विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
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केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने मुंबई में क्रेता-विक्रेता बैठक का उद्घाटन किया

प्रविष्टि तिथि: 09 MAY 2026 6:01PM by PIB Delhi

केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और पीएमओ, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री और सीएसआईआर के उपाध्यक्ष डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज मुंबई में आगामी लैवेंडर फेस्टिवल 2026’ से पूर्व 'क्रेता-विक्रेता' बैठक का उद्घाटन किया। यह बैठक सीएसआईआर और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटिव मेडिसिन द्वारा आयोजित की गई थी।

इस एक दिवसीय 'अरोमा उद्योग-किसान सम्मेलन' में प्रमुख सुगंध और इत्र उद्योग के प्रतिनिधियों, वैज्ञानिकों, स्टार्टअप्स, उद्यमियों और लैवेंडर किसानों, विशेष रूप से भद्रवाह और जम्मू-कश्मीर के अन्य क्षेत्रों के किसानों ने हिस्सा लिया। इसका उद्देश्य बाज़ार संबंधों को मज़बूत करना और एक स्थाई लैवेंडर-आधारित उद्यम इकोसिस्टम तैयार करना था।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभा को संबोधित करते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने सीएसआईआर-आईआईआईएम, जम्मू के निदेशक डॉ. ज़बीर अहमद और उनकी टीम को इस 'क्रेता-विक्रेता बैठक' के आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह पहल जम्मू-कश्मीर में सीएसआईआर अरोमा मिशन और 'पर्पल रेवेलूशन' की बढ़ती सफलता को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि 'अरोमा मिशन' ने इस क्षेत्र में सुगंध से जुड़ी खेती को काफी मज़बूत किया है और किसानों तथा युवाओं के लिए आजीविका के नए अवसर पैदा किए हैं।

हालाँकि, उन्होंने इस बात पर भी ध्यान दिलाया कि जैसे-जैसे यह क्षेत्र एक स्थायी सुगंध-आधारित अर्थव्यवस्था की ओर विकसित हो रहा है, कुछ चुनौतियाँ अब भी बनी हुई हैं, जैसे कि उत्पाद की गुणवत्ता में अस्थिरता, कमजोर बाजार संपर्क और उद्योग-उन्मुख मार्गदर्शन की सीमित उपलब्धता।

केंद्रीय मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि क्रेता-विक्रेता बैठक के दौरान विचार-विमर्श से उत्पादकों और बाजार के बीच महत्वपूर्ण अंतर को पाटने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि भद्रवाह और आसपास के क्षेत्रों के लैवेंडर किसानों, स्टार्टअप्स और सुगंध उद्यमियों की भागीदारी से उन्हें इत्र और सुगंध उद्योग के प्रमुख हितधारकों के साथ सीधे संवाद करने का अवसर मिलेगा।

माननीय केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केल्कर, अजमल ग्रुप, एक्सपो एसेंशियल ऑयल्स, बीबीके स्पेशलिटीज और निशांत अरोमा सहित कई प्रमुख उद्योग जगत के दिग्गज इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं और किसानों तथा स्टार्टअप्स के साथ सीधे तौर पर जुड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह मंच उत्पादन को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालने, गुणवत्ता मानकों में सुधार करने और सुनिश्चित बाजार संपर्कों के साथ एक संवहनीय मूल्य श्रृंखला स्थापित करने में मदद करेगा।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने के महत्व पर ज़ोर देते हुए मंत्री महोदय ने कहा कि यह कार्यक्रम जम्मू-कश्मीर के हितधारकों को सुगंध-आधारित मूल्य-वर्धित उत्पाद विकसित करने में मदद करेगा और वैश्विक सुगंध तथा आरोग्य बाज़ार में इस क्षेत्र की स्थिति को मज़बूत बनाएगा।

उन्होंने इस कार्यक्रम की सफलता के लिए आयोजकों, भाग लेने वाले उद्योगों, किसानों और कृषि-स्टार्टअप्स को अपनी शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर, सीएसआईआर-आईआईआईएम जम्मू के निदेशक, डॉ. ज़बीर अहमद ने कहा कि संस्थान माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, माननीय केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के मार्गदर्शन और सीएसआईआर की महानिदेशक डॉ. एन. कलैसेल्वी की व्यक्तिगत देखरेख में विज्ञान को ग्रामीण आजीविका और उद्यमिता से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।

डॉ. अहमद ने कहा कि इस 'अरोमा उद्योग-किसान सम्मेलन' का आयोजन "ब्रीजिंग फील्ड्स विद फ्रैग्रेंस इनोवेशन" (खेतों को सुगंध नवाचार से जोड़ना) के विषय  पर किया गया है। इसका उद्देश्य किसानों, स्टार्टअप्स और उद्योगों के बीच मजबूत साझेदारी स्थापित करना और खेती से लेकर वैश्विक सुगंध बाजारों तक एक पूर्ण मूल्य श्रृंखला को बढ़ावा देना है।

डॉ. अहमद ने कहा कि सीएसआईआर-आईआईआईएम ने वैज्ञानिक हस्तक्षेपों, प्रशिक्षणडिस्टिलेशन प्रौद्योगिकियों और उद्यमिता सहायता के माध्यम से जम्मू-कश्मीर में लैवेंडर की खेती और सुगंधित फसलों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विशेष रूप से भद्रवाह जैसे क्षेत्रों में, जो 'पर्पल क्रांतिके तहत महत्वपूर्ण लैवेंडर क्लस्टर के रूप में उभरे हैं।

डॉ. अहमद ने कहा कि यह बैठक किसानों और स्टार्टअप्स को उभरते बाजार रुझानों, अनुबंध खेती के अवसरों, आवश्यक तेल निष्कर्षण प्रौद्योगिकियों, मूल्य संवर्धन और उद्यमिता सहायता को समझने का अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने आगे कहा कि प्रतिभागियों को सुगंध क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं और स्टार्टअप पहलों के बारे में भी जागरूक किया जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि उद्योगों और किसानों के बीच सीधा संवाद, सुगंधित पौधों की खेती करने वालों और उद्यमियों के लिए बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पादन, स्थायी आय और दीर्घकालिक बाज़ार सहायता सुनिश्चित करने में मदद करेगा।

इस कार्यक्रम में देश भर से वैज्ञानिक, उद्योग विशेषज्ञ, स्टार्टअप, सुगंधित पौधों की खेती करने वाले किसान और इत्र तथा सुगंधित उत्पादों की प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक के दौरान जिन प्रमुख उद्योगपतियों ने भाग लिया, उनमें एस.एच. केलकर ग्रुप के अध्यक्ष रमेश वाज़े, अजमल परफ्यूमर्स के मिलिंद देशपांडे, बीबीके स्पेशलिस्ट के कमलेश शाह, निशांत अरोमा के संदीप, फाइन फ्रैग्रेंस प्राइवेट लिमिटेड की काजल शाह, ग्रीन एसेंस एक्सट्रैक्शन प्राइवेट लिमिटेड के गौतम मोहंती, सागर एरोमैटिक्स के प्रवीण घोघारी और एक्सपो एसेंशियल ऑयल्स के बी.एन. त्रिपाठी शामिल थे।

बैठक के दौरान दो तकनीकी सत्रों और उसके बाद हुई चर्चा में, सुगंध क्षेत्र की चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर चर्चा की गई, जिसमें मुख्य रूप से लैवेंडर की खेती, प्रसंस्करण, विस्तार और विपणन पहलुओं पर ज़ोर दिया गया।

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पीके/केसी/एसके


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