सहकारिता मंत्रालय
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह गुजरात के गांधीनगर में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता मंत्रियों की मंथन बैठक की अध्यक्षता करेंगे
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई शक्ति देने हेतु, बैठक में कानूनी सुधार, सस्टेनेबिलिटी, डेयरी विस्तार, डिजिटलीकरण, बैंकिंग सुदृढ़ीकरण और सदस्यता विस्तार पर रहेगा फोकस
मंथन बैठक में मानव संसाधन विकास और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर होगी व्यापक चर्चा
प्रविष्टि तिथि:
16 FEB 2026 4:25PM by PIB Delhi
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ विज़न को साकार करने की दिशा में तथा माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय ने बीते वर्षों में सहकारी क्षेत्र को सशक्त, पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में व्यापक एवं संरचनात्मक सुधार किए हैं। इसी दिशा में सहकारी समितियों को केवल संस्थागत ढांचे तक सीमित न रखकर उन्हें सदस्य-केंद्रित, आय-वर्धक और आत्मनिर्भर आर्थिक इकाइयों में रूपांतरित करने के उद्देश्य से 17 फरवरी 2026 को महात्मा मंदिर, गांधीनगर, गुजरात में माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता मंत्रियों की उच्चस्तरीय मंथन बैठक आयोजित की जाएगी।
इस बैठक में सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता मंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव स्तर के अधिकारी भाग लेंगे। यह मंच सहकारिता मंत्रालय की प्रमुख पहलों की समीक्षा, अब तक हुई प्रगति का मूल्यांकन, तथा राज्यों के अनुभवों और श्रेष्ठ प्रक्रियाओं के आदान-प्रदान के माध्यम से भविष्य की समन्वित कार्ययोजना तैयार करने का अवसर प्रदान करेगा।
बैठक में 2 लाख नई बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS), डेयरी एवं मत्स्य सहकारी समितियों की स्थापना की प्रगति पर चर्चा होगी, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दी जा सके। मंथन बैठक में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना के अंतर्गत देशभर में आधुनिक गोदामों के नेटवर्क के विस्तार पर विचार किया जाएगा, जिससे किसानों को बेहतर भंडारण, मूल्य स्थिरता और बाज़ार तक सुगम पहुंच सुनिश्चित हो सके।
इस बैठक में राष्ट्रीय स्तर की नई सहकारी संस्थाओं — नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट लिमिटेड (NCEL), नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक लिमिटेड (NCOL) तथा भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (BBSSL) — में राज्यों की सक्रिय भागीदारी, भूमिका और अपेक्षाओं पर भी विमर्श होगा, जिससे निर्यात, जैविक खेती और गुणवत्तापूर्ण बीज आपूर्ति के क्षेत्र में सहकारिता को नई पहचान मिल सके।
इसके साथ ही, राज्यों के सहकारिता कानूनों में समयानुकूल सुधार, 97वें संविधान संशोधन के अनुरूप मॉडल अधिनियम को अपनाने, सहकारी गन्ना मिलों की आर्थिक व्यवहार्यता बढ़ाने, डेयरी क्षेत्र में सर्कुलरिटी एवं सस्टेनेबिलिटी को प्रोत्साहन देने, तथा अमूल और एनडीडीबी के सहयोग से नई डेयरी सहकारी समितियों के गठन जैसे विषयों पर भी चर्चा की जाएगी।
दलहन एवं मक्का उत्पादन को बढ़ावा देने, सहकारी बैंकों से जुड़ी चुनौतियों के समाधान, साझा सेवा इकाई (SSE) एवं अंब्रेला संरचना को सुदृढ़ करने, सदस्यता विस्तार एवं जागरूकता अभियान को मजबूत बनाने, और प्रभावी मीडिया-संचार रणनीति विकसित करने जैसे मुद्दे भी विचार-विमर्श का हिस्सा रहेंगे।
इसके अतिरिक्त, PACS एवं RCS कार्यालयों के कंप्यूटरीकरण, राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस के उपयोग, मानव संसाधन विकास, प्रशिक्षण और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर भी राज्यों से अपेक्षाओं पर चर्चा होगी।
यह मंथन बैठक सहकारी संघवाद की भावना को और सुदृढ़ करेगी तथा केंद्र और राज्यों के बीच निकट समन्वय स्थापित करते हुए सहकारिता को जमीनी स्तर पर समृद्धि, रोजगार और आत्मनिर्भरता का प्रभावी माध्यम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।
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AK
(रिलीज़ आईडी: 2228702)
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