शिक्षा मंत्रालय
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पीएम पोषण योजना के अंतर्गत पोषण संबंधी मानक

प्रविष्टि तिथि: 27 JUL 2026 6:15PM by PIB Delhi

शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची का विषय है और अधिकांश सरकारी स्कूल तथा स्कूल बोर्ड राज्य सरकारों एवं केन्द्र शासित प्रदेश(यूटी) प्रशासन के अधीन कार्य करते हैं। पीएम पोषण योजना का क्रियान्वयन राज्य सरकारों और केन्द्र शासित प्रदेश प्रशासन के सहयोग से किया जाता है। बाल वाटिका(कक्षा 1 से ठीक पहले) तथा कक्षा 1 से 8 तक के सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में अध्ययनरत सभी बच्चों को गर्म एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकारों और केन्द्र शासित प्रदेश प्रशासन की है।

राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों(यूटी) को प्रोत्साहित किया जाता है कि वे निर्धारित पोषण एवं खाद्य मानकों के अंतर्गत स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप भोजन का मेनू निर्धारित करें तथा मोटे अनाज(मिलेट्स), सब्जियां, मसाले आदि जैसे स्थानीय स्तर पर उगाई जाने वाली खाद्य सामग्री की खरीद को प्राथमिकता दें।

पीएम पोषण योजना के तहत, सभी पात्र बच्चों को स्कूल के सभी कार्य दिवसों पर एक समय का गर्म पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जाता है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 तथा इस योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार, योजना के अंतर्गत निर्धारित पोषण एवं खाद्य मानक निम्नलिखित हैं:

 

खाद्य सामग्री

प्राथमिक कक्षा के लिए

उच्च प्राथमिक कक्षा के लिए

 

अ)पोषण संबंधी मानक (प्रति बच्चा प्रतिदिन)

 

कैलोरी

450

700

 

प्रोटीन

12 ग्राम

20 ग्राम

 

ब)खाद्य मानकों की निर्धारित मात्रा (प्रति बच्चा प्रतिदिन)

 

खाद्यान्न(अनाज)

100 ग्राम

150 ग्राम

 

दालें

20 ग्राम

30 ग्राम

 

सब्जियां

50 ग्राम

75 ग्राम

 

तेल एवं वसा

5 ग्राम

7.5 ग्राम

 

नमक एवं मसाले

आवश्यकता के अनुसार

आवश्यकता के अनुसार

 
       

 

 

 

 

       

 

 

 

 

इसके अलावा, कुल आवर्ती बजट का 5% फ्लेक्सी कंपोनेंट के रूप में निर्धारित किया गया है, जिसका उपयोग राज्य एवं केन्द्र शासित प्रदेश स्कूल पोषण वाटिकाओं(एसएनजी) की स्थापना तथा चिन्हित जिलों में पूरक पोषण संबंधी पहल के लिए कर सकती हैं। इसके अलावा, अनेक राज्य एवं केन्द्र शासित प्रदेश स्थानीय खान-पान की आदतों, सांस्कृतिक प्राथमिकताओं, खाद्य सामग्री की उपलब्धता तथा आहार संबंधी परंपराओं को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त पूरक पोषण भी उपलब्ध कराते हैं।

पीएम पोषण योजना के प्रभाव के संबंध में, नीति आयोग ने वर्ष 2025-26 में एक स्वतंत्र तीसरे पक्ष एजेंसी के माध्यम से इस योजना का मूल्यांकन कराया। अध्ययन में यह निष्कर्ष सामने आया कि पीएम पोषण योजना का बच्चों के पोषण स्तर में सुधार लाने तथा उनके सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

यह जानकारी शिक्षा राज्य मंत्री, श्री जयंत चौधरी ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

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पीके/केसी/पीकेपी


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