संचार मंत्रालय
केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने 'भारत 6जी एलायंस' की प्रगति की समीक्षा की और '5जी प्रयोगशाला उत्कृष्टता पुरस्कार' प्रदान किए
बी6जीए, दूरसंचार तकनीक के क्षेत्र में भारत को अग्रणी योगदानकर्ता बनाने के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन को साकार करने की दिशा में काम कर रहा है
'भारत 6जी एलायंस' को वैश्विक प्रगति के मानकों को अपनाना चाहिए और कार्यकारी समूहों के बीच सहयोग को मजबूत करना चाहिए: श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया
सरकार ने भारत को 6जी तकनीक में वैश्विक लीडर बनाने के अपने संकल्प को दोहराया
प्रविष्टि तिथि:
28 JUL 2026 7:51PM by PIB Delhi
केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने आज संचार और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी और सचिव (दूरसंचार) श्री अमित अग्रवाल के साथ नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 'भारत 6जी एलायंस' (बी6जीए) की प्रगति की समीक्षा की।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 22 मार्च, 2023 को भारत का 6जी विजन दस्तावेज़ "भारत 6जी विजन" जारी किया था। इस विजन का लक्ष्य 2030 तक 6जी तकनीक के डिजाइन, विकास और उसे लागू करने में भारत को एक प्रमुख योगदानकर्ता बनाना है।

इस बैठक में भारत के 6जी आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में 'भारत 6जी एलायंस' (बी6जीए) की प्रगति और अब तक किए गए कामों की समीक्षा की गई। यह एलायंस सात खास कार्यकारी समूह के जरिए काम करता है, जो इन क्षेत्रों को कवर करते हैं: स्पेक्ट्रम; डिवाइस तकनीक और विनिर्माण इकोसिस्टम; तकनीक; एप्लीकेशन; ग्रीन और सस्टेनेबिलिटी; आउटरीच; और 6जी के इस्तेमाल के तरीके और कमाई के जरिये।
इस अलायंस के सदस्य संगठनों के पास 5जी और 6जी तकनीक से जुड़े 7,700 से ज्यादा पेटेंट फाइलिंग हैं, जिनमें 4,400 से ज्यादा विदेशी फाइलिंग शामिल हैं। यह भारत के शोध एवं नवाचार इकोसिस्टम की बढ़ती मजबूती को दिखाता है। 3जीपीपी में भारत की भागीदारी भी काफी बढ़ी है; इसमें भारतीय प्रतिभागियों की संख्या 2020 में 717 से बढ़कर 2025 में 1,787 हो गई है, जबकि इसी दौरान तकनीकी योगदान 196 से बढ़कर 2,943 हो गया है।

टेलीकॉम स्टैंडर्ड्स डेवलपमेंट सोसाइटी, इंडिया (टीएसडीएसआई) की ओर से 6जी तकनीक के मानक तय करने की कोशिशों के बारे में भी जानकारी दी गई। बातचीत में इस बात पर जोर दिया गया कि वैश्विक मानक तय करने की प्रक्रियाओं में भारत की सक्रिय और सार्थक भागीदारी कितनी जरूरी है। साथ ही, यह सुनिश्चित करने की जरूरत पर भी बात हुई कि भारतीय नवाचार, तकनीक, इस्तेमाल के तरीके और जरूरतें, दुनिया भर में काम आने वाले 6जी मानकों को बनाने में योगदान दें।
बैठक में 'भारत 6जी एलायंस' के कार्यकारी समूहों के तिमाही अपडेट्स पेश किए गए। इनमें 6जी इकोसिस्टम के छह मुख्य क्षेत्रों—तकनीक; एप्लीकेशन, 6जी के इस्तेमाल के तरीके और कमाई के जरिये; ग्रीन और सस्टेनेबिलिटी; स्पेक्ट्रम; डिवाइस तकनीक, कंपोनेंट्स, सेंसर और विनिर्माण इकोसिस्टम; और आउटरीच—को शामिल किया गया। चर्चाओं में मुख्य रूप से स्वदेशी शोध और विकास को तेजी देने, नए एप्लीकेशन और इस्तेमाल के तरीकों की पहचान करने, स्पेक्ट्रम से जुड़ी रणनीतियों को मजबूत करने, ऊर्जा-कुशल और सस्टेनेबल तकनीक को बढ़ावा देने, डिवाइस, कंपोनेंट्स, सेंसर और विनिर्माण में घरेलू क्षमताएं विकसित करने और पूरे इकोसिस्टम में सहयोग और आउटरीच का दायरा बढ़ाने पर जोर दिया गया।
बैठक में भारत में एक मजबूत समग्र दूरसंचार इकोसिस्टम बनाने पर जोर दिया गया, जिसमें शोध, नवाचार, मानक, विनिर्माण और बाजार में इस्तेमाल के बीच मजबूत संबंध हों। प्रतिभागियों ने तकनीक के विकास को तेज करने, शोध को इस्तेमाल लायक समाधानों में बदलने और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी उत्पाद और सेवाएं बनाने के लिए सरकार, उद्योग, शिक्षा क्षेत्र, स्टार्टअप्स और शोध संस्थानों के बीच बेहतर सहयोग की जरूरत पर चर्चा की।
