नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और एक्सपो (BRESE) 2026 नई दिल्ली में 2-5 नवंबर को आयोजित होगा: श्री प्रल्हाद जोशी
यह सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) असेंबली के 9वें सत्र और ग्रीन हाइड्रोजन पर चौथी अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के साथ आयोजित किया जाएगा
प्रविष्टि तिथि:
23 JUL 2026 7:23PM by PIB Delhi
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने आज यहां BRESE 2026 के शुरुआती कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और एक्सपो (BRESE) 2026 का आयोजन 2 से 5 नवंबर 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में किया जाएगा।
अपने मुख्य भाषण में, श्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि BRESE 2026 पहली बार नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़े तीन बड़े कार्यक्रमों, BRESE 2026, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) असेंबली का 9वां सत्र और ग्रीन हाइड्रोजन पर चौथी अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस (ICGH) को एक ही मंच पर लाएगा। श्री जोशी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने BRESE 2026 का उद्घाटन करने के लिए सहमति व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की मौजूदगी विकसित भारत के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में नवीकरणीय ऊर्जा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता और वैश्विक सतत् विकास में इसके योगदान को दर्शाती है।
श्री जोशी ने कहा कि यह सम्मेलन नवीकरणीय ऊर्जा के प्रमुख डेवलपर्स, टेक्नोलॉजी कंपनियों, मैन्युफैक्चरर्स, बैटरी स्टोरेज फर्मों, ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों, वित्तीय संस्थानों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और निवेशकों को एक साथ लाएगा, जिससे नवीकरणीय ऊर्जा की पूरी आपूर्ति श्रृंखला का प्रतिनिधित्व एक ही मंच पर हो सकेगा। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन को एक वैश्विक नज़रिए से तैयार किया गया है। BRESE सम्मेलन के लिए 34 देशों को निमंत्रण भेजा गया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन ने अपनी बैठक के लिए 128 देशों को आमंत्रित किया है।
श्री जोशी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि वैश्विक स्तर पर भारत की विश्वसनीयता उसके काम को पूरा करने के मज़बूत ट्रैक रिकॉर्ड पर टिकी है, जिसने उसे वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा समुदाय को एक साथ लाने में सक्षम बनाया है। उन्होंने कहा कि भारत जल्द ही गैर जीवाश्म ईंधन से बिजली बनाने की 300 गीगावाट क्षमता का अहम पड़ाव पार कर लेगा। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले हफ्तों में पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के लाभार्थियों की संख्या 50 लाख परिवारों तक पहुँचने की उम्मीद है।
अपने संबोधन के अंत में, केंद्रीय मंत्री ने भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और एक्सपो 2026 को वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा समुदाय के साथ भारत के जुड़ाव के लिए एक अहम पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन इस क्षेत्र में वृद्धि, नए अवसरों और स्वच्छ ऊर्जा में बदलाव को आगे बढ़ाने में वैश्विक सहयोग के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दिखाता है। उन्होंने दुनिया भर की सरकारों, उद्योग जगत के दिग्गजों, निवेशकों, शोधकर्ताओं, अन्वेषकों, उद्यमियों और विकास में साझेदारों को 2 से 5 नवंबर 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में होने वाले इस सम्मेलन में शामिल होने का न्योता दिया। श्री जोशी ने भरोसा जताया कि यह सम्मेलन नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में नई साझेदारी को बढ़ावा देगा, निवेश को गति देगा, नवाचारों को प्रोत्साहित करेगा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करेगा।
इस कार्यक्रम के दौरान, श्री जोशी ने BRESE 2026 के औपचारिक लोगो 'ऊर्जा चक्र' का अनावरण किया और सम्मेलन के लिए औपचारिक डिजिटल पोर्टल और मोबाइल एप्लीकेशन भी लॉन्च किया।
विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्री श्रीपाद येसो नाइक ने बताया कि भारत में नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बदलाव देश भर के राज्यों की मिली-जुली कोशिशों से हो रहा है। उन्होंने कहा कि जहाँ राजस्थान अपने बड़े सौर संसाधनों का इस्तेमाल कर रहा है और गुजरात खावड़ा में दुनिया का सबसे बड़ा हाइब्रिड नवीकरणीय ऊर्जा पार्क बना रहा है, कई अन्य राज्य भी हाइड्रोपावर, फ्लोटिंग सोलर, बायोमास और विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा को आगे बढ़ा रहे हैं, जो सहकारी और प्रतिस्पर्धी संघवाद की भावना को दिखाता है।
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव श्री संतोष कुमार सारंगी ने कहा कि भारत में नवीकरणीय ऊर्जा का बदलाव चार मुख्य स्तंभों पर टिका है, नीतियों में स्थिरता, बाज़ार बनाना, व्यवस्था का विकास और ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर। उन्होंने कहा कि ऊर्जा बदलाव के अगले चरण में हाइब्रिड नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम, फ्लोटिंग सोलर, एग्रीवोल्टाइक्स और नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के ज़रिए व्यवस्था की क्षमताओं को मज़बूत करने पर ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और एक्सपो (BRESE) 2026 सरकारों, उद्योगों, निवेशकों, अन्वेषकों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के लिए एक साझा मंच प्रदान करेगा, ताकि स्वच्छ ऊर्जा में निवेश, टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप और सहयोग को बढ़ावा दिया जा सके।
इस कार्यक्रम में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
बैकग्राउंड नोट का लिंक: https://drive.google.com/file/d/1N1nfvYVsI_8q-u2-w5foe2N5KzMw06cG/view?usp=sharing




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पीके/केसी/एनएस
(रिलीज़ आईडी: 2288609)
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