाने के लिए MoU।
एनआईईएलआईटी और सेमी यूनिवर्सिटी : भारत के सेमीकंडक्टर प्रतिभा आधार के लिए प्रशिक्षण, प्रमाणन और फैकल्टी विकास को आगे बढ़ाने के लिए MoU।
* Silvaco, Inc. और C-DAC के ChipIN Centre: DLI से जुड़े स्टार्टअप, MSME और C-DAC की रिसर्च एवं प्रशिक्षण पहलों के लिए एडवांस्ड TCAD टूल्स की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सहयोग।
भारत का पहला स्वदेशी System-on-Module
इस अवसर पर मंत्री ने भारत के पहले स्वदेशी System-on-Module IndieSemiC के ISC VegaSOM की घोषणा की। यह C-DAC के Vega-Thejas32 प्रोसेसर को IndieSemiC के वैश्विक स्तर पर प्रमाणित LoRa-RF मॉड्यूल के साथ एकीकृत करता है।
C-DAC की Industry Support Centre पहल के तहत विकसित यह उपलब्धि भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में एक महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाती है। यह दिखाती है कि डीएलआई कार्यक्रम के सहयोग से भारतीय डिजाइन कंपनियां न केवल नवाचार कर रही हैं, बल्कि सफलतापूर्वक अपने उत्पाद बाजार में भी ला रही हैं। चिप अब अंतिम उत्पादों में शामिल होने लगे हैं और भारत धीरे-धीरे एक ‘प्रोडक्ट नेशन’ के रूप में विकसित हो रहा है।
सेमिकॉन इंडिया 2026 का आयोजन 19 सितंबर तक यशोभूमि, नई दिल्ली में हो रहा है। इसमें 600 से अधिक कंपनियां भाग ले रही हैं और करीब 50,000 आगंतुकों के पहुंचने की उम्मीद है। कार्यक्रम में 52 देशों के प्रतिनिधि, 400 से अधिक अधिकारी/वरिष्ठ उद्योग प्रतिनिधि और 150 से अधिक वक्ता शामिल हैं।
प्रदर्शनी में जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, नीदरलैंड, सिंगापुर और स्वीडन के छह कंट्री पवेलियन के साथ 12 राज्य पवेलियन, स्टार्टअप पवेलियन, इनोवेशन शोकेस, स्टूडेंट हैकाथॉन और वर्कफोर्स डेवलपमेंट पवेलियन भी शामिल हैं।
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पीके/केसी/केजे
(रिलीज़ आईडी: 2312297)
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