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पीएम स्वनिधि: रेहड़ी-पटरी लगाने वाले विक्रेताओं के लिए वित्तीय समावेशन को आगे बढ़ाना


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (एफएक्‍यू)

प्रविष्टि तिथि: 30 MAY 2026 9:00PM by PIB Delhi

1. पीएम स्वनिधि क्या है?

पीएम स्वनिधि केंद्रीय क्षेत्र की एक योजना है, जो रेहड़ी-पटरी लगाने वाले विक्रेताओं को किफायती कार्यशील पूँजी, वित्तीय समावेशन और सामाजिक सुरक्षा उपायों के माध्यम से सहायता प्रदान करती है।

 

2. इसे शुरू क्यों किया गया?

पीएम स्वनिधि को कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू किया गया था, ताकि उन रेहड़ी-पटरी लगाने वाले विक्रेताओं को किफायती कार्यशील पूँजी ऋण उपलब्ध कराया जा सके, जिनके व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुए थे। यह रेहड़ी-पटरी लगाने वाले विक्रेताओं के लिए पहली समर्पित सूक्ष्म-ऋण योजना है, जो अनौपचारिक कार्यबल का एक बड़ा हिस्सा हैं और औपचारिक ऋण तक अक्सर उनकी पहुँच सीमित होती है। इसका उद्देश्य उनके वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देते हुए उनके व्यवसायों के विकास को समर्थन देना है।

 

3. पीएम स्वनिधि की शुरुआत कब की गई और इसे कौन से मंत्रालय लागू करते हैं?

यह योजना जून 2020 में शुरू की गई थी। इसे आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) तथा वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) की संयुक्त जिम्मेदारी के तहत लागू किया जाता है।

 

4. पीएम स्वनिधि के तहत ऋण देने की विस्तारित अवधि क्या है?

मजबूत उपलब्धियों और स्पष्ट रूप से आँके जा सकने वाले प्रभाव को देखते हुए सरकार ने पीएम स्वनिधि योजना के पुनर्गठन और विस्तार को मंजूरी दी है। इसके तहत ऋण देने की अवधि को मार्च 2030 तक बढ़ा दिया गया है।

 

5. रेहड़ी-पटरी लगाने वाला विक्रेता/फेरीवाला कौन है?

कोई भी व्यक्ति जो सड़क, फुटपाथ, पगडंडी आदि पर अस्थायी ढाँचे से या एक स्थान से दूसरे स्थान पर घूम-घूमकर दैनिक उपयोग की वस्तुओं, सामान, खाद्य पदार्थों या अन्य उत्पादों की बिक्री करता है अथवा आम जनता को सेवाएं प्रदान करता है। इनके द्वारा बेची जाने वाली वस्तुओं में सब्ज़ियाँ, फल, रेडी-टू-ईट स्ट्रीट फूड आदि शामिल हैं, और इनके द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं में नाई की दुकानें, जूते-चप्पल मरम्मत करने वाली सेवाएँ, लॉन्ड्री की सेवाएँ आदि शामिल हैं।

 

6. पीएम स्वनिधि के तहत कौन-कौन सी वित्तीय सहायता और लाभ प्रदान किए जाते हैं?

रेहड़ी-पटरी लगाने वाले विक्रेताओं को क्रमिक ऋण किश्तों के माध्यम से 15,000 रुपये, 25,000 रुपये और 50,000 रुपये तक के बिना गारंटी कार्यशील पूँजी ऋण प्रदान किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त, योजना के अंतर्गत ब्याज सब्सिडी, क्रेडिट गारंटी सहायता और  पात्र विक्रेताओं के लिए 30,000 रुपये तक का यूपीआई लिंक्‍ड रुपे क्रेडिट कार्ड भी प्रदान किए जाते हैं।

 

7. क्या ऋण की समय पर/शीघ्र अदायगी करने पर कोई प्रोत्साहन दिया जाता है?

जी हाँ। पीएम स्वनिधि योजना समय पर और शीघ्र ऋण चुकाने को प्रोत्साहित करती है। इसके तहत लाभार्थियों को 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सब्सिडी प्रदान की जाती है। इसके अलावा, अपने ऋण को समय पर चुकता करने वाले रेहड़ी पटरी लगाने वाले विक्रेता अगले चरण में अधिक राशि के ऋण के लिए पात्र हो जाते हैं।

 

8. ऋण स्वीकृत होने में कितना समय लगता है?

