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Social Welfare

­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­­सार्वजनिक स्वास्थ्य कवरेज की ओर अग्रसर

आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना

Posted On: 22 SEP 2026 2:17PM

आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के प्रमुख वित्तीय सुरक्षा स्तंभ के रूप में कार्य करती है, जो आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों को प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक वार्षिक कैशलेस अस्पताल भर्ती कवरेज प्रदान करती है। अपनी आठवीं वर्षगांठ के अवसर पर, यह योजना आयुष्मान कार्ड के माध्यम से अब भारत की लगभग 33% आबादी को कवर करती है। इसके तहत 2.03 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 13.25 करोड़ से अधिक दाखिलों (अस्पताल में भर्ती) को वित्तपोषित किया गया है, जिससे लोगों के स्वयं के जेब से होने वाले चिकित्सा खर्च में भारी कमी आई है। अस्पताल में भर्ती की देखभाल (इनपेशेंट केयर) का यह मॉडल तीन पूरक स्तंभों के साथ मिलकर काम करता है—प्राथमिक देखभाल के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिर, एकीकृत स्वास्थ्य पहचान पत्र (Health IDs) के लिए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, और देशभर में व्यापक सार्वजनिक स्वास्थ्य कवरेज प्राप्त करने हेतु भौतिक अवसंरचना के लिए पीएम-अभि‍म (PM-ABHIM)

सभी के लिए स्वास्थ्य कवरेज सुनिश्चित करना

स्वास्थ्य सेवा में निवेश समुदायों को अधिक लचीला, सक्षम और उत्पादक बनाता है। सार्वजनिक स्वास्थ्य कवरेज का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सबसे कमजोर परिवारों सहित प्रत्येक व्यक्ति को सस्ती, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा मिले, जिससे वे एक स्वस्थ और संतोषप्रद जीवन जी सकें।

भारत सरकार ने सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा प्राप्त करने के लिए आठ वर्ष पूर्व 23 सितंबर, 2018 को आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) शुरू की थी। यह एक सार्वजनिक स्वास्थ्य बीमा योजना है जो द्वितीयक और तृतीयक देखभाल को कवर करती है। यह दुनिया की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा योजनाओं में से एक है, जिसमें योजना की आठवीं वर्षगांठ (21 सितंबर, 2026 तक) पर भारत की लगभग 33% आबादी (48.51 करोड़ से अधिक लोग) के पास पहले से ही आयुष्मान कार्ड हैं।

AB-PMJAY ने 38,000 से अधिक सूचीबद्ध सार्वजनिक और निजी अस्पतालों के नेटवर्क के माध्यम से लगभग 13.25 करोड़ अस्पताल दाखिलों में लोगों के 2.03 लाख करोड़ रुपये बचाए हैं (31 अगस्त, 2026 तक)।

AB-PMJAY आयुष्मान भारत के तहत संचालित योजनाओं में से एक है जो सार्वजनिक स्वास्थ्य कवरेज को बढ़ावा दे रही है। भारत के सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना का निर्माण करने वाली अन्य योजनाएं हैं: आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAM), आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन और पीएम-आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (PM-ABHIM)AB-PMJAY के नेतृत्व में, ये चार प्रमुख योजनाएं सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करने हेतु भारत के सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ कर रही हैं।

AB-PMJAY: नागरिकों को चिकित्सा ऋण से बचाना

AB-PMJAY का उद्देश्य परिवारों को भारी-भरकम मेडिकल बिलों के बोझ से बचाना है। यह 27 चिकित्सा विशिष्टताओं (स्पेशलिटीज) में 1,961 प्रक्रियाओं के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है।

मार्च 2024 में, सरकार ने इस योजना का विस्तार करते हुए इसमें मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (आशा-ASHA), आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी सहायिकाओं के लगभग 37 लाख परिवारों को भी शामिल किया था। 21.09.26 तक, इस योजना के तहत आशा (ASHA)/आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं (AWW)/आंगनवाड़ी सहायिकाओं (AWH) के लिए 44.81 लाख से ज़्यादा आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।

इसके बाद, 11 सितंबर, 2024 को सरकार ने 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को शामिल करने के लिए योजना का विस्तार किया, जिससे लगभग 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिक कवर हुए। 21.09.26 तक, 1.36 करोड़ से ज़्यादा वरिष्ठ नागरिकों के पास आयुष्मान वय वंदना कार्ड हैं।

