संचार मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

डाक विभाग ने विशेष अभियान 6 को अंतिम छोर तक पहुंचाया - लक्ष्यों से बेहतर प्रदर्शन किया


1,50,000 स्थानों की सफाई की

1,50,000 जन शिकायतों का समाधान और 1,500 अपीलों का निपटान किया

3.01 करोड़ रुपए के 8 लाख किलो से अधिक कबाड़ और 58,514 किलो ई-कचरे का निपटान किया

प्रविष्टि तिथि: 05 NOV 2026 7:49PM by PIB Delhi

संचार मंत्रालय के डाक विभाग ने 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक अपने पूरे देशव्यापी नेटवर्क में विशेष अभियान 6 का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस अभियान के माध्यम से विभाग ने स्वच्छता को संस्थागत बनाने, प्रशासनिक कार्यक्षमता में सुधार करने, पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने और नागरिकों पर केंद्रित सेवा आपूर्ति बेहतर करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

इस अभियान के प्रमुख क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हुईं। अभियान के दौरान, विभाग ने जनता की 1,50,000 शिकायतों का समाधान किया और 1,500 अपीलों का निपटान किया। देश भर में 1.35 लाख स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाने के लक्ष्य था, जबकि विभाग ने 1,50,000 स्थानों को कवर किया। इसके अलावा, इस अभियान के परिणामस्वरूप कार्यालय की 2,03,570 वर्ग फुट जगह खाली हुई, जिसका उपयोग अब उत्पादक कार्यों के लिए किया जा सकेगा।

स्वच्छता: अंतिम छोर तक पहुंचने का दृष्टिकोण

विभाग ने स्वच्छता के प्रति एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाया, जिसमें साफ-सफाई, कुशल रिकॉर्ड प्रबंधन, बेकार सामग्री का निपटान, वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन, जगह का बेहतर उपयोग और प्रक्रियाओं को सरल बनाना शामिल था। शाखा डाकघर, मेल कार्यालय और प्रशासनिक प्रतिष्ठान सहित डाकघरों में साफ-सफाई अभियान चलाए गए, जिनमें विशेष रूप से आम जनता के आने-जाने वाले स्‍थानों और कॉमन एरिया पर ध्यान दिया गया।

इस अभियान के तहत बेकार सामग्री के पुन: उपयोग (रीयूज़) के माध्यम से कचरे से संपदा (वेस्ट टू वेल्थ) को बढ़ावा दिया गया। इसके साथ ही वृक्षारोपण और सौंदर्यीकरण के कार्य भी किए गए। उल्लेखनीय है कि कोलकाता स्थित 'मेल मोटर सर्विसेज' ने लकड़ी के कबाड़ को रीसाइकिल करके अपने एक कार्यालय कक्ष का नवीनीकरण किया, जो संसाधनों के अभिनव उपयोग का एक बेहतरीन उदाहरण है।

वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन और पर्यावरणीय स्थिरता

विशेष अभियान 6 का मुख्य जोर कबाड़ (स्‍क्रैप) और ई-कचरे (ई-वेस्‍ट) का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करने पर था। इस अभियान के दौरान 8.03 लाख किलो से अधिक कबाड़ और 58,514 किलो ई-कचरे का निपटान किया गया, जिससे लगभग 3.01 करोड़ रुपये की आय हुई। इसके साथ ही, इससे जगह का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हुआ और कचरे का निपटान पर्यावरण के अनुकूल तरीके से किया गया।

विभिन्न डाक सर्किलों ने पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए कई नई पहल कीं। असम सर्कल ने अपने 'एन-जेन' डाकघरों में 'वर्टिकल ग्रीन वॉल्स' (दीवारों पर पौधे लगाना) तैयार कीं। इसके लिए बेकार प्लास्टिक कचरे और कंटेनरों से पौधों के लिए गमले बनाए गए, जिसमें छात्रों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। नई दिल्ली के नारायणा स्थित 'मेल मोटर सर्विसेज' ने 29 अक्टूबर 2026 को अपने बेड़े में 16 इलेक्ट्रिक वाहन शामिल किए, जो पर्यावरण के अनुकूल परिवहन के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

