प्रधानमंत्री कार्यालय
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में वार्षिक एनसीसी पीएम रैली को संबोधित किया
आज सुबह महाराष्ट्र में एक दुखद विमान दुर्घटना हुई, जिसमें राज्य के उपमुख्यमंत्री श्री अजीत पवार जी और उनके कुछ सहयोगियों का निधन हो गया: पीएम
अजीत दादा ने महाराष्ट्र और राष्ट्र के विकास में अहम योगदान दिया और खासकर गांवों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए अग्रणी भूमिका निभाई। मैं अजीत पवार जी के परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं: पीएम
इस दुखद दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों को हमेशा याद किया जाएगा और इस दुख की घड़ी में पूरा देश उनके परिवारों के साथ एकजुटता से खड़ा है: पीएम
एनसीसी एक ऐसा आंदोलन है, जो भारत की युवा शक्ति को सशक्त बनाता है: पीएम
आज दुनिया भारत के युवाओं को बड़े भरोसे की नजरों से देख रही है: प्रधानमंत्री
यूरोपीय संघ के साथ हुए समझौते ने पूरे विश्व का ध्यान आकर्षित किया है, कई लोग इसे मदर ऑफ ऑल डील्स और दुनिया के लिए गेम-चेंजर बता रहे हैं: प्रधानमंत्री
आज लड़ाई कई मोर्चों पर लड़ी जा रही है, कोड में भी और क्लाउड में भी, प्रौद्योगिकी में पिछड़ने वाले देश न केवल आर्थिक रूप से कमजोर हैं, बल्कि सुरक्षा के मामले में भी कमजोर हैं: प्रधानमंत्री
एक विकसित भारत के लिए नागरिक के रूप में हमारा आचरण भी एक महत्वपूर्ण पहलू है। नागरिक के रूप में हमें अपने कर्तव्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए: प्रधानमंत्री
युवा फिट तो देश हिट!: प्रधानमंत्री
प्रविष्टि तिथि:
28 JAN 2026 6:05PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली के करियाप्पा परेड ग्राउंड में वार्षिक एनसीसी पीएम रैली को संबोधित किया। एनसीसी दिवस के अवसर पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एनसीसी, एनएसएस कैडेटों, झांकी कलाकारों, राष्ट्रीय रंगशाला के साथियों और देश भर से आए युवा प्रतिभागियों का समन्वय प्रदर्शन में साफ दिखाई दे रहा था। श्री मोदी ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि आज सुबह महाराष्ट्र में हुए दुखद विमान हादसे के कारण यह दिन गहरा शोक लेकर आया है, जिसमें उपमुख्यमंत्री श्री अजीत पवार जी और कुछ सहयोगियों की जान चली गई। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि अजीत दादा ने महाराष्ट्र और राष्ट्र के विकास में, विशेष रूप से ग्रामीण जीवन को बेहतर बनाने के लिए किए गए कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने श्री अजीत पवार जी के परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की और कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा देश इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के साथ खड़ा है। प्रधानमंत्री ने शोक और संवेदना के इन क्षणों के बीच यहां उपस्थित सभी कैडेटों को, जिनमें मित्र देशों के कैडेट भी शामिल थे, शुभकामनाएं दीं और इस वर्ष छात्राओं की बड़ी संख्या में भागीदारी की सराहना की।
श्री मोदी ने कहा, “एनसीसी एक ऐसा आंदोलन है, जो भारत के युवाओं को आत्मविश्वासी, अनुशासित, संवेदनशील और देश के प्रति समर्पित नागरिक बनाता है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर साल कैडेट अपनी भूमिका को और मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में एनसीसी कैडेटों की संख्या 14 लाख से बढ़कर 20 लाख हो गई है, जिसमें सीमावर्ती और तटीय क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि एनसीसी एक ऐसा मंच है, जहां युवा गर्व के साथ अपनी विरासत को जीते हैं। उन्होंने देश भर में धूमधाम से मनाए जा रहे वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने का उदाहरण दिया। उन्होंने परमवीर सागर यात्रा को एक उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि कुछ वर्ष पहले सरकार ने अंडमान और निकोबार के 21 द्वीपों का नाम परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर रखा था और कैडेटों ने अपनी नौकायन यात्रा के ज़रिए राष्ट्रीय नायकों को सम्मानित करने की इस भावना को आगे बढ़ाया। श्री मोदी ने यह भी बताया कि लक्षद्वीप में द्वीप उत्सव के ज़रिए कैडेटों ने समुद्र, संस्कृति और प्रकृति का एक साथ जश्न मनाया।
