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प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया, जिसमें संयमित वाणी और मन, तप, आत्म-त्याग और सत्यनिष्ठा के महत्व पर प्रकाश डाला गया है

प्रविष्टि तिथि: 03 NOV 2026 8:26AM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया। इसमें बताया गया है कि जिस व्यक्ति की वाणी और मन अनुशासित और एकाग्र होते हैं, और जिसका जीवन तप, त्याग और सत्यनिष्ठा से युक्त होता है, वह जीवन में सर्वोच्च उपलब्धियां प्राप्त करता है।

प्रधानमंत्री ने 'एक्‍स' पर लिखा;

"यस्य वाङ्मनसी स्यातां सम्यक् प्रणिहिते सदा।

तपस्त्यागश्च सत्यं च स वै सर्वमवाप्नुयात्॥"

जिस व्यक्ति की वाणी और मन हमेशा अनुशासित और एकाग्र रहते हैं, और जिसका जीवन तप, त्याग और सत्यनिष्ठा से भरा होता है, वह निस्संदेह जीवन में सर्वोच्च उपलब्धियां प्राप्त करता है।

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पीके/केसी/आरटी/पीके

 


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