इस कार्यक्रम के दौरान '5जी प्रयोगशाला उत्कृष्टता पुरस्कार' भी दिए गए, जो जनवरी-जून 2026 के दौरान कुल प्रदर्शन पर आधारित थे। इन अवार्ड्स में 5जी/5जी-आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल, जुड़ाव, नवाचार और कुल मिलाकर बेहतरीन प्रदर्शन को मान्यता दी गई। ये पुरस्कार उन संस्थानों और हितधारकों को उनके योगदान के लिए दिए गए जिन्होंने 5जी और 5जी-आधुनिक तकनीक पर आधारित प्रयोग, नवाचार, परीक्षण, कौशल विकास और एप्लीकेशन व उपयोग के मामलों के विकास में काम किया। जनवरी-जून 2026 की अवधि के दौरान कुल प्रदर्शन के आधार पर चार पुरस्कार श्रेणियां बनाई गईं, जो इस प्रकार हैं:
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पुरस्कार श्रेणी
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रैंक 1
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रैंक 2
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रैंक 3
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5जी प्रयोगशाला उत्कृष्टता पुरस्कार
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आईआईटीडीएम कुर्नूल
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डीकेटीई टेक्सटाइल एंड इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट, महाराष्ट्र
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आईआईटी रुड़की
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5जी प्रयोगशाला उपयोग उत्कृष्टता पुरस्कार
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आईआईटीडीएम कुर्नूल
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आईआईटी रोपड़
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पीईसी चंडीगढ़
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5जी प्रयोगशाला भागीदारी उत्कृष्टता पुरस्कार
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आईआईटीडीएम कुर्नूल
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आईआईटी रूड़की
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टीएचडीसी इंस्टीट्यूट ऑफ़ हाइड्रोपावर इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, टिहरी
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5जी प्रयोगशाला नवाचार उत्कृष्टता पुरस्कार
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आईआईटीडीएम कुर्नूल
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डीकेटीई टेक्सटाइल एंड इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट, महाराष्ट्र
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आईआईआईटी दिल्ली
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आईआईटीडीएम कुर्नूल ने सभी चार श्रेणियों में पहला स्थान हासिल किया, जो देश भर के 5जी यूज केस लैब्स में इसके शानदार समग्र प्रदर्शन को दर्शाता है।

इसमें शामिल लोगों के साथ एक खुली चर्चा और बातचीत हुई, जिससे हितधारकों को 6जी इकोसिस्टम में उभरती तकनीक, अवसरों और चुनौतियों पर अपने विचार रखने का मौका मिला। इस बातचीत में तकनीक विकास, मानकीकरण, स्पेक्ट्रम, सतत संचार (सस्टेनेबल कम्युनिकेशन), डिवाइस और विनिर्माण, एप्लीकेशन और इस्तेमाल के तरीकों जैसे अहम मुद्दों के साथ-साथ अलग-अलग हितधारकों के बीच सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर भी चर्चा की गई।
अपने मुख्य भाषण में, केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने वैश्विक संचार इकोसिस्टम में भारत को एक प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में स्थापित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत की 6जी यात्रा स्वदेशी शोध और नवाचार, मानकों में मजबूत भागीदारी, घरेलू विनिर्माण, सतत प्रौद्योगिकी और वैश्विक भागीदारी पर आधारित होनी चाहिए। श्री सिंधिया ने कहा, "पिछली बैठक के बाद से बहुत ज्यादा प्रगति हुई है। मैं तय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए टीम को बधाई देना चाहता हूं और उम्मीद करता हूं कि अगले लक्ष्यों को भी तेजी और कुशलता से हासिल किया जाएगा। हमें यह देखना चाहिए कि 6जी हासिल करने की दिशा में दूसरे अंतरराष्ट्रीय समूह कहां हैं और हम उनकी तुलना में कहां खड़े हैं। हमें कार्यकारी समूहों के बीच आपसी तालमेल वाले क्षेत्रों की पहचान करनी चाहिए और यह भी देखना चाहिए कि उनके बीच सहयोग की क्या गुंजाइश हो सकती है।"