श्री मोदी ने कहा कि एनसीसी ने इतिहास को स्मारकों से लेकर सड़कों तक जीवंत कर दिया है। साथ ही इसने साइकिल रैली के माध्यम से बाजीराव पेशवा की वीरता, महान योद्धा लचित बोरफुकन के कौशल और भगवान बिरसा मुंडा के नेतृत्व को भी उजागर किया है, जिससे जन जागरूकता पैदा हुई है। उन्होंने सभी कैडेटों के प्रयासों की सराहना की और आज सम्मानित होने वाले कैडेटों को बधाई दी।
लाल किले से दिए गए अपने शब्दों को याद करते हुए, जिसमें उन्होंने कहा था कि यह सही समय है और सबसे अच्छा समय है, प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि आज का युग भारत के युवाओं के लिए अवसरों का सबसे बड़ा युग है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि युवा इस दौर का सबसे ज्यादा लाभ उठाएं और इसके उदाहरण के तौर पर उन्होंने भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि इससे पहले भारत ने ओमान, न्यूजीलैंड, ब्रिटेन, यूएई, ऑस्ट्रेलिया और मॉरीशस के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं, जो लाखों युवाओं के लिए अनगिनत अवसर पैदा कर रहे हैं।
इस बात पर जोर देते हुए कि पूरी दुनिया भारत के युवाओं पर बहुत भरोसा करती है, श्री मोदी ने इस भरोसे का कारण देश के युवाओं का कौशल और उनके मूल्य हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय युवा लोकतंत्र, विविधता के प्रति सम्मान और विश्व को एक परिवार मानने जैसे मूल्यों को अपने साथ रखते हैं, इसलिए वे जहां भी जाते हैं, वहां के लोगों के साथ आसानी से घुलमिल जाते हैं और उन देशों के विकास में योगदान देते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये मूल्य भारत की संस्कृति और प्रकृति हैं।
श्री मोदी ने वैश्विक नेताओं से हुई बातचीत के आधार पर कहा कि भारतीय युवा न केवल मेहनती हैं, बल्कि उत्कृष्ट पेशेवर भी हैं और यही वजह है कि उनकी वैश्विक स्तर पर बहुत मांग है। उन्होंने बताया कि खाड़ी देशों में लाखों भारतीय सालों से काम कर रहे हैं और भारतीय डॉक्टर और इंजीनियर कई देशों में उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा प्रणाली और बुनियादी ढांचा तैयार कर रहे हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पूर्व में विदेशों में गए भारतीय शिक्षकों ने विश्वभर के समाजों में नए मूल्य जोड़े।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय युवाओं के वैश्विक योगदान के साथ-साथ, देश के भीतर उनकी उपलब्धियों की भी वैश्विक स्तर पर सराहना हो रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन्हीं युवाओं की बदौलत भारत विश्व स्तर पर सूचना प्रौद्योगिकी की रीढ़ बन गया है और अब उनकी ताकत स्टार्टअप, अंतरिक्ष, डिजिटल प्रौद्योगिकी और हर क्षेत्र में क्रांति ला रही है।
श्री मोदी ने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ हाल ही में हुए मुक्त व्यापार समझौते को "मदर ऑफ ऑल डील्स" कहा जा रहा है और इसे वैश्विक परिदृश्य में बदलाव लाने वाला बताया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह मुक्त व्यापार समझौता विश्व की एक चौथाई जीडीपी और वैश्विक व्यापार का एक तिहाई हिस्सा है और वास्तव में भारत के युवाओं के लिए "आकांक्षाओं को साकार करने की आज़ादी" है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 27 देशों के साथ हुआ यह समझौता भारतीय स्टार्टअप्स को वित्तपोषण और नवाचार तंत्र तक आसान पहुंच प्रदान करके सहायता पहुंचाएगा, साथ ही फिल्म, गेमिंग, फैशन, डिजिटल कंटेंट, संगीत और डिजाइन के क्षेत्र में भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि यह समझौता अनुसंधान, शिक्षा, आईटी और पेशेवर सेवाओं में भारतीय युवाओं के लिए नए अवसर भी पैदा करेगा।
श्री मोदी ने जोर दिया कि इस समझौते को इसके व्यापक लाभों के कारण "मदर ऑफ ऑल डील्स" कहा जा रहा है और इससे आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई रफ्तार मिलेगी तथा "मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड" के संकल्प को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि इस समझौते के तहत भारत के 99 प्रतिशत से अधिक निर्यात पर शुल्क या तो शून्य होगा या बहुत कम होगा, जिससे कपड़ा, चमड़ा, रत्न और आभूषण, जूते, इंजीनियरिंग उत्पाद और लघु एवं मध्यम उद्यमों जैसे उद्योगों को लाभ होगा। उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि बुनकरों, कारीगरों