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आयुष मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की योजना बनाने के लिए अंतर-मंत्रालयी समिति की बैठक बुलाई


योग एक स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने वाला जनांदोलन बन चुका है: केंद्रीय मंत्री श्री प्रतापराव जाधव

आईडीवाई 2026 सामूहिक और समावेशी भागीदारी के साथ एक वास्तविक ‘सम्पूर्ण-सरकार’ एवं ‘सम्पूर्ण-समाज’ वाला आंदोलन होगा : श्री जाधव

स्वास्थ्य, कल्याण और आंतरिक संतुलन के साधन के रूप में योग को वैश्विक स्वीकृति मिल रही है : श्री सिबी जॉर्ज, सचिव (पश्चिम), विदेश मंत्रालय

प्रविष्टि तिथि: 04 MAY 2026 5:28PM by PIB Delhi

आयुष मंत्रालय ने आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई) 2026 की गतिविधियों की योजना और समन्वित क्रियान्वयन पर विचार-विमर्श करने के लिए आज अंतर-मंत्रालयी समिति (आईएमसी) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। नई दिल्ली में आयोजित इस बैठक में केन्द्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, प्रख्यात योग गुरु, योग संस्थानों और संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

बैठक की अध्यक्षता केन्द्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने की, जो समग्र स्वास्थ्य और कल्याण के साधन के रूप में योग की वैश्विक और राष्ट्रीय पहुंच को और मजबूत करने की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

अपने संबोधन में श्री प्रतापराव जाधव ने बैठक में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों, वरिष्ठ अधिकारियों, योग विशेषज्ञों और संस्थागत प्रतिनिधियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। हैदराबाद में आयोजित आईडीवाई 2026 के हालिया 50 दिनों की उलटी गिनती वाले कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए उन्होंने योग के प्रति बढ़ती जन-रुचि और भागीदारी को रेखांकित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योग अब केवल सत्रों और चटाइयों तक सीमित अभ्यास नहीं रहे गया, बल्कि एक व्यापक जनांदोलन में बदल गया है, जो स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देता है।

भारत के वैश्विक नेतृत्व पर प्रकाश डालते हुए मंत्री महोदय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में 2015 से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन 190 से अधिक देशों तक पहुंच गया है, जिससे विश्व भर में लाखों लोग शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और आंतरिक शांति के लिए योग अपनाने के लिए प्रेरित हुए हैं।

उन्होंने ‘सम्पूर्ण-सरकार दृष्टिकोण’ पर बल देते हुए सभी मंत्रालयों और विभागों से आईडीवाई 2026 की सफलता में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने प्रमुख फोकस क्षेत्रों को रेखांकित किया, जिनमें 21 जून को सामान्य योग प्रोटोकॉल के पालन में अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करना, स्कूलों, कार्यस्थलों और स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों जैसे संस्थागत ढांचों में योग को एकीकृत करना, ग्रामीण और वंचित आबादी, सीमावर्ती और दूरस्थ क्षेत्रों में समावेशिता सुनिश्चित करना, प्रचार-प्रसार के लिए डिजिटल प्लेटफार्मों का लाभ उठाना और गतिविधियों का समयबद्ध क्रियान्वयन और रिपोर्टिंग सुनिश्चित करना शामिल है।

श्री जाधव ने सभी मंत्रालयों और अन्य हितधारकों से समयबद्ध तरीके से सहयोग, समन्वय और सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया और कहा कि आइए हम सब मिलकर यह सुनिश्चित करें कि 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस अभूतपूर्व जनभागीदारी, प्रभावी समन्वय और व्यापक जागरूकता के साथ मनाया जाए।

योग को बढ़ावा देने के लिए भारत की वैश्विक प्रतिबद्धता की पुन: पुष्टि करते हुए विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) श्री सिबी जॉर्ज ने कहा कि विदेश मंत्रालय विदेशों में स्थित अपने दूतावासों, वाणिज्य दूतावासों और मिशनों के नेटवर्क के माध्यम से आईडीवाई 2026 के विश्वव्यापी आयोजन के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विदेशों में स्थित भारतीय मिशन योग की वैश्विक उपस्थिति को और अधिक विस्तारित करने के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार गतिविधियों, साझेदारियों और सामुदायिक सहभागिता पहलों के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

