आयुष
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने थाईलैंड में बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में पारंपरिक चिकित्सा के लिए उत्कृष्टता केंद्र की घोषणा की
मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी महसूस हो रही है कि भारत बिम्सटेक देशों में कैंसर देखभाल में प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण को अपना समर्थन देगा: प्रधानमंत्री मोदी
अनुसंधान एवं विकास तथा शैक्षिक सहयोग को बढ़ावा देने की पहल
Posted On:
04 APR 2025 8:28PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने थाईलैंड के बैंकॉक में आयोजित बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिये बंगाल की खाड़ी पहल (बिम्सटेक) शिखर सम्मेलन में पारंपरिक चिकित्सा के लिए अनुसंधान एवं प्रचार को बढ़ावा देने के लिए एक उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना की घोषणा की।

इस पहल की घोषणा करते हुए, श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, "जन स्वास्थ्य हमारे सामूहिक सामाजिक विकास का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी महसूस हो रही है कि भारत बिम्सटेक देशों में कैंसर देखभाल के लिए प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण को अपना समर्थन देगा। स्वास्थ्य प्रति हमारे समग्र दृष्टिकोण के अनुरूप, अनुसंधान और पारंपरिक चिकित्सा के प्रसार को बढ़ावा देने के लिए एक उत्कृष्टता केंद्र भी स्थापित किया जाएगा।"
यह उल्लेखनीय है कि थाईलैंड और भारत के पास मजबूत पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली हैं जिनके बीच बहुत करीबी आपसी संबंध हैं। प्रधानमंत्री द्वारा की गयी इस घोषणा के साथ, इस क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों को एक महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने का अनुमान है। दोनों देश पारंपरिक चिकित्सा में शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग को मजबूत करने, बढ़ावा देने, सुगम बनाने और विकसित करने की दिशा में मिलकर काम कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर और थाईलैंड सरकार के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले थाई पारंपरिक एवं वैकल्पिक चिकित्सा विभाग ने नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में आयोजित 10वीं भारत-थाईलैंड संयुक्त आयोग की बैठक में आयुर्वेद और थाई पारंपरिक चिकित्सा में शैक्षणिक सहयोग की स्थापना के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया था।
आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा शैक्षणिक सहयोग में आयुष छात्रवृत्ति योजना भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के माध्यम से प्रदान की जाती है। यह छात्रवृत्ति आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी में स्नातक एवं स्नातकोत्तर, योग में बीएससी, योग शास्त्र में बीए, योग में पीएचडी और आयुर्वेद में पीएचडी के लिए प्रदान की जाती है। पिछले पांच वर्षों में, बिम्सटेक के 175 छात्रों ने इस छात्रवृत्ति का लाभ उठाया है।
भारत और थाईलैंड के बीच पारंपरिक चिकित्सा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग का बहुत लंबा इतिहास रहा है। पारंपरिक चिकित्सा में अनुसंधान एवं प्रसार को बढ़ावा देने के लिए उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना की घोषणा इस घोषणा से दोनों देशों के संबंध और मजबूत होंगे।
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