और लघु उद्यमियों को 27 यूरोपीय देशों के विशाल बाजारों तक सीधी पहुंच मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि इस समझौते से भारत में अधिक निवेश आएगा, जिससे इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, रसायन, फार्मा और अन्य विनिर्माण क्षेत्रों में नए संयंत्र स्थापित होंगे। साथ ही, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और मत्स्य पालन के लिए सुनिश्चित बाजार तैयार होंगे, जो किसानों, मछुआरों और ग्रामीण युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर होगा। श्री मोदी ने कहा कि यह मुक्त व्यापार समझौता भारत के युवाओं को यूरोप के रोजगार बाजार से सीधे जोड़ता है, जिससे विशेष रूप से इंजीनियरिंग, हरित प्रौद्योगिकी, डिजाइन, रसद और उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों में अवसर पैदा होते हैं। इसका अर्थ है कि भारतीय युवाओं के लिए 27 देशों में नए रास्ते खुल रहे हैं।
श्री मोदी ने कहा कि सरकार व्यापक सुधारों के ज़रिए वैश्विक अवसरों का विस्तार कर रही है और जिस सुधार की रफ्तार से देश आज आगे बढ़ रहा है, वह युवाओं के सामने आने वाली हर बाधा को दूर कर रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश के सामने बढ़ते अवसर, साथ ही एनसीसी कैडेटों में विकसित अनुशासन और मूल्यों का समावेश, उनके लिए एक अतिरिक्त लाभ के समान है।
ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित प्रभावशाली झांकी की सराहना करते हुए, श्री मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा के उन नाजुक क्षणों में एनसीसी कैडेटों के प्रयासों की विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने सशस्त्र बलों का समर्थन करने, रक्तदान शिविर आयोजित करने और प्राथमिक चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने में उनके योगदान को सराहा। प्रधानमंत्री ने कहा कि एनसीसी प्रशिक्षण केवल परेड ग्राउंड तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह "राष्ट्र सर्वोपरि" की भावना को भी विकसित करता है, जो कैडेटों को मुश्किल वक्त में भी देश के लिए पूरी शक्ति से काम करने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने याद दिलाया कि एनसीसी में रहते हुए स्वयं उनकी भी "राष्ट्र सर्वोपरि" की भावना मजबूत हुई थी। उन्होंने आज कैडेटों को भी उन्हीं मूल्यों को सीखते हुए देखकर संतोष व्यक्त किया।
श्री मोदी ने जोर देते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की शक्ति और सशस्त्र बलों के शौर्य को पुनः स्थापित किया है और साथ ही इस दौरान स्वदेशी हथियारों की प्रगति को भी प्रदर्शित किया है। उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध में युवाओं के कौशल की भूमिका में काफी तब्दीलियां आईं है, क्योंकि अब युद्ध केवल टैंकों और तोपों से ही नहीं, बल्कि कोड और क्लाउड के ज़रिए भी लड़े जाते हैं। उन्होंने चेताया कि प्रौद्योगिकी में पिछड़े राष्ट्र न केवल अर्थव्यवस्था में बल्कि सुरक्षा के लिहाज़ से भी कमजोर हैं और साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि युवाओं द्वारा किए गए नवाचार देशभक्ति को मजबूत करते हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि रक्षा स्टार्टअप्स में तेज़ी से विकास, मेड इन इंडिया ड्रोन के विकास और एआई तथा रक्षा नवाचारों द्वारा बलों के आधुनिकीकरण के साथ, सशस्त्र बलों में प्रौद्योगिकी-प्रेमी और नवोन्मेषी युवाओं के लिए नए अवसर खुल रहे हैं और उन्होंने युवाओं से इन संभावनाओं का पूरा लाभ उठाने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि हाल ही में 25 जनवरी को देश ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया और इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों को एक पत्र लिखा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस, संविधान द्वारा दिए गए उत्तरदायित्व और अधिकारों का उत्सव है। उन्होंने कहा कि भारत में विश्व में सबसे अधिक युवा मतदाता हैं। उन्होंने कहा कि जब यहां का युवा नागरिक 18 वर्ष के हो जाता है और मतदान के योग्य हो जाता हैं, तो उसे देश के भविष्य को आकार देने की शक्ति मिलती है। श्री मोदी ने देश में एक नई परंपरा शुरू करने का आह्वान किया और प्रस्ताव दिया कि एनसीसी, एनएसएस और माय यंग इंडिया संगठन हर साल 25 जनवरी को पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को सम्मानित करने के लिए एक भव्य कार्यक्रम आयोजित करें। उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रयास से युवाओं में उत्तरदायित्व की भावना मजबूत होगी तथा लोकतंत्र और मज़बूत होगा।
