विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
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वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग ने 'विशेष अभियान 6' के तहत शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल किए

प्रविष्टि तिथि: 06 NOV 2026 2:48PM by PIB Delhi

वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर) में 'विशेष अभियान 6' के कार्यान्वयन चरण की शुरुआत 2 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित सीएसआईआर मुख्यालय/डीएसआईआर में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने की। इस अवसर पर सीएसआईआर के महानिदेशक (डीजी) और डीएसआईआर के सचिव के साथ-साथ डीएसआईआर, सीएसआईआर, सीईएल और एनआरडीसी के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक और कर्मचारी भी मौजूद थे।

सीएसआईआर की महानिदेशक और डीएसआईआर की सचिव डॉ. (श्रीमती) एन. कलाईसेल्वी के सक्रिय मार्गदर्शन में, और डीएसआईआर में 'विशेष अभियान 6' के नोडल अधिकारी व संयुक्त सचिव श्री सुरेंद्र पाल सिंह की कड़ी निगरानी में, विभाग और उसके अधीनस्थ संगठनों—डीएसआईआर के स्वायत्त निकाय सीएसआईआर, तथा दो सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (सीईएल) और एनआरडीसी ने अपने मुख्यालयों और फील्ड कार्यालयों में इस अभियान को सक्रिय रूप से लागू किया।

'विशेष अभियान 6' के दौरान, जन शिकायतों के निपटारे, सांसदों से प्राप्त संदर्भों और रिकॉर्ड प्रबंधन से जुड़े लक्ष्यों को शत प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। फाइलों की समीक्षा और अनावश्यक फाइलों को हटाने के मामले में, 9805 भौतिक फाइलों के लक्ष्य के मुकाबले, डीएसआईआर ने सीएसआईआर, सीईएल और एनआरडीसी के साथ मिलकर कुल 13,956 भौतिक फाइलों की समीक्षा की। इस मानक पर उपलब्धि 140 प्रतिशत से अधिक रही है। ई-फाइलों की समीक्षा के संदर्भ में, 2493 ई-फाइलों के लक्ष्य के मुकाबले, अभियान के दौरान 3274 ई-फाइलों की समीक्षा की गई। कबाड़ के निपटारे और कार्यालय परिसर को खाली कराने में भी शानदार परिणाम देखने को मिले हैं; इससे 76,36,047 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ और 21,117 वर्ग फुट जगह खाली कराई गई। डीएसआईआर, सीईएल, एनआरडीसी, सीएसआईआर और देश भर में स्थित इसकी प्रयोगशालाओं ने 150 स्वच्छता स्थलों के लिए तय किए गए 100 प्रतिशत लक्ष्यों को हासिल कर लिया है। इसके अलावा, विभाग ने सोशल मीडिया के माध्यम से इन अभियानों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर ध्यान दिया है। अभियान के दौरान हुई प्रगति और उपलब्धियों की जानकारी देने के लिए समय-समय पर 42 ट्वीट किए गए और पीआईबी (प्रेस सूचना ब्यूरो) के माध्यम से सूचनाएं जारी की गईं।

डीएसआईआर ने 'विशेष अभियान 6' के दौरान कुछ बेहतरीन कार्यप्रणालियां भी अपनाईं। इनमें (अ) सीएसआईआर-सीएमईआरआई, दुर्गापुर द्वारा विकसित स्वच्छता तकनीकें, जिनका उद्देश्य शहरी स्वच्छता में क्रांतिकारी बदलाव लाना है; (ब) सीएसआईआर-सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआरआई) और सीएसआईआर-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम (आईआईपी) द्वारा 'लिग्नोसेल्युलोसिक बायोमास' (कृषि अवशेषों) से 'बायो-बिटुमेन' (सड़क निर्माण सामग्री) तैयार करना; और (सी) सीएसआईआर-एनआईओ, गोवा द्वारा विकसित 'कोरल-रीफ मॉनिटरिंग रोबोट' (सी-बॉट) शामिल हैं।

सीएसआईआर - सीएमईआरआई, दुर्गापुर द्वारा विकसित स्वच्छता तकनीकें, जिनका उद्देश्य शहरी स्वच्छता में क्रांतिकारी बदलाव लाना है।

 

सीएसआईआर - सीआरआरआई और सीएसआईआर - आईआईपी द्वारा 'लिग्नोसेल्युलोसिक बायोमास' (कृषि अवशेषों) से 'बायो-बिटुमेन' तैयार करना।

 

सीएसआईआर – एनआईओ द्वारा विकसित 'कोरल-रीफ मॉनिटरिंग रोबोट' (सी-बॉट)।

 

   

 

डीओसआईआर की ओर से 'विशेष अभियान 6' को सफलतापूर्वक लागू करने से विभाग के कार्यालयों में कार्यकुशलता और स्थिरता का एक उच्च मानक स्थापित हुआ है। अभियान के अंत में न केवल 100 प्रतिशत लक्ष्यों को हासिल किया गया, बल्कि कई पैमानों पर तय लक्ष्यों से भी बेहतर प्रदर्शन किया गया। यह एक कुशल, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था के प्रति विभाग की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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एके


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