कमजोर लाभार्थियों का सशक्तीकरण

लाभार्थी परिवारों की पहचान सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना (SECC) 2011 के आधार पर, निर्धारित अभाव (deprivation) और व्यावसायिक मानदंडों का उपयोग करके की जाती है। इस योजना में वे परिवार भी शामिल हैं जो पहले राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (RSBY) के तहत कवर किए गए थे।

1. ग्रामीण लाभार्थी

ग्रामीण इलाकों के लिए, AB PM-JAY के तहत एलिजिबिलिटी सोशियो-इकोनॉमिक और कास्ट सेंसस (SECC), 2011 में बताए गए डेप्रिवेशन क्राइटेरिया के आधार पर तय की जाती है। एलिजिबल परिवारों में वे लोग शामिल हैं जो नीचे दिए गए छह क्राइटेरिया में से एक या ज़्यादा के तहत आते हैं:

  • D1: ऐसे परिवार जिनमें कच्ची दीवारों और कच्ची छत वाला सिर्फ़ एक कमरा हो;
  • D2: ऐसे परिवार जिनमें 16 से 59 साल की उम्र के बीच का कोई एडल्ट सदस्य न हो;
  • D3: महिला मुखिया वाले परिवार जिनमें 16 से 59 साल की उम्र के बीच का कोई एडल्ट पुरुष सदस्य न हो;
  • D4: ऐसे परिवार, जिनमें दिव्यांग सदस्य हो और कोई भी सक्षम वयस्क सदस्य न हो।
  • D5: अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के परिवार; और
  • D7: भूमिहीन परिवार जिनकी कमाई का ज़्यादातर हिस्सा मेहनत-मज़दूरी से आता है

2. शहरी लाभार्थी

शहरी इलाकों के लिए, नीचे दी गई 11 काम करने वाले काम करने वाले इस स्कीम के लिए एलिजिबल हैं:

  • कूड़ा बीनने वाला
  • भिखारी
  • घरेलू काम करने वाला
  • स्ट्रीट वेंडर/ मोची/ फेरीवाला/ सड़कों पर काम करने वाला दूसरा सर्विस प्रोवाइडर
  • कंस्ट्रक्शन वर्कर/ प्लंबर/ मेसन/ लेबर/ पेंटर/ वेल्डर/ सिक्योरिटी गार्ड/ कुली और सिर पर बोझा ढोने वाला दूसरा काम करने वाला
  • स्वीपर/ सैनिटेशन वर्कर/ माली
  • घर से काम करने वाला/ कारीगर/ हैंडीक्राफ्ट वर्कर/ टेलर
  • ट्रांसपोर्ट वर्कर/ ड्राइवर/ कंडक्टर/ ड्राइवरों और कंडक्टरों का हेल्पर/ गाड़ी खींचने वाला/ रिक्शा चलाने वाला
  • दुकान में काम करने वाला/ असिस्टेंट/ छोटी जगह पर चपरासी/ हेल्पर/ डिलीवरी असिस्टेंट / अटेंडेंट/ वेटर
  • इलेक्ट्रीशियन/ मैकेनिक/ असेंबलर/ रिपेयर वर्कर
  • धोबी/ चौकीदार

3.   खास पहल के ज़रिए कवर की गई एक्स्ट्रा बेनिफिशियरी कैटेगरी

  • बिल्डिंग और दूसरे कंस्ट्रक्शन वर्कर (BOCW) और उनके डिपेंडेंट;
  • PM-RAHAT के तहत कवर किए गए रोड एक्सीडेंट के शिकार;
  • सपोर्ट फॉर मार्जिनलाइज्ड इंडिविजुअल्स फॉर लाइवलीहुड एंड एंटरप्राइज (SMILE) पहल के तहत कवर किए गए ट्रांसजेंडर लोग;
  • PM CARES फॉर चिल्ड्रन स्कीम के तहत एलिजिबल बच्चे जिन्होंने COVID-19 महामारी की वजह से अपने माता-पिता, किसी एक जीवित माता-पिता, लीगल गार्जियन या गोद लेने वाले माता-पिता को खो दिया है;
  • नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम (NAMASTE) स्कीम के तहत कवर किए गए कचरा बीनने वाले और पहचाने गए सैनिटेशन वर्कर; और
  • प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (PM-JANMAN) के तहत कवर किए गए खास तौर पर कमजोर ट्राइबल ग्रुप (PVTGs)

