आयुष
आयुष-आधारित चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा देना
प्रविष्टि तिथि:
21 JUL 2026 3:58PM by PIB Delhi
सरकार ने देश में आयुष आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक रणनीति अपनाई है। पर्यटन मंत्रालय ने आयुष मंत्रालय सहित अन्य मंत्रालयों के परामर्श से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य पर्यटन के लिए एक राष्ट्रीय रणनीति और रूपरेखा तैयार की है। भारत को पारंपरिक चिकित्सा और स्वास्थ्य पर्यटन के लिए वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने हेतु आयुष आधारित चिकित्सा मूल्य यात्रा को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:-
- आयुष आधारित उपचार की तलाश करने वाले अंतरराष्ट्रीय आगंतुकों की सुविधा के लिए, सरकार ने 27 जुलाई, 2023 को आयुष वीजा शुरू किया। वर्तमान में, आयुष वीजा (एम-3) और आयुष परिचारक वीजा (एम-4), स्वास्थ्य वीजा के अंतर्गत अलग-अलग उप-श्रेणियाँ हैं, जो विदेशी नागरिकों और उनके परिचारकों को भारत में आयुष उपचार प्राप्त करने में सक्षम बनाती हैं।
- दिसंबर 2025 में द्वितीय वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा शिखर सम्मेलन में आयुष गुणवत्ता चिह्न का शुभारंभ, वैश्विक बाजारों के साथ गुणवत्ता मानकों के सामंजस्य की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य आयुष उत्पादों और सेवाओं की विशिष्ट श्रेणियों के संबंध में गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत मानकों को सुनिश्चित करना है।
- मंत्रालय ने साक्ष्य-आधारित नैदानिक निर्णय लेने में सहायता करने और उपचारात्मक दृष्टिकोणों में एकरूपता को बढ़ावा देने के लिए आयुष चिकित्सा पद्धतियों हेतु मानक उपचार दिशानिर्देश पहले ही प्रकाशित और क्रियान्वित किए हैं।
- आयुष मंत्रालय, अंतरराष्ट्रीय आयुष फेलोशिप/छात्रवृत्ति कार्यक्रम के अंतर्गत भारत के मान्यता प्राप्त आयुष संस्थानों में आयुष पाठ्यक्रमों के अध्ययन के लिए छात्रवृत्ति प्रदान करता है।
- आयुर्वेद प्रशिक्षण प्रत्यायन बोर्ड (एटीएबी) की स्थापना आयुष मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ (आरएवी) के प्रशासनिक ढांचे के अंतर्गत दिसंबर 2019 में जारी राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से की गई थी। आयुर्वेद प्रशिक्षण प्रत्यायन बोर्ड का गठन भारत और विदेशों में ऐसे आयुर्वेद प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों को मान्यता प्रदान करने के लिए किया गया था, जो मौजूदा सांविधिक निकायों के अंतर्गत विनियमित नहीं हैं।
- आयुष मंत्रालय ने आयुर्वेद और अन्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में चिकित्सा मूल्य यात्रा को बढ़ावा देने के लिए मिलकर कार्य करने हेतु पर्यटन मंत्रालय के अंतर्गत आईटीडीसी के साथ एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए हैं।
- चिकित्सा मूल्य यात्रा के प्रचार एवं प्रसार के लिए, आयुष मंत्रालय ने आयुष आधारित चिकित्सा मूल्य यात्रा (आईसी स्कीम) पर दो सफल शिखर सम्मेलनों का आयोजन किया है। इनमें से एक पश्चिमी क्षेत्र के लिए 30 सितंबर, 2024 को मुंबई में तथा दूसरा दक्षिणी क्षेत्र के लिए 26 मई, 2025 को चेन्नई में आयोजित किया गया।
- आयुष मंत्रालय आयुष के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग योजना (आईसी स्कीम) की केंद्रीय क्षेत्र योजना को लागू कर रहा है। इस योजना के अंतर्गत मंत्रालय भारतीय आयुष औषधि निर्माताओं/आयुष सेवा प्रदाताओं को आयुष उत्पादों और सेवाओं के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सहायता प्रदान करता है; आयुष चिकित्सा पद्धतियों के अंतरराष्ट्रीय प्रचार, विकास और मान्यता को सुगम बनाता है; हितधारकों के बीच संवाद और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयुष के बाजार विकास को बढ़ावा देता है; विदेशों में आयुष अकादमिक चेयर्स की स्थापना तथा आयुष चिकित्सा पद्धतियों के संबंध में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जागरूकता और रुचि को बढ़ावा देने एवं सुदृढ़ करने के लिए प्रशिक्षण कार्यशालाओं/संगोष्ठियों के आयोजन के माध्यम से शिक्षा और अनुसंधान को प्रोत्साहित करता है। अंतरराष्ट्रीय सहयोग योजना के अंतर्गत 27 देश-से-देश समझौता ज्ञापनों, 16 आयुष चेयर समझौता ज्ञापनों और 57 संस्थान-से-संस्थान स्तर के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
- भारत और विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा 17–19 दिसंबर, 2025 तक नई दिल्ली में सह-आयोजित द्वितीय विश्व स्वास्थ्य संगठन वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा शिखर सम्मेलन के दौरान, आयुष मंत्रालय ने नीति संबंधी विचार-विमर्श में सक्रिय रूप से भाग लिया और चिकित्सा मूल्य यात्रा सहित पारंपरिक चिकित्सा में वैश्विक सहयोग, विनियामक सामंजस्य तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए भाग लेने वाले देशों के साथ 16 द्विपक्षीय बैठकें आयोजित कीं।
यह जानकारी केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव जाधव ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी है।
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SR/SV/SG
(रिलीज़ आईडी: 2287118)
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