पीएम स्वनिधि योजना ऋण आवेदन और स्वीकृति प्रक्रिया को सरल एवं कारगर बनाने के लिए एंड-टू-एंड डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करती है। औसतन, ऋण की प्रोसेसिंग और स्वीकृति में लगभग 23 दिन का समय लगता है, बशर्ते कि सत्यापन प्रक्रिया और सभी आवश्यक औपचारिकताएँ पूर्ण कर ली गई हों।

 

9. संस्तुति-पत्र (एलओआर) या विक्रय प्रमाणपत्र (सीओवी) रखने वाले रेहड़ी पटरी लगाने वाले विक्रेता ऋण के लिए आवेदन कैसे कर सकते हैं?

वैध संस्तुति-पत्र (एलओआर) या विक्रय प्रमाणपत्र (सीओवी) रखने वाले रेहड़ी पटरी लगाने वाले विक्रेता योजना पोर्टल के माध्यम से या मोबाइल ऐप के माध्यम से या शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) की सहायता से पीएम स्वनिधि ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं।

 

10. पीएम स्वनिधि के तहत रेहड़ी पटरी लगाने वाले कितने विक्रेता लाभान्वित हुए हैं?

पीएम स्वनिधि योजना के तहत अब तक 75.5 लाख से अधिक रेहड़ी पटरी लगाने वाले विक्रेताओं ने 112 लाख से अधिक ऋण प्राप्‍त किए हैं।

 

11. इस योजना के तहत कुल कितनी वित्तीय सहायता प्रदान की गई है?

देशभर के रेहड़ी पटरी लगाने वाले विक्रेताओं को 17,800 करोड़ रुपये से अधिक राशि के ऋण वितरित किए जा चुके हैं। लाभार्थियों ने ब्याज सब्सिडी और डिजिटल कैशबैक प्रोत्साहनों के रूप में लगभग 800 करोड़ रुपये भी प्राप्‍त किए हैं।

 

12. पीएम स्वनिधि रेहड़ी पटरी लगाने वाले विक्रेताओं के बीच डिजिटल और वित्तीय समावेशन को कैसे बढ़ावा देती है?

यह योजना 1,600 रुपये तक के कैशबैक प्रोत्साहनों और वित्तीय साक्षरता सहायता के माध्यम से डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देती है। 55 लाख से अधिक विक्रेताओं ने लगभग 8.96 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 841 करोड़ से अधिक डिजिटल लेनदेन पूरे किए हैं।

13. स्वनिधि से समृद्धि क्या है और यह लाभार्थियों की किस प्रकार सहायता करती है?

स्वनिधि से समृद्धि पहल लाभार्थी परिवारों की प्रोफाइलिंग करती है और उन्हें केंद्र सरकार की चयनित 8 कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ती है। इस पहल के तहत 50 लाख से अधिक परिवारों की प्रोफाइलिंग की जा चुकी है तथा 1.52 करोड़ से अधिक कल्याणकारी लाभ स्वीकृत किए गए हैं।

 

14. पीएम स्वनिधि के तहत कौन-सा प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण सहायता प्रदान की जाती है?

इस योजना के अंतर्गत वित्तीय साक्षरता, डिजिटल साक्षरता तथा एफएसएसएआई के सहयोग से खाद्य सुरक्षा प्रथाओं से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। अब तक लगभग 6 लाख रेहड़ी पटरी लगाने वाले विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

 

15. पीएम स्वनिधि ने आजीविका और वित्तीय सशक्तिकरण पर क्या प्रभाव डाला है?

2023 और 2025 में किए गए स्वतंत्र अध्ययनों में पाया गया कि लाभार्थियों के बीच व्यवसाय की स्थिरता में सुधार हुआ है, आय में वृद्धि हुई है और वित्तीय समावेशन मजबूत हुआ है। इस योजना के माध्यम से लगभग 95 प्रतिशत लाभार्थियों ने पहली बार औपचारिक संस्थागत ऋण प्राप्त किया। लगभग 30 प्रतिशत लाभार्थियों ने पीएम स्वनिधि ऋण के अतिरिक्त भी अतिरिक्त ऋण सुविधाएं हासिल कीं। लाभार्थियों की आय में औसतन लगभग 20 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है।

 

16. पीएम स्वनिधि ने सामाजिक समावेशन और शहरी आजीविका को किस प्रकार मज़बूती प्रदान की है?

लगभग 46 प्रतिशत लाभार्थी महिलाएं हैं और लगभग 70 प्रतिशत लाभार्थी हाशिए पर स्थित समुदायों से संबंधित हैं। इस योजना ने सूक्ष्म उद्यमों, स्थानीय आपूर्ति शृंखलाओं तथा शहरी स्थानीय निकायों के साथ रेहड़ी पटरी लगाने वाले विक्रेताओं के एकीकरण को मजबूत किया है।

संदर्भ                                                            

 

आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय

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