सूचना और प्रसारण मंत्रालय
राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम-भारतीय राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार (एनएफडीसी-एनएफएआई) और भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई), पुणे संयुक्त रूप से चलचित्र (मूविंग इमेज) संरक्षण, अभिलेखागार (आर्काइविंग), डिजिटाइजेशन और रेस्टोरेशन पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन करेंगे
प्रविष्टि तिथि:
03 SEP 2026 6:15PM by PIB Delhi
राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम-भारतीय राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार (एनएफडीसी-एनएफएआई), पुणे के भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) के सहयोग से 05 से 15 अक्टूबर 2026 तक (सप्ताहांत छोड़कर) पुणे स्थित एनएफडीसी-एनएफएआई और एफटीआईआई कैंपस में "चलचित्र (मूविंग इमेज): संरक्षण, आर्काइविंग (अभिलेखन), डिजिटाइजेशन और रिस्टोरेशन" पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन करेगा।
यह कार्यशाला छात्रों, भविष्य के प्रोफेशनल्स, रिसर्चर्स और फिल्म संरक्षण, अभिलेखन (आर्काइविंग), रिस्टोरेशन, फिल्म प्रौद्योगिकी एवं ऑडियो-विजुअल हेरिटेज में रुचि रखने वाले अन्य लोगों के लिए तैयार की गई है। यह कार्यशाला क्लासरूम सेशन, प्रैक्टिकल डिमॉन्स्ट्रेशन, व्यावहारिक प्रशिक्षण, संस्थागत दौरों और अभिलेखीय व रिस्टोर की गई फिल्मों की स्क्रीनिंग के माध्यम से प्रतिभागियों को चलचित्रों के संरक्षण की कला, विज्ञान और अभ्यास की समझ प्रदान करेगी।
यह कार्यक्रम चलचित्र संरक्षण, मेटाडेटा, डिजिटल संरक्षण, फिल्म के प्रकार व आधार, प्रिवेंटिव कंजर्वेशन, डिजिटल फिल्म रिस्टोरेशन, कागज संरक्षण और ऑडियो रिस्टोरेशन सहित महत्वपूर्ण विषयों को कवर करेगा। प्रैक्टिकल सत्रों में फिल्म की पहचान, निरीक्षण व रखरखाव, मैनुअल फिल्म सफाई, सेल्युलाइड व डिजिटल फिल्म प्रोजेक्शन और फिल्म स्कैनिंग व डिजिटलीकरण शामिल होंगे। इसके अलावा, प्रतिभागी फिल्म स्कैनर, पिक्चर व ऑडियो स्कैनिंग, स्टोरेज की आवश्यकताओं, कलर ग्रेडिंग और क्वालिटी कंट्रोल के बारे में भी सीखेंगे।
प्रतिभागियों को पुस्तकालय, वॉल्ट्स, डॉक्यूमेंटेशन और प्रोजेक्शन रूम सहित एनएफडीसी-एनएफएआई के कामकाजी माहौल और सुविधाओं का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होगा। यह कार्यशाला प्रसाद कॉर्प के सहयोग से प्रोफेशनल रेस्टोरेशन का अनुभव भी प्रदान करेगी, जो फिल्म रखरखाव, संरक्षण और डिजिटल रिस्टोरेशन के लिए अपनी तकनीकी विशेषज्ञता और उपकरण उपलब्ध कराएगा।
यह कार्यक्रम राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम-भारतीय राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार, एफटीआईआई, भंडारकर ओरिएंटल रिसर्च इंस्टीट्यूट और भारतीय रिजर्व बैंक अभिलेखागार (आरबीआई आर्काइव्स) के संस्थागत दौरों को शामिल करेगा। ये दौरे प्रतिभागियों को अभिलेखीय संग्रहों के संरक्षण, उनका डॉक्यूमेंटेशन करने, संरक्षण और प्रबंधन के विभिन्न दृष्टिकोणों से अवगत कराएंगे।
थाई फिल्म आर्काइव द्वारा अपनाई जाने वाली पद्धतियों पर केंद्रित एक विशेष सत्र के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा, 35 एमएम और डिजिटल प्रारूपों पर प्रस्तुतियों सहित अभिलेखीय और रिस्टोर की गई फिल्मों की स्क्रीनिंग भी इस कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगी।
इस पहल पर बात करते हुए एफटीआईआई के कुलपति श्री धीरज सिंह ने कहा कि यह कार्यक्रम फिल्म शिक्षा और सिनेमाई विरासत के संरक्षण को एक साथ लाता है और यह प्रतिभागियों को अकादमिक अध्ययन, व्यावहारिक अनुभव तथा विशेष सुविधाओं तक पहुंच प्रदान करेगा।
इस पहल पर बोलते हुए एनएफडीसी के प्रबंध निदेशक श्री प्रकाश मगदुम ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य छात्रों और उभरते प्रोफेशनल्स के साथ संस्थागत अनुभवों तथा विशेष कौशलों को साझा करना है और फिल्म संरक्षण के प्रति अधिक रुचि को बढ़ावा देना है।
प्रसाद कॉर्प के निदेशक एवं सीटीओ श्री अभिषेक प्रसाद ने कहा कि यह सहयोग इंडस्ट्री के अनुभव और तकनीक को साझा करके संरक्षण क्षेत्र के प्रोफेशनल्स की अगली पीढ़ी को तैयार करने में मदद करेगा।
इस कोर्स का संचालन कोर्स डायरेक्टर अपर्णा सुब्रमण्यन करेंगी, जिसमें अधिकतम 24 प्रतिभागियों को प्रवेश दिया जाएगा। प्रति प्रतिभागी कोर्स की फीस ₹12,000 है।
इच्छुक उम्मीदवार पंजीकरण और अधिक जानकारी के लिए एफटीआईआई से 020-2553 0085 पर संपर्क कर सकते हैं या info.cfol@ftii.ac.in / fro@ftii.ac.in पर ईमेल लिख सकते हैं।
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पीके/केसी/डीवी/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2306588)
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