सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्रालय
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उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन 27 जून 2026 को नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित ‘एमएसएमई दिवस 2026 - उद्यमी भारत’ कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे


केन्द्रीय एमएसएमई मंत्री श्री जीतन राम मांझी और राज्यमंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे

एमएसएमई दिवस आर्थिक विकास, नवाचार और समावेशी विकास को आगे बढ़ाने में एमएसएमई की अहम भूमिका का उत्सव मनाता है

एमएसएमई मंत्रालय भारत के एमएसएमई इकोसिस्टम को मजबूत करने हेतु नई पीढ़ी के डिजिटल प्लेटफॉर्म को लॉन्च करेगा

प्रविष्टि तिथि: 25 JUN 2026 7:44PM by PIB Delhi

उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन 27 जून 2026 को नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित ‘एमएसएमई दिवस 2026-उद्यमी भारत’ कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। इस कार्यक्रम में केन्द्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री जीतन राम मांझी; सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्यमंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे; खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के अध्यक्ष श्री मनोज गोयल तथा मंत्रालय एवं इसके विभिन्न संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।

हर वर्ष 27 जून को मनाया जाने वाला एमएसएमई दिवस, देश भर में आर्थिक विकास, नवाचार, रोजगार सृजन, निर्यात और समावेशी विकास को बढ़ावा देने में एमएसएमई की अहम भूमिका को स्वीकार करने का अवसर देता है। इस वर्ष का कार्यक्रम एक अधिक सुदृढ़, तकनीक पर आधारित, प्रतिस्पर्धी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार एमएसएमई इकोसिस्टम के निर्माण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करेगा।

इस वर्ष की शुरुआत में, राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (एनएसआईसी) का दर्जा अनुसूची ‘बी’ से बढ़ाकर अनुसूची ‘ए' श्रेणी के केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम (सीपीएसई) में कर दिया गया। यह एमएसएमई सेक्टर में एनएसआईसी के बढ़ते कद और योगदान की एक अहम पहचान है। आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के पारंपरिक हाथ से काते एवं बुने गए कपड़े, ‘पोंडुरु खादी’ को प्रतिष्ठित जियोग्राफ़िकल इंडिकेशन (जीआई) टैग मिला है। यह केवीआईसी के सहयोग से हासिल हुई एक बड़ी उपलब्धि है।

पोर्टल लॉन्च

इस अवसर पर, उपराष्ट्रपति देश भर में एमएसएमई को सशक्त बनाने के उद्देश्य से कई परिवर्तनकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म, पोर्टल और ई-बुक का शुभारंभ करेंगे।

1. पीएमईजीपी 2.0 पोर्टल

हाल ही में विकसित इस पोर्टल में नागरिकों पर केन्द्रित और तकनीक पर आधारित कई सुविधाएं दी गई हैं। इन्हें इस तरह से डिजाइन किया गया है कि सभी हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय के साथ लाभार्थी की पूरी प्रक्रिया को आसान बनाया जा सके। इसकी एक खास बात ‘जन समर्थ पोर्टल’ के साथ इसका एकीकरण है, जिससे ऋण की प्रक्रिया पूरी करने, मंजूरी देने और ऋण की राशि जारी करने के लिए इसमें शामिल बैंकों के साथ वास्तविक समय में जानकारी का आदान-प्रदान हो सकता है। पीएमईजीपी 2.0 पोर्टल, उद्यम को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह से डिजिटल, पारदर्शी और जवाबदेह इकोसिस्टम की दिशा में एक बड़ा बदलाव है।

2. समाधान 2.0 पोर्टल

यह समर्पित प्लेटफॉर्म विभिन्न केन्द्रीय मंत्रालयों, विभागों, केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) और अन्य सरकारी एजेंसियों की ओर से एमएसएमई को दिए जाने वाले बकाया भुगतान की रिपोर्ट करने और उसे ट्रैक करने के लिए बनाया गया है। यह निर्धारित समय-सीमा के भीतर हर महीने एमएसएमई के ​​बकाया भुगतान की अनिवार्य रिपोर्टिंग के लिए एक समर्पित ऑनलाइन सुविधा देता है।

3. पीएमएस 2.0 पोर्टल

प्रोक्योरमेंट एंड मार्केटिंग सपोर्ट (पीएमएस) 2.0 पोर्टल एक ऐसा समन्वित डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एमएसई) को व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों से जोड़ता है। उद्यम रजिस्ट्रेशन से जुड़ा यह पोर्टल पूरी प्रक्रिया - जिसमें आवेदन जमा करना, हिस्सा लेना और प्रतिपूर्ति संबंधी दावे शामिल हैं - को ऑनलाइन, कागज रहित और पारदर्शी बनाता है। आसान एकीकरण, बेहतर पारदर्शिता और समग्र डिजिटल प्रोसेसिंग से लैस पीएमएस पोर्टल तकनीक, दक्षता, आसान पहुंच और बाजार के साथ बेहतर संपर्क के जरिए एमएसएमई को सशक्त बनाएगा।