बीमार बुजुर्गों की सहायता

हरियाणा के जींद जिले की 65 वर्षीय महिला बीरमती के फीमर की गर्दन (femoral neck) में गंभीर फ्रैक्चर हो गया था, जो कूल्हे को पैर से जोड़ती है। सौभाग्य से, वह आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से एक जिला आर्थोपेडिक और मैटरनिटी अस्पताल में 44,140 रुपये की उचित देखभाल और समय पर सर्जरी मुफ्त में प्राप्त करने में सक्षम रहीं। यह योजना समाज के आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए जीवन रेखा साबित हुई है, जो उन्हें सस्ती, समय पर, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवा प्रदान करती है।

AB-PMJAY वित्त पोषण संरचना और केंद्रीय बजट

AB-PMJAY एक सेंट्रली स्पॉन्सर्ड स्कीम है। नॉर्थ-ईस्ट स्टेट्स, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड, और जम्मू-कश्मीर यूनियन टेरिटरी को छोड़कर, सभी स्टेट्स के लिए सेंटर और स्टेट्स के बीच फंड का शेयरिंग रेश्यो 60:40 है, जहाँ शेयरिंग रेश्यो 90:10 है। बिना लेजिस्लेचर वाले यूनियन टेरिटरी के लिए, सेंटर गवर्नमेंट 100% फंडिंग देती है, जबकि लेजिस्लेचर वाले यूनियन टेरिटरी के लिए, सेंटर और UT 60:40 के रेश्यो में फंडिंग शेयर करते हैं। पिछले कुछ सालों में यूनियन बजट एस्टिमेट बढ़े हैं, 2026-27 के लिए 9,500 करोड़ रुपये के बजट का अनुमान है।

जेब पर भारी स्वास्थ्य खर्च कम करना

लोग अब स्वास्थ्य सेवा पर अपनी जेब से पहले की तुलना में बहुत कम खर्च कर रहे हैं। सरकारी आंकड़े दर्शाते हैं कि उच्च सरकारी वित्तपोषण और AB-PMJAY जैसी मुफ्त और  कम लागत वाली योजनाओं के कारण व्यक्तिगत स्वास्थ्य खर्चों में भी गिरावट आई है।

AB-PMJAY के अलावा, आयुष्मान भारत की अन्य योजनाएं भी यह सुनिश्चित कर रही हैं कि लोगों को सार्वजनिक स्वास्थ्य कवरेज प्राप्त हो।

आयुष्मान आरोग्य मंदिर : ज़मीनी प्राथमिक देखभाल को मजबूत करना

आयुष्मान भारत का दूसरा स्तंभ, आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAM), लोगों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा को अधिक सुलभ बनाता है। AAM ऐसे सामुदायिक स्वास्थ्य सेवा केंद्र हैं जहाँ चिकित्सा पेशेवर फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं का नेतृत्व करते हैं। AAM को अक्सर मौजूदा स्वास्थ्य केंद्रों से उन्नत (अपग्रेड) किया जाता है जो पहले बुनियादी मातृ एवं शिशु देखभाल सेवाएं या अन्य सेवाएं प्रदान करते थे।

AAM सभी आवश्यक संसाधनों से सुसज्जित हैं, जिनमें  शामिल हैं:

  • उन्नत अवसंरचना
  • अतिरिक्त मानव संसाधन
  • आवश्यक दवाएं और निदान
  • आईटी प्रणालियां, आदि।

AAM मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं से आगे बढ़कर कार्य करते हैं। वे निम्नलिखित सेवाएं भी प्रदान करते हैं: बीमारियों की जांच और प्रबंधन; मुख (ओरल), नेत्र तथा कान-नाक-गले (ENT) की देखभाल; और मानसिक स्वास्थ्य सहायता। इन केंद्रों पर प्राथमिक स्तर की आपातकालीन एवं ट्रॉमा देखभाल तथा मुफ्त आवश्यक दवाएं व जांच सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं।

चूंकि सरकार आयुष (आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी) देखभाल का भी विस्तार कर रही है, इसलिए अब लोगों के लिए आयुष AAM भी स्थापित किए गए हैं।

AAM सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (आशा) के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य आउटरीच केंद्र हैं। इन केंद्रों पर, वे स्वास्थ्य कार्यक्रमों के बारे में जागरूकता फैलाते हैं, रोगियों की स्थिति की जांच करते हैं और सामुदायिक स्वास्थ्य पर नज़र रखते हैं।

