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उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने गुवाहाटी में गीतानगर कॉलेज के स्वर्ण जयंती समारोह में भाग लिया


प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने पूर्वोत्तर के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है: उपराष्ट्रपति

लाचित बोरफुकन की विरासत असम के साहस और अपनी धरोहर की रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है: उपराष्ट्रपति

मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में असम प्रगति और परिवर्तन के एक उल्लेखनीय दौर से गुजर रहा है: उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति ने छात्रों से ‘नशीली दवाओं को ना कहें’ और एक स्वस्थ एवं विकसित भारत में योगदान देने का आह्वान किया

प्रविष्टि तिथि: 06 SEP 2026 2:02PM by PIB Delhi

भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आज गुवाहाटी में गीता नगर कॉलेज (पूर्व में कन्या महाविद्यालय के नाम से जाना जाता था) के स्वर्ण जयंती समारोह में भाग लिया। उन्होंने कॉलेज के नए शैक्षणिक भवन का भी उद्घाटन किया।

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पांच दशकों की समर्पित सेवा पूरी करने पर संस्थान को बधाई देते हुए श्री राधाकृष्णन ने कहा कि गीता नगर कॉलेज ने असम के शैक्षिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, विशेष रूप से शिक्षा, ज्ञान और आत्मविश्वास के माध्यम से युवा महिलाओं की पीढ़ियों को सशक्त बनाने में।

उपराष्ट्रपति ने सभा को संबोधित करते हुए असम को समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं की भूमि बताया। उन्होंने भारत के सांस्कृतिक परिदृश्य में राज्य के विशिष्ट योगदान को उसकी भाषाओं, साहित्य, संगीत, नृत्य, रंगमंच और स्वदेशी परंपराओं के माध्यम से उजागर किया। उन्होंने लचित बरफुकन की वीरता और देशभक्ति को भी याद किया, जो राष्ट्र के लिए प्रेरणा का एक शाश्वत स्रोत हैं।

उपराष्ट्रपति ने उत्तर-पूर्व के विकास पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा दिए गए जोर को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि असम, अपने समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों, जंगलों और विश्व प्रसिद्ध चाय के साथ, अपार संभावनाओं से भरा है और विकास के एक उल्लेखनीय दौर से गुजर रहा है।

शिक्षा की परिवर्तनकारी भूमिका पर बल देते हुए श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों को न केवल छात्रों को करियर के लिए तैयार करना चाहिए, बल्कि लोकतंत्र, संवैधानिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्ध जिम्मेदार नागरिकों का भी पोषण करना चाहिए।

उपराष्ट्रपति ने छात्रों और उपस्थित लोगों को ‘नशे का त्याग’ करने की शपथ दिलाई और युवाओं से नशे से दूर रहने तथा अपने मित्रों को भी ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि छात्रों को जिम्मेदारी से निर्णय लेना चाहिए और अपने समय, स्वास्थ्य और भविष्य की रक्षा करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत की युवा आबादी इसकी सबसे बड़ी ताकत है और कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष अनुसंधान और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में उभरते अवसर युवाओं को एक विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने में सक्षम बना सकते हैं।

उपराष्ट्रपति ने मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में असम में हुई प्रगति और परिवर्तन की प्रशंसा की। उन्होंने कहा हालिया वर्षों में असम सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनकर उभरा है और इसकी अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने चाय बागान समुदायों के विकास के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, बुनियादी ढांचे, रोजगार और आपदा प्रबंधन में किए जा रहे बड़े निवेशों पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर असम के राज्यपाल श्री लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा, असम के शिक्षा मंत्री डॉ. रनोज पेगु, असम के मुख्य सचिव डॉ. रवि कोटा, उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त और सचिव, श्री नारायण कोंवर, गीतानगर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सत्यजीत कलिता और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।

इससे पहले, गुवाहाटी स्थित लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उपराष्ट्रपति का स्वागत असम के माननीय राज्यपाल श्री लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, असम के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा और अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा किया गया।

उपराष्ट्रपति 6 से 9 सितंबर, 2026 तक असम, मेघालय, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश के चार दिवसीय दौरे पर हैं। असम के अपने दौरे के दौरान, वे गुवाहाटी के श्रीमंत शंकरदेव स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (एसएसयूएचएस) के दीक्षांत समारोह और गौहाटी विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रमों में भी भाग लेंगे।

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पीके/केसी/केएल/वीके


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