वित्त मंत्रालय
एनपीसीआई इंटरनेशनल और एसीएलईडीए बैंक ने कंबोडिया के राष्ट्रीय क्यूआर कोड केएचक्यूआर के माध्यम से कंबोडिया में सीमा पार यूपीआई भुगतान शुरू किया
पहले चरण की शुरुआत से भारत और कंबोडिया के बीच दोतरफा भुगतान का मार्ग प्रशस्त हो गया है
प्रविष्टि तिथि:
03 JUN 2026 7:20PM by PIB Delhi
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) की अंतर्राष्ट्रीय शाखा एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (एनआईपीएल) ने कंबोडिया में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) की मंजूरी शुरू करने के लिए एसीएलईडीए बैंक पीएलसी के साथ आधिकारिक तौर पर साझेदारी की।
नोम पेन्ह में एक औपचारिक समारोह के बाद इस अभूतपूर्व सहयोग की शुरुआत हुई, जिसमें कंबोडिया के राष्ट्रीय बैंक (एनबीसी) के गवर्नर माननीय डॉ. चिया सेरे और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के उच्च स्तरीय प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस कार्यक्रम ने कंबोडिया के राष्ट्रीय क्यूआर कोड बाकोंग के केएचक्यूआर के माध्यम से दोनों देशों के बीच सीमा पार क्यूआर भुगतान संपर्क स्थापित करने के पहले चरण के पूर्ण होने का प्रतीक है।
पहले चरण में लाखों भारतीय यात्री कंबोडिया के 45 लाख से अधिक व्यापारियों के यहां क्यूआर कोड से निर्बाध भुगतान कर सकेंगे, और इसके बाद एक दोतरफा कॉरिडोर भी शुरू किया जाएगा। हालांकि पहले चरण में भारत आने वाले यात्रियों को प्राथमिकता दी गई है, लेकिन यह साझेदारी विस्तार के लिए विशेष तौर पर तैयार की गई है। अगले चरण में, कॉरिडोर पूरी तरह से दोतरफा हो जाएगा। भारत आने वाले कंबोडियाई नागरिक जल्द ही अपने घरेलू बैंकिंग और डिजिटल भुगतान एप्लिकेशन का इस्तेमाल करके पूरे भारत में लाखों यूपीआई क्यूआर कोड स्कैन कर सकेंगे, जिससे बाकोंग के केएचक्यूआर के माध्यम से एक अत्याधुनिक, दोनों दिशा में वित्तीय नेटवर्क पूर्ण हो जाएगा।
रणनीतिक प्रभाव: पर्यटन और डिजिटल दक्षता को प्रोत्साहन
यह डिजिटल भुगतान कॉरिडोर दोनों देशों के बीच वाणिज्य के संचालन के तरीके में एक बड़ा बदलाव दर्शाता है, जिससे तत्काल लाभ प्राप्त होते हैं:
- यात्रियों की सुविधा में बढ़ोतरी : इससे मुद्रा के लेन-देन की भौतिक असुविधा, बड़ी मात्रा में नकदी ले जाने की परेशानी या अपरिचित विदेशी मुद्रा शुल्कों से निपटने की परेशानी खत्म हो जाती है।
- स्थानीय व्यापारियों के लिए आर्थिक प्रोत्साहन : कंबोडियाई व्यवसायों को तकनीक-प्रेमी भारतीय आगंतुकों की एक विशाल आबादी तक त्वरित पहुंच प्राप्त होती है, जिससे लेन-देन की मात्रा में बढ़ोतरी होती है।
- परिचालन दक्षता : स्थानीय व्यापारियों को बेहतर नकदी प्रबंधन, नकदी के भौतिक लेन-देन से जुड़ी लागत में कमी और सुरक्षित, वास्तविक समय में लेन-देन निपटान का लाभ मिलेगा।
दुनिया भर में यूपीआई की पहुंच
यूपीआई आठ देशों - सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, कतर और श्रीलंका - में स्वीकार किया जाता है, जिससे भारतीय यात्री परिचित प्लेटफॉर्मों के जरिए विदेश में आसानी से भुगतान कर सकते हैं। अब कंबोडिया इस सूची में शामिल होने वाला नौवां देश है।
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पीके/केसी/एमएम
(रिलीज़ आईडी: 2268676)
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