रसायन एवं पेट्रो-रसायन विभाग
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एडवांस्ड केमिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स और मटीरियल टेक्नोलॉजीज को रिसर्च, डेवलपमेंट और इनोवेशन (आरडीआई) स्कीम के तहत शामिल किया गया


भारत सरकार ने आरडीआई स्कीम के तहत केमिकल्स और पेट्रोकेमिकल्स को शामिल करने के लिए रसायन एवं पेट्रोरसायन विभाग (डीपीसीपी) के प्रस्ताव को मंजूरी दी

प्रविष्टि तिथि: 14 OCT 2026 8:59PM by PIB Delhi

भारत सरकार ने 8 अक्टूबर 2026 से प्रभावी रूप से रिसर्च, डेवलपमेंट एंड इनोवेशन (आरडीआई) योजना के अंतर्गत वित्तीय पोषण के लिए पात्र एक अतिरिक्त प्रौद्योगिकी क्षेत्र के रूप में एडवांस्ड केमिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स और मटीरियल टेक्नोलॉजीज को शामिल किया है।

यह निर्णय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के रसायन एवं पेट्रोरसायन विभाग (डीसीपीसी) के एक प्रस्ताव के बाद विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी), भारत सरकार द्वारा लिया गया है।

डीसीपीसी ने आरडीआई योजना के तहत रसायन और पेट्रोरसायन क्षेत