अन्य पहलों में वृक्षारोपण अभियान, कचरे को अलग-अलग करने और खाद बनाने (कंपोस्टिंग) के बारे में जागरूकता कार्यक्रम तथा साफ-सुथरा वातावरण बनाए रखने के लिए सामुदायिक भागीदारी शामिल थी।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/file/2026/nov/image001_20261105195049_30849a.gif

डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय, असम पोस्टल सर्कल में, एन-जेन पीओ की दीवार को अपसाइकल की गई सामग्रियों का उपयोग करके हवा को शुद्ध करने वाली एक 'ग्रीन वॉल' में बदल दिया गया 

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/2026/nov/image002_20261105195101_b97b2c.jpg

मेल मोटर सर्विसेज, नारायणा, नई दिल्ली ने अपने बेड़े में 16 इलेक्ट्रिक वाहन शामिल किए

जन संपर्क – डाक चौपाल: नागरिकों तक सरकारी सेवाएं पहुंचाना

विभाग ने विशेष अभियान 6 के तहत नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने और सरकारी सेवाओं को लोगों के और करीब लाने के लिए 'डाक चौपाल' का आयोजन किया। इस पहल का मुख्य केंद्रबिंदु डिजिटल इंटरफेस और वित्तीय समावेशन पर था, जिसमें 'लास्ट-माइल डिलीवरी' (अंतिम छोर तक सेवा पहुंचाने) पर विशेष जोर दिया गया। नागरिकों को डाक जीवन बीमा (पीएलआई), ग्रामीण डाक जीवन बीमा (आरपीएलआई), इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, प्रत्‍यक्ष लाभ हस्‍तांतरण (डीबीटी), ई-कॉमर्स, निर्यात सेवाओं और विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जागरूक किया गया।

इन संवादों के माध्यम से लोगों की शिकायतों का समाधान करने, नागरिकों से फीडबैक लेने और इंडिया पोस्ट द्वारा दी जाने वाली विभिन्न सेवाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने का अवसर मिला।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/file/2026/nov/image003_20261105195123_40c62f.gif

ओडिशा सर्कल के भुवनेश्वर पोस्टल डिवीजन के बालीपटना एसओ में डाक चौपाल का आयोजन किया गया

विशेष अभियान 6 के तहत एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम

प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) की पहल पर डाक विभाग ने 23 अक्टूबर 2026 को एक विशेष राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम आयोजित किया। पूरे देश में कुल 1,861 'डाक चौपाल' आयोजित की गईं, जिनमें 31,728 महिलाओं सहित कुल 76,343 नागरिकों ने हिस्सा लिया। साथ ही, लगभग 55,952 स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाए गए। इस कार्यक्रम के दौरान जनता की 9,007 शिकायतों का समाधान भी किया गया।

विशेष अभियान 6 के अंतर्गत समुदाय को शामिल करने वाले कई रचनात्मक कार्य भी किए गए। नेहरू प्लेस डाकघर में स्कूली बच्चों के लिए स्वच्छता और पर्यावरण जागरूकता पर आधारित 'कैलीग्राफी' (सुलेख) का आयोजन किया गया, जबकि वसंत कुंज डाकघर में बच्चों ने मिट्टी के बर्तनों की पेंटिंग और वृक्षारोपण जैसी गतिविधियों में भाग लिया। इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं के मन में स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना पैदा करना था।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/2026/nov/image004_20261105195141_e9350b.jpg https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/2026/nov/image005_20261105195146_473c9f.jpg

नेहरू प्लेस डाकघर, नईदिल्‍ली                       वसंत कुंज डाकघर

'कैलीग्राफी' का आयोजन                बच्चों ने मिट्टी के बर्तनों की पेंटिंग में भाग लिया

 