चल रहे अंतरराष्ट्रीय प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने उल्लेख किया कि आयुष मंत्रालय और ‘हार्टफुलनेस’ के सहयोग से जापान में शुरू की गई छह महीने की योग अभ्यास पहल में उत्साहजनक भागीदारी और सफलता देखी गई है, जो स्वास्थ्य, कल्याण और आंतरिक संतुलन के लिए योग की बढ़ती वैश्विक स्वीकृति को दर्शाती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह के निरंतर अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव आईडीवाई 2026 को वास्तव में एक वैश्विक आंदोलन बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

अपने स्वागत भाषण में आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने सभी प्रतिभागियों का गर्मजोशी से स्वागत किया और आईडीवाई 2026 के लिए रोडमैप तैयार करने में इस बैठक के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने योग को भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का एक महत्वपूर्ण घटक बताया, जो एक वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन के रूप में विकसित हुआ है। उन्होंने 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दिए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि विभिन्न देशों और समुदायों की व्यापक भागीदारी से इसका वैश्विक प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आईडीवाई केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य, संतुलन और समग्र जीवन शैली को बढ़ावा देने वाला एक सतत वैश्विक अभियान है।

एस-वीवाईएएसए विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. एच.आर. नागेंद्र ने योग करने वालों के वैश्विक समुदाय की निरंतर वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि हाल के वर्षों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस में भागीदारी में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 26 करोड़ से अधिक लोगों ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस में भाग लिया था और विश्वास व्यक्त किया कि इस वर्ष यह संख्या 30 करोड़ से अधिक होने की उम्मीद है। साक्ष्य-आधारित अभ्यास के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने रेखांकित किया कि बढ़ते शोध से यह स्थापित हो चुका है कि योग समग्र स्वास्थ्य और कल्याण के लिए अत्यधिक लाभकारी है, साथ ही इसने गैर-संक्रामक रोगों (एनसीडी) की रोकथाम और प्रबंधन में अपनी प्रभावशीलता का प्रदर्शन भी किया है।

मोक्षयातन इंटरनेशनल योगाश्रम के अध्यक्ष श्री स्वामी डॉ. भरत भूषण ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के आयोजन के प्रति अपना पूर्ण समर्थन दोहराया। उन्होंने जोर दिया कि आईडीवाई के प्रयासों को दुनियाभर के प्रत्येक व्यक्ति की दैनिक जीवनशैली में योग के अभ्यास को शामिल करने पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए। योग की परिवर्तनकारी क्षमता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि इसमें व्यक्तियों को सभी प्रकार की प्रतिकूलताओं से ऊपर उठाने और उन्हें एक स्वस्थ तथा अधिक संतुलित जीवन की ओर ले जाने की शक्ति है।

आयुष मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुश्री मोनालिसा दाश ने आईडीवाई 2026 के लिए प्रस्तावित गतिविधियों और रणनीति पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी, जिसमें प्रमुख पहलों, विषयगत फोकस क्षेत्रों और प्रचार योजनाओं की रूपरेखा दी गई। प्रस्तुति के बाद विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें भाग लेने वाले मंत्रालयों के प्रतिनिधियों, योग गुरुओं और योग संगठनों/संस्थानों के प्रतिनिधियों ने देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आईडीवाई समारोहों के प्रभाव को बढ़ाने के लिए अपने विचार, सुझाव और प्रतिबद्धताएं साझा कीं।

चर्चाओं में संस्थागत नेटवर्क, मीडिया प्लेटफॉर्म और सामुदायिक भागीदारी का लाभ उठाकर आईडीवाई 2026 के लिए व्यापक सहभागिता और दृश्यता सुनिश्चित करने के लिए सरकार के समग्र दृष्टिकोण पर जोर दिया गया। युवाओं की भागीदारी, डिजिटल पहुंच और चल रही राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं कल्याण पहलों के साथ एकीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया।

आयुष मंत्रालय ने इस बात की पुन: पुष्टि की कि बैठक के परिणाम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 से पहले मंत्रालयों और हितधारकों के बीच समन्वित कार्रवाई के लिए एक मार्गदर्शक ढांचे के रूप में कार्य करेंगे। समावेशिता, नवाचार और वैश्विक सहभागिता पर नए सिरे से जोर देते हुए मंत्रालय ने विश्वास व्यक्त किया कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 स्वास्थ्य, सद्भाव और कल्याण के सार्वभौमिक मार्ग के रूप में योग को बढ़ावा देने में भारत के नेतृत्व को और मजबूत करेगा।

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पीके/केसी/आईएम/जीआरएस


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