स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
एबीडीएम के तहत एबीएचए से 100 करोड़ स्वास्थ्य रिकॉर्ड लिंक किए गए, डिजिटल स्वास्थ्य सेवा में एक कदम
एबीडीएम उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज, 15 महीनों में लिंक किए गए स्वास्थ्य रिकॉर्ड की संख्या दोगुनी होकर 100 करोड़ हो गई
सरकारी स्वास्थ्य प्लेटफॉर्म और निजी स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी साझेदार एबीडीएम के तहत एबीएचए से जुड़े स्वास्थ्य रिकॉर्ड की वृद्धि को बढ़ावा दे रहे हैं
स्वास्थ्य रिकॉर्ड के मामले में उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ एबीएचए से जुड़े अग्रणी राज्यों में शामिल हैं।
प्रविष्टि तिथि:
22 MAY 2026 6:03PM by PIB Delhi
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा कार्यान्वित आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इसके तहत 100 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खातों (एबीएचए) से सफलतापूर्वक लिंक किए गए हैं। यह उपलब्धि देश में एक एकीकृत, नागरिक-केंद्रित और अंतरसंचालनीय डिजिटल स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह उपलब्धि सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों, राज्य स्वास्थ्य प्लेटफार्मों, सार्वजनिक डिजिटल प्रणालियों और निजी स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी भागीदारों में एबीडीएम के बढ़ते उपयोग को दर्शाती है। वर्तमान में, 450 से अधिक सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी समाधान एबीडीएम इकोसिस्टम के साथ सफलतापूर्वक एकीकृत हो चुके हैं। इससे स्वास्थ्य सुविधाओं में स्वास्थ्य अभिलेखों के डिजिटलीकरण और निर्बाध आदान-प्रदान में तेजी आई है।
एबीएचए एक अद्वितीय डिजिटल स्वास्थ्य पहचान के रूप में कार्य करता है। यह नागरिकों को अस्पतालों, क्लीनिकों, प्रयोगशालाओं और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं में अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड को सुरक्षित रूप से लिंक करने और उन तक पहुंचने में सक्षम बनाता है। एबीडीएम की सहमति-आधारित स्वास्थ्य सूचना विनिमय प्रणाली के माध्यम से, नागरिक पंजीकृत स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के साथ अपने चिकित्सा रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से साझा कर सकते हैं। इससे व्यक्तिगत स्वास्थ्य जानकारी की गोपनीयता और सुरक्षा बनाए रखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं तक कागज रहित और कुशल पहुंच सुनिश्चित होती है।
तेजी से विस्तार और उपयोग से एबीडीएम ने मात्र 15 महीनों में लिंक किए गए स्वास्थ्य रिकॉर्ड की संख्या को फरवरी 2025 में 50 करोड़ से बढ़ाकर 100 करोड़ से अधिक कर दिया। अब लगभग 10 करोड़ स्वास्थ्य रिकॉर्ड हर दो से तीन महीने में लिंक किए जा रहे हैं। अपने प्रारंभिक चरण में 1,000 से भी कम लिंक किए गए रिकॉर्ड से लेकर आज 100 करोड़ से अधिक तक, एबीडीएम दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल स्वास्थ्य इको सिस्टम में से एक बन गया है।
इस उपलब्धि को हासिल करने में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अहम भूमिका निभाई है। उत्तर प्रदेश 15.03 करोड़ से अधिक एबीएचए से जुड़े स्वास्थ्य रिकॉर्ड के साथ अग्रणी योगदानकर्ता बनकर उभरा है, इसके बाद आंध्र प्रदेश 11.95 करोड़ से अधिक जुड़े रिकॉर्ड के साथ दूसरे स्थान पर है। बिहार, राजस्थान और गुजरात ने भी क्रमशः 7.37 करोड़, 6.32 करोड़ और 4.77 करोड़ स्वास्थ्य रिकॉर्ड को जोड़कर उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। कई अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने एबीडीएम के तहत डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड के राष्ट्रव्यापी विकास को और मजबूत किया है।
इस उपलब्धि में योगदान देने वाले प्रमुख सरकारी कार्यक्रमों और डिजिटल प्लेटफार्म में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत गैर-संचारी रोग कार्यक्रम और कोविन, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई), उत्तर प्रदेश सरकार का ई-कवच प्लेटफार्म, आंध्र प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य कार्यक्रम, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य (आरसीएच) कार्यक्रम, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र द्वारा ई-अस्पताल, उन्नत कंप्यूटिंग विकास केंद्र (सी-डीएसी) द्वारा ई-सुश्रुत, गुजरात सरकार का टेको प्लेटफार्म और राजस्थान सरकार का आईएचएमएस प्लेटफार्म शामिल हैं।
सरकारी पहलों के अलावा, कई निजी स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी भागीदार और एबीडीएम-सक्षम डिजिटल समाधान भी एबीएचए से जुड़े स्वास्थ्य अभिलेखों के निर्माण और उन्हें आपस में जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इससे देश के डिजिटल स्वास्थ्य इको सिस्टम को और मजबूती मिल रही है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सीईओ डॉ. सुनील कुमार बरनवाल ने इस उपलब्धि पर कहा, “100 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य अभिलेखों को एबीएचए से जोड़ना आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह सरकारी कार्यक्रमों, राज्यों, स्वास्थ्य सुविधाओं और निजी प्रौद्योगिकी भागीदारों में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को तेजी से अपनाने को दर्शाता है। एबीएचए से जुड़े स्वास्थ्य अभिलेख नागरिकों को उनकी स्वास्थ्य जानकारी तक सुरक्षित और सहमति-आधारित पहुंच प्रदान करते हैं और स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में निरंतर देखभाल सुनिश्चित करते हैं।”
उन्होंने यह भी कहा, “एबीडीएम को डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली के केंद्र में नागरिकों को रखने के लिए डिज़ाइन किया गया है। सहमति के आधार पर स्वास्थ्य रिकॉर्ड साझा करने से, व्यक्ति आवश्यकता पड़ने पर अपनी चिकित्सा जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और सम्बंधित रिकॉर्ड को स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के साथ डिजिटल रूप से साझा कर सकते हैं। इससे स्वास्थ्य सेवा को अधिक सुलभ, कुशल और रोगी-केंद्रित बनाने में मदद मिलेगी।”
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन देश में एक अंतरसंचालनीय स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के लिए आवश्यक डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना का निर्माण कर रहा है। आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (एबीएचए), स्वास्थ्य सेवा पेशेवर रजिस्ट्री (एचपीआर), स्वास्थ्य सुविधा रजिस्ट्री (एचएफआर), स्वास्थ्य सूचना विनिमय और सहमति प्रबंधक (एचआईई-सीएम), एकीकृत स्वास्थ्य इंटरफ़ेस (यूएचआई) और राष्ट्रीय स्वास्थ्य दावा विनिमय (एनएचसीएक्स) जैसे प्रमुख डिजिटल घटकों के माध्यम से, एबीडीएम स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में स्वास्थ्य सम्बंधी सूचनाओं के सुरक्षित, सहमति-आधारित और अंतरसंचालनीय आदान-प्रदान को सक्षम बनाता है।
एबीएचए से अब 100 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड जुड़ जाने के साथ- साथ एबीडीएम ने देश में नागरिकों के लिए दीर्घकालिक डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड बनाने और कागज रहित, कुशल और रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा तंत्र को सक्षम बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
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पीके/केसी/वीके/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2264343)
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