नागरिकों के फीडबैक और डिजिटल पहलों को बढ़ावा देना

विभाग ने प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने, बेहतर पहुंच बनाने और नागरिकों के अनुभव को बेहतर करने के लिए तकनीक-आधारित पहलों को भी प्रोत्साहित किया। इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल 'डिजीपोस्ट' है, जिसे गुजरात पुलिस के सहयोग से शुरू किया गया है। यह एक अनूठी 'फिजिटल' मेल सेवा है, जिसके तहत गुजरात पुलिस द्वारा जारी किए गए ट्रैफिक ई-चालान डिजिटल रूप से भेजे जाते हैं और नागरिकों तक वास्‍तविक रूप से (कागज के रूप में) पहुंचाए जाते हैं। यह पहल में इंडिया पोस्ट की व्यापक पहुंच का लाभ उठाया गया है, जिससे डिजिटल रूप से तैयार की गई नागरिक सेवाएं, डाक नेटवर्क के माध्यम से लोगों तक पहुंचाई जा सकें।

विभाग ने पारदर्शिता बढ़ाने और सेवा आपूर्ति में सुधार के लिए तकनीक-आधारित पहलों को अपनाने को भी बढ़ावा दिया। ओडिशा सर्कल और जम्मू-कश्मीर पोस्टल सर्कल ने क्‍यूआर कोड-आधारित उपभोक्‍ता फीडबैक प्रणाली शुरू की है। इससे उपभेक्‍ता कई भाषाओं में अपना फीडबैक दे सकते हैं, तस्वीरें अपलोड कर सकते हैं और सेवाओं से जुड़ी समस्याओं को बता सकते हैं।

इसके अलावा, इंडिया पोस्ट का 'इंश्योरेंस मैनेजमेंट सॉल्यूशन' (आईएमएस) नागरिकों के लिए बीमा सेवाओं को अधिक सुलभ बनाता है। इसके जरिए लोग ऑनलाइन पीएलआई/आरपीएलआई योजनाओं के बारे में जानकारी ले सकते हैं, प्रीमियम और लाभों की तुलना कर सकते हैं, पॉलिसी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और पहला प्रीमियम भी जमा कर सकते हैं।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/2026/nov/image006_20261105195205_fc3878.jpg https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/2026/nov/image007_20261105195211_05dc45.jpg

ओडिशा पोस्टल सर्कल ने                 जे एंड के सर्कल ने विभिन्न डाकघरों में क्‍यूआर कोड
क्‍यूआर कोड-आधारित ग्राहक फीडबैक सिस्टम शुरू किया  प्रदर्शित करके स्वच्छता को बढ़ावा दिया 

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/file/2026/nov/image008_20261105195226_df036a.gif

   गुजरात पुलिस और इंडिया पोस्ट ने ई-चालान के लिए   इंडिया पोस्ट का 'इंश्योरेंस मैनेजमेंट सॉल्यूशन' (IMS) 'डिजीपोस्ट' समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए    पीएलआई/आरपीएलआई योजनाओं को ऑनलाइन देखने की सुविधा देता है

सतत और संस्थागत स्वच्छता की ओर

विशेष अभियान 6 ने स्वच्छता को संस्थागत रूप देने, प्रशासनिक कार्यक्षमता में सुधार करने, पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने और नागरिकों पर केंद्रित सेवा आपूर्ति को बेहतर बनाने के डाक विभाग के प्रयासों को अधिक सुदृढ़ किया है।

मापने योग्य परिणामों, नई पहलों और डाक कर्मचारियों तथा समुदायों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से, विभाग अपने परिसरों को अधिक स्वच्छ, कार्यकुशल और ग्राहकों के अनुकूल स्थान बना रहा है। विभाग इस अभियान की अवधि के बाद भी इन तरीकों को कायम रखने और स्वच्छता तथा कार्यक्षमता को अपने दैनिक कामकाज का अभिन्न अंग बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

****

 

पीके/केसी/आरटी/एमके


(रिलीज़ आईडी: 2333338) आगंतुक पटल : 51
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu , Gujarati