कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
पीएम सेतु के अंतर्गत उन्नयन की स्थिति
प्रविष्टि तिथि:
20 JUL 2026 4:13PM by PIB Delhi
उन्नत आईटीआई के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल विकास और रोजगार योग्यता परिवर्तन (पीएम-सेतु) योजना का उद्देश्य देश में व्यावसायिक प्रशिक्षण की समग्र गुणवत्ता एवं प्रासंगिकता को सुदृढ़ करना है। इस योजना का कुल परिव्यय ₹60,000 करोड़ है, जिसमें केंद्रीय हिस्सेदारी ₹30,000 करोड़, राज्य हिस्सेदारी ₹20,000 करोड़ तथा उद्योग हिस्सेदारी ₹10,000 करोड़ निर्धारित है।
इस योजना के अंतर्गत निम्नलिखित दो घटक शामिल हैं—
i. घटक I - हब एवं स्पोक मॉडल के अंतर्गत 1,000 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (200 हब आईटीआई एवं 800 स्पोक आईटीआई) का उन्नयन जिसमें उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप स्मार्ट कक्षाओं, आधुनिक प्रयोगशालाओं, डिजिटल सामग्री तथा उद्योग आवश्यकता अनुकूल नए पाठ्यक्रमों की व्यवस्था शामिल है।
ii. घटक II - भुवनेश्वर, चेन्नई, हैदराबाद, कानपुर और लुधियाना स्थित पाँच राष्ट्रीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (एनएसटीआई) की क्षमता वृद्धि करना, जिसमें वैश्विक भागीदारी के साथ प्रशिक्षकों के उन्नत प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करते हुए कौशल विकास हेतु सेक्टर-विशिष्ट राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करना शामिल है।
उन्नत आईटीआई के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल विकास और रोजगार योग्यता परिवर्तन (पीएम-सेतु) योजना का कार्यान्वयन महाराष्ट्र तथा मध्य प्रदेश राज्य सहित सभी राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) की गुणवत्ता एवं प्रासंगिकता में सुधार हेतु किया जा रहा है। राष्ट्रीय संचालन समिति (एनएससी) द्वारा अग्रणी उद्योग भागीदारों (एआईपी) से प्राप्त छह (6) कार्यनीतिक निवेश योजनाओं (एसआईपी) को अनुमोदित किया गया है, जिनमें तेलंगाना राज्य से तीन, आंध्र प्रदेश राज्य से एक, ओडिशा राज्य से एक तथा गुजरात राज्य से एक योजना सम्मिलित है। अनुमोदित क्लस्टरों तथा संबंधित अग्रणी उद्योग भागीदारों का विवरण नीचे तालिका-1 में दिया गया है।
तालिका-1 : राष्ट्रीय संचालन समिति द्वारा अनुमोदित क्लस्टरों का विवरण
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क्र.सं.
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राज्य का नाम
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क्लस्टर का नाम
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हब आईटीआई
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स्पोक आईटीआई
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1
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आंध्र प्रदेश
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विशाखापत्तनम क्लस्टर
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राजकीय आईटीआई, कांचरापालम
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राजकीय आईटीआई (महिला), विशाखापत्तनम
राजकीय आईटीआई, बोब्बिली,
राजकीय आईटीआई, नरसीपटनम
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2
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ओडिशा
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क्योंझर-बारबिल क्लस्टर
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राजकीय आईटीआई, बारबिल
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राजकीय आईटीआई आनंदपुर,
राजकीय आईटीआई कोइरा,
राजकीय आईटीआई करंजिया,
राजकीय आईटीआई बड़कोटे
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3
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गुजरात
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सूरत क्लस्टर
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राजकीय आईटीआई, सूरत
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राजकीय आईटीआई, सूरत (महिला),
राजकीय आईटीआई, हजीरा,
राजकीय आईटीआई, बारडोली,
राजकीय आईटीआई (महिला), सचिन
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4
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तेलंगाना
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ओल्ड सिटी क्लस्टर
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राजकीय आईटीआई, पुराना शहर
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राजकीय आईटीआई वारंगल,
राजकीय आईटीआई (बालक), नलगोंडा
राजकीय आईटीआई विकाराबाद,
राजकीय आईटीआई पंजागुड़ा
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5
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तेलंगाना
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पाटनचेरु क्लस्टर
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राजकीय आईटीआई, पाटनचेरु
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राजकीय आईटीआई नलगोंडा (नया)
राजकीय आईटीआई मारपल्ली,
राजकीय आईटीआई भोंगिर,
राजकीय आईटीआई शादनगर
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6
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तेलंगाना
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संगारेड्डी क्लस्टर
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राजकीय आईटीआई, संगारेड्डी
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राजकीय आईटीआई हथनूरा,
राजकीय आईटीआई मेडक,
राजकीय आईटीआई येल्लारेड्डी,
राजकीय आईटीआई दुब्बाका
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राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (एनएसटीआई) के उन्नयन हेतु अभिरुचि अभिव्यक्ति (ईओआई) आमंत्रित की गई।
महाराष्ट्र सरकार ने पीएम-सेतु योजना के अंतर्गत तीन (3) क्लस्टरों की पहचान की है, जिनके हब आईटीआई नागपुर, छत्रपति संभाजी नगर तथा पुणे जिलों में स्थित हैं। राज्य सरकार द्वारा उद्योगों से प्रस्ताव आमंत्रित करने हेतु प्रस्ताव हेतु आमंत्रण (आरएफपी) जारी किया गया है। वर्तमान में, राज्य से प्राप्त कोई भी प्रस्ताव अथवा कार्यनीतिक निवेश योजना (एसआईपी) राष्ट्रीय संचालन समिति (एनएससी) के विचारार्थ अथवा अनुमोदन हेतु लंबित नहीं है।
मध्य प्रदेश राज्य ने पीएम-सेतु योजना के अंतर्गत 20 क्लस्टरों की पहचान की है, जिनमें 20 हब आईटीआई एवं 81 स्पोक आईटीआई शामिल हैं। राज्य सरकार द्वारा उद्योगों से प्रस्ताव आमंत्रित करने हेतु प्रस्ताव हेतु अनुरोध (आरएफपी) जारी किया गया है। वर्तमान में, राज्य से प्राप्त कोई भी प्रस्ताव अथवा कार्यनीतिक निवेश योजना (एसआईपी) राष्ट्रीय संचालन समिति (एनएससी) के विचारार्थ अथवा अनुमोदन हेतु लंबित नहीं है।
36 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य संचालन समिति (एसएससी) का गठन किया जा चुका है, जो योजना के मार्गदर्शन एवं कार्यान्वयन की निगरानी हेतु राज्य/संघ राज्य क्षेत्र स्तर की शीर्ष निकाय है। 23 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा उद्योग की अभिरुचि आमंत्रित करने हेतु प्रस्ताव जारी किए जा चुके हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर अब तक कुल 06 कार्यनीतिक निवेश योजनाओं (एसआईपी) को अनुमोदित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, महाराष्ट्र राज्य से कोई भी प्रस्ताव लंबित नहीं है। इस योजना का कार्यान्वयन पाँच (5) वर्षों की अवधि में चरणबद्ध रूप से किए जाने का प्रस्ताव है।
यह जानकारी आज कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयन्त चौधरी द्वारा लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी गई।
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(रिलीज़ आईडी: 2286670)
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