केंद्रीय मंत्री ने सुझाव दिया कि सात कार्यकारी समूहों के बीच तालमेल और सहयोग बढ़ाने के लिए उनके काम के साझा क्षेत्रों की पहचान पर ध्यान दिया जाए। साथ ही, कमियों को पहचानने, दुनिया भर के बेहतरीन तरीकों से सीखने और अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय 6जी समूहों के मुकाबले देश की प्रगति का आकलन (बेंचमार्किंग) किया जाए। उन्होंने मंत्रालय और सरकार से ज्यादा सहयोग के लिए प्रतिभागियों के सुझावों पर भी ध्यान दिया। इसके अलावा, उन्होंने 6जी तकनीक में भारत की क्षमताओं को मज़बूत करने के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम बनाने की जरूरत पर जोर दिया, जिसमें शिक्षा जगत, शोध एवं विकास और विश्व स्तरीय टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हों।
केंद्रीय मंत्री ने एक सुरक्षित, मज़बूत, टिकाऊ और समावेशी संचार इकोसिस्टम बनाने के महत्व पर भी जोर दिया, जो भारत की डिजिटल महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने और वैश्विक तकनीकी प्रगति में योगदान देने में सक्षम हो। उन्होंने कहा कि शोध, नवाचार, मानक, विनिर्माण और एप्लीकेशन का तालमेल यह पक्का करने के लिए बहुत जरूरी होगा कि भारत न केवल अगली पीढ़ी की तकनीक को अपनाए, बल्कि उनके वैश्विक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे।
मुख्य भाषण देते हुए, संचार और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने भविष्य के लिए तैयार दूरसंचार इकोसिस्टम बनाने में नवाचार, शोध एवं विकास, और सरकार, उद्योग, शिक्षा क्षेत्र और शोध संस्थानों के बीच करीबी सहयोग के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने स्वदेशी तकनीक के विकास को तेज करने, प्रतिभाओं को बढ़ावा देने और स्टार्टअप्स व इनोवेटर्स के लिए ऐसा माहौल बनाने की जरूरत पर जोर दिया जिससे वे उभरती हुई संचार तकनीक के लिए समाधान विकसित कर सकें। डॉ. पेम्मासानी ने कहा, "मुझे खुशी है कि भारत 6जी एलायंस ने भारत के 6जी भविष्य को आकार देने के लिए उद्योग, शिक्षा क्षेत्र, स्टार्टअप्स और शोध संस्थानों को एक साथ लाने में उल्लेखनीय प्रगति की है। इसके हितधारकों और कार्यकारी समूहों के सामूहिक प्रयासों ने नवाचार, स्वदेशी तकनीक के विकास और वैश्विक मानकीकरण के लिए एक मजबूत नींव रखी है। जैसे-जैसे हम आगे बढ़ रहे हैं, सभी हितधारकों के बीच सहयोग को और गहरा करना, कार्यकारी समूहों के बीच तालमेल को मजबूत करना और शोध, परीक्षण व मानकों के विकास को तेज करना जरूरी है।"
भारत 6जी एलायंस की समीक्षा बैठक में तकनीक, एप्लीकेशन और इस्तेमाल के तरीकों, सस्टेनेबिलिटी, स्पेक्ट्रम, डिवाइस और विनिर्माण, मानकीकरण और आउटरीच जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करते हुए भारत की 6जी यात्रा को तेज करने के सामूहिक संकल्प को फिर से दोहराया गया। इन चर्चाओं और बातचीत से एक ऐसे स्वदेशी, विश्व स्तर पर इंटरऑपरेबल और भविष्य के लिए तैयार दूरसंचार इकोसिस्टम को विकसित करने के विज़न को और गति मिली, जिससे भारत 6जी नवाचार, तकनीक, मानक और इसे लागू करने के लिए एक अहम वैश्विक हब के तौर पर उभर सके।
भारत 6जी एलायंस (बी6जीए) के बारे में
भारत 6जी एलायंस (बी6जीए) कई तरह के हितधारकों को एक साथ लाने वाला एक सहयोगी प्लेटफॉर्म है। यह भारत में विश्व स्तरीय और भविष्य के लिए तैयार 6जी इकोसिस्टम बनाने के लिए शिक्षा क्षेत्र, उद्योग, स्टार्टअप्स और सरकारी संस्थानों को एक साथ लाता है। आरएंडडी, नवाचार और मानकीकरण पर ध्यान केंद्रित करते हुए, बी6जीए अगली पीढ़ी की संचार तकनीक में वैश्विक नेतृत्व के भारत के विजन को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है।
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(रिलीज़ आईडी: 2290825)
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