4. एमएसएमई ग्लोबल मार्ट 2.0 पोर्टल

एमएसएमई ग्लोबल मार्ट 2.0 राष्ट्रीय डिजिटल वाणिज्य एवं व्यापार को आसान बनाने वाला अगली पीढ़ी का एक प्लेटफॉर्म है, जो ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) इकोसिस्टम से जुड़ा हुआ है। यह प्लेटफॉर्म देश के हर कोने से एमएसएमई को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर नए व्यापारिक अवसरों से जुड़ने में मदद करेगा।

5. एमएसएमई टेस्टिंग पोर्टल

एमएसएमई टेस्टिंग पोर्टल, देश भर में एमएसएमई टेस्टिंग सेंटरों एवं टेस्टिंग स्टेशनों द्वारा की जाने वाली टेस्टिंग गतिविधियों के समग्र डिजिटलीकरण से संबंधित एक पहल है। यह पोर्टल ग्राहकों को टेस्टिंग के लिए नमूना बुक करने, भुगतान करने, अपने एप्लीकेशन का स्टेटस ट्रैक करने और टेस्ट रिपोर्ट डिजिटल रूप से डाउनलोड करने की सुविधा देता है। इससे देश भर में एमएसएमई को मिलने वाली टेस्टिंग सेवाओं की क्षमता, पहुंच और गुणवत्ता में काफी सुधार होने की उम्मीद है।

6. एमएसएमई आइडिया हैकाथॉन 6.0

एमएसएमई चैंपियंस स्कीम के तहत, हैकाथॉन 6.0 का उद्देश्य एमएसएमई के ​​बीच नवाचार  और उन्नत तकनीक को अपनाने को बढ़ावा देना है। अन्वेषकों को पंजीकृत होस्ट इंस्टीच्यूट  (एचआई) के जरिए विविध विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत करने के लिए बुलाया जाएगा, जिसमें हर विचार के लिए 15 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता मिलेगी। यह हैकाथॉन नए विचारों के विकसित होने में सहायता करता है और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन के अनुरूप मार्गदर्शन एवं प्रगति में सहयोग देता है।

ई-बुक का लॉन्च

पीएम विश्वकर्मा योजना के तीन वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में, कारीगरों की प्रेरणादायक सफलता की कहानियों के जरिए इस योजना के बदलाव लाने वाले असर को दिखाने वाली एक ‘कॉफ़ी टेबल बुक’ जारी की जाएगी। साथ ही, 'आत्मनिर्भर भारत अभियान' के तहत उद्यमों के विकास, रोजगार सृजन, नवाचार और महिला उद्यमिता में ‘सेल्फ-रिलायंट इंडिया (एसआरआई) फंड’ के योगदान को रेखांकित करने वाली एक पुस्तक का भी विमोचन किया जाएगा।

एमएसएमई पोर्टल पर विभिन्न भाषाओं में पहुंच

समावेशी शासन और उद्यम सशक्तिकरण के विजन को आगे बढ़ाते हुए, मंत्रालय अब भाषिणी और एनआईसी के सहयोग से विभिन्न एमएसएमई वेबसाइटों/पोर्टलों पर विभिन्न भाषाओं और आवाज-आधारित इकोसिस्टम की सुविधा दे रहा है। यह पहल एमएसएमई सेवाओं को भारत की 22 अनुसूचित भाषाओं में उपलब्ध कराएगी। साथ ही, इसमें एआई-आधारित आवाज के जरिए शिकायतों के समाधान तथा दस्तावेजों के अनुवाद की सुविधा भी मिलेगी। इससे लोगों की पहुंच बढ़ेगी और डिजिटल समावेशन को बढ़ावा मिलेगा।

केवीआईसी के नए उत्पाद

खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) स्थायी आजीविका को सुदृढ़ करने और बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई नए एवं पर्यावरण के अनुकूल उत्पाद लॉन्च करेगा। लॉन्च किए जाने वाले उत्पादों में टुकुन (बच्चों के कपड़े), रंगताल (टेबल रनर और मैट), बेला (बच्चों के लिए रैप शीट), वान्या (एरी स्टोल) और उमंग (ऊनी स्टोल) शामिल हैं।

पैनल चर्चाएं

एमएसएमई दिवस के कार्यक्रमों का समापन दो तकनीकी पैनल चर्चाओं के साथ होगा: “महिला उद्यमिता के नए युग की शुरुआत” और “चैंपियन एमएसएमई का निर्माण”। इन सत्रों में एमएसएमई इकोसिस्टम से जुड़े नीति-निर्माता, उद्योग जगत के प्रमुख, महिला उद्यमी, वित्तीय संस्थान, शिक्षाविद और अन्य प्रमुख हितधारक एक साथ आएंगे। वे उद्यमिता को बढ़ावा देने, एमएसएमई की प्रतिस्पर्धा-क्षमता को मजबूत करने और समावेशी आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने की रणनीतियों पर चर्चा करेंगे।

 

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पीके/केसी/आर


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