श्री मोदी ने ज़ोर देते हुए कहा, “एक विकसित भारत केवल आर्थिक समृद्धि तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह अपने नागरिकों के आचरण पर भी निर्भर करता है, जिन्हें अपने कर्तव्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए।” उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान का उदाहरण देते हुए कहा कि हालांकि इसकी शुरुआत सरकार ने की थी, लेकिन इसे नागरिकों, युवाओं और बच्चों ने आगे बढ़ाया, जिसने ये साबित किया कि स्वच्छता एक आदत, एक जीवनशैली और एक मूल्य है। श्री मोदी ने आग्रह किया कि नागरिक कर्तव्य की भावना दैनिक जीवन का हिस्सा बननी चाहिए और जिस प्रकार लोग अपने आंगन को सुंदर बनाना चाहते हैं, उसी भावना से उन्हें अपने शहरों को भी सुंदर बनाना चाहिए। उन्होंने उपस्थित प्रत्येक युवा से अपील करते हुए कहा कि वे प्रत्येक सप्ताह कम से कम एक घंटा स्वच्छता अभियान के लिए समर्पित करें और किसी चुने हुए स्थान पर कोई गतिविधि आयोजित करें।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत एनसीसी ने लगभग 8 लाख पेड़ लगाए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन पेड़ों का अच्छे से विकास सुनिश्चित करना भी हमारा कर्तव्य है।
यह बताते हुए कि युवा शक्ति की सबसे बड़ी परीक्षा यह है कि आने वाले समय में हम कितने अधिक स्वस्थ होंगे, प्रधानमंत्री ने कहा कि फिटनेस कुछ मिनटों के व्यायाम तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह हमारे स्वभाव का हिस्सा बन जानी चाहिए, जिसमें खान-पान से लेकर दैनिक दिनचर्या तक अनुशासित जीवनशैली शामिल हो। श्री मोदी ने इस बात पर खुशी जताई कि एनसीसी कैडेट फिट इंडिया अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं और खेलों में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने युवाओं में बढ़ रहे मोटापे का मुद्दा उठाया और उन अध्ययनों का हवाला दिया, जिनमें बताया गया है कि भारत में हर तीन में से एक व्यक्ति भविष्य में मोटापे का शिकार हो सकता है। मोटापे से मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है और युवा वर्ग सबसे अधिक प्रभावित होता है। उन्होंने इस मामले में सतर्क रहने पर ज़ोर दिया और तेल का सेवन कम करने का आग्रह किया, साथ ही भोजन में तेल की खपत को 10 प्रतिशत तक कम करने की अपनी पिछली अपील को भी दोहराया।
श्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि एनसीसी न केवल मार्चिंग करना सिखाती है, बल्कि नागरिकों के रूप में जिम्मेदारी की भावना भी पैदा करती है, जिससे कैडेट बेहतर नागरिक बनते हैं। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान प्राप्त अनुभव उनके व्यक्तित्व को और निखारते हैं। प्रधानमंत्री ने कैडेटों को शुभकामनाएं दी और भरोसा जताया कि वे जीवन की हर कसौटी पर सफल होंगे और एक विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान देते रहेंगे।
केंद्रीय मंत्री श्री राजनाथ सिंह, डॉ. मनसुख मांडविया और श्री संजय सेठ सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।
पृष्ठभूमि
इस वर्ष की वार्षिक एनसीसी पीएम रैली का विषय 'राष्ट्र प्रथम-कर्तव्य निष्ठा युवा' है, जो भारत के युवाओं में कर्तव्य, अनुशासन और राष्ट्रीय प्रतिबद्धता की भावना को दर्शाता है।
एनसीसी पीएम रैली, महीने भर तक चलने वाले एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर 2026 का भव्य समापन होगा, जिसमें देश भर से 2,406 एनसीसी कैडेटों ने भाग लिया, जिनमें 898 छात्रा कैडेट भी शामिल थीं। रैली में 21 विदेशी देशों के 207 युवा और अधिकारी भी भाग लेंगे।
इस अवसर पर, एनसीसी कैडेटों, राष्ट्रीय रंगशाला और राष्ट्रीय सेवा योजना के सदस्यों द्वारा एक जीवंत सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें राष्ट्र निर्माण, सामाजिक सेवा और चरित्र विकास में उनकी भूमिका को प्रदर्शित किया जाएगा।
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पीके/केसी/एनएस
(रिलीज़ आईडी: 2219772)
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