AAM वे केंद्र भी हैं जहाँ नागरिक 'ई-संजीवनी' (जो सरकार द्वारा संचालित टेलीमेडिसिन सेवा है) के माध्यम से जिला, राज्य या राष्ट्रीय अस्पतालों के स्वास्थ्य विशेषज्ञों से जुड़ सकते हैं।

  • AAM सहित अन्य केंद्रों पर 50 करोड़ से अधिक टेली-परामर्श आयोजित किए गए हैं (17 सितंबर, 2026 तक)।

AAMs में अद्यतन तिथि तक कुल 540 करोड़ से अधिक लोगों का आगमन दर्ज किया गया है। सरकार तेजी से इस अवसंरचना का निर्माण कर रही है।

ABDM के माध्यम से डिजिटल स्वास्थ्य अवसंरचना का निर्माण

जहाँ भौतिक अवसंरचना सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा वितरण की रीढ़ बनता है, वहीं एक समान रूप से सुदृढ़ डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना भी आवश्यक है। यह स्वास्थ्य सेवा वितरण को अधिक निर्बाध, कुशल और सुलभ बनाने में मदद करता है। इसे स्वीकार करते हुए, भारत सरकार ने एक एकीकृत, नागरिक-केंद्रित राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम विकसित करने के लिए सितंबर 2021 में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) का शुभारंभ किया।

ABDM अवसंरचना आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA) पर आधारित है, जो प्रत्येक व्यक्ति के लिए एक डिजिटल स्वास्थ्य पहचान पत्र है। लोगों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड और बीमा दावे ABHA आईडी से एकीकृत हैं। ABHA आईडी के माध्यम से, व्यक्ति इस अंतर-संचालनीय (इंटरोपेरेबल) नेटवर्क के जरिए अपने संपूर्ण मेडिकल इतिहास को सुरक्षित रखते हुए बीमाकर्ताओं, स्वास्थ्य सुविधाओं, डॉक्टरों और अन्य सेवाओं से जुड़ सकते हैं।

17 सितंबर, 2026 तक 97.61 करोड़ से अधिक ABHA आईडी चालू हैं, और 119.95 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड खातों से जोड़े जा चुके हैं। ABHA आईडी उपयोगकर्ताओं में 49.74% महिलाएं, 50.26% पुरुष और 0.01% अन्य जेंडर के लोग हैं (17 सितंबर, 2026 तक)। इसके अतिरिक्त, इस प्लेटफॉर्म पर 5.78 लाख से अधिक सत्यापित स्वास्थ्य सुविधाएं और लगभग 11 लाख स्वास्थ्य पेशेवर पंजीकृत हैं।

ABHA के अतिरिक्त, ABDM एक पूर्ण विकसित डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम है। यह सभी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को एक ही नेटवर्क पर लाता है।

  • हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स रजिस्ट्री: सभी स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों—डॉक्टरों से लेकर आयुष चिकित्सकों तक-की एक राष्ट्रीय रजिस्ट्री, जो सत्यापित और डिजिटल रूप से जुड़ी हुई है।
  • हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री: स्वास्थ्य सुविधाओं-अस्पतालों, क्लीनिकों, प्रयोगशालाओं, फार्मेसियों-सार्वजनिक और निजी दोनों की एक राष्ट्रीय रजिस्ट्री, जो सभी एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं।
  • यूनिफाइड हेल्थ इंटरफेस: स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक ओपन नेटवर्क-स्वास्थ्य सेवा के लिए यूपीआई की तरह। किसी भी ऐप के माध्यम से अपॉइंटमेंट बुक करें, डॉक्टरों से परामर्श लें और सेवाएं खोजें।
  • आरोग्य सेतु 2.0: यह डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं और एक व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड (PHR) के लिए एक एकीकृत प्रवेश द्वार (गेटवे) के रूप में कार्य करता है, जो डिजिटल स्वास्थ्य को राष्ट्रव्यापी स्तर पर तेजी से अपनाने में मदद करता है।

PM-ABHIM: गहन चिकित्सा और रोग निगरानी को सुदृढ़ बनाना

कोविड-19 के दौरान, सरकार ने एक एकीकृत, समग्र-सरकारी दृष्टिकोण के माध्यम से त्वरित प्रतिक्रिया दी। स्थानीय क्लीनिकों और प्रमुख अस्पतालों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य परिदृश्य को बदलने के लिए एक सक्रिय प्रतिबद्धता प्रदर्शित करते हुए, सरकार ने बजट 2021-22 के हिस्से के रूप में 25 अक्टूबर, 2021 को ऐतिहासिक पीएम-आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (PM-ABHIM) का शुभारंभ किया।

64,180 करोड़ रुपये (2021-2026) के विशाल बजट के साथ, PM-ABHIM स्वास्थ्य अवसंरचना मजबूत करने, रोग निगरानी बढ़ाने और शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य अनुसंधान का विस्तार करने पर केंद्रित है। यह प्रयास भारत को भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने में आत्मनिर्भरता और पूर्ण लचीलापन हासिल करने के लिए सशक्त बनाता है।

PM-ABHIM का फोकस निम्नलिखित पर है:

  • 10 उच्च-प्राथमिकता वाले राज्यों में 23,224 ग्रामीण स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों को समर्थन देना।
  • सभी राज्यों में 13,736 शहरी स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र स्थापित करना।
  • 11 उच्च-प्राथमिकता वाले राज्यों में 3,389 ब्लॉक सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाइयां स्थापित करना।
  • सभी जिलों में 744 एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाएं स्थापित करना।
  • 5 लाख से अधिक आबादी वाले सभी जिलों में 631 क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक स्थापित करना।

सार्वजनिक स्वास्थ्य कवरेज की राह

AB-PMJAY पात्र लाभार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण और सस्ती द्वितीयक और तृतीयक स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच का विस्तार करता है, जबकि आयुष्मान आरोग्य मंदिर व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा को समुदायों के करीब लाते हैं। आभा (आयुष्मान भारत डिजिटल खाता) व्यक्तियों को एक विशिष्ट डिजिटल स्वास्थ्य पहचान बनाने और भाग लेने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं में अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड तक पहुंचने में सक्षम बनाता है। PM-ABHIM जमीनी स्तर से लेकर जिला स्तर तक स्वास्थ्य केंद्रों, प्रयोगशालाओं और गहन देखभाल सुविधाओं के विकास का समर्थन करके स्वास्थ्य प्रणाली की अवसंरचना और तैयारियों को मजबूत करता है।

कुल मिलाकर, ये पहल प्राथमिक देखभाल और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर अस्पताल-आधारित उपचार और लचीली अवसंरचना तक, स्वास्थ्य सेवा की निरंतरता को मजबूत करती हैं, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य कवरेज के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जा रहा है।

संदर्भ

प्रधान मंत्री कार्यालय

https://www.pib.gov.in/PressReleaseDetail.aspx?PRID=1547032&reg=48&lang=1

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय

https://www.pib.gov.in/Pressreleaseshare.aspx?PRID=1546948&reg=48&lang=2#:~:text=Ayushman%20%E2%80%A2%20Bharat%20%E2%80%93Pradhan%20Mantri%20Jan,to%20a%20new%20aspirational%%2020level

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2116209&reg=48&lang=2

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2151239&reg=48&lang=2

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2152534&reg=48&lang=2

https://www.pib.gov.in/Pressreleaseshare.aspx?PRID=1848808&reg=48&lang=2

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2294278&reg=6&lang=1

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2241085&reg=3&lang=1

https://www.pib.gov.in/PressReleaseIframePage.aspx?PRID=1577932&reg=48&lang=2

https://esanjeevani.mohfw.gov.in/#/

राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभिकरण

https://dashboard.nha.gov.in/public/

जनजातीय कार्य मंत्रालय

https://www.pib.gov.in/Pressreleaseshare.aspx?PRID=1577166&reg=48&lang=2

वित्त मंत्रालय

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2097868&reg=48&lang=2

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2034937&reg=48&lang=2

https://www.indiabudget.gov.in/economicsurvey/doc/echapter.pdf

https://www.indiabudget.gov.in/

पीआईबी बैक ग्रॉउंडर 

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2281466&reg=3&lang=1

नेशनल पोर्टल ऑफ इंडिया

https://www.india.gov.in/spotlight/details/ayushman-bharat-pradhan-mantri-jan-arogya-yojana

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2281466&reg=3&lang=1

माइस्कीम

https://www.myscheme.gov.in/schemes/ab-pmjay

विश्व बैंक

https://www.worldbank.org/ext/en/topic/health/universal-health-coverage

विश्व स्वास्थ्य संगठन  

https://www.who.int/data/gho/data/themes/theme-details/GHO/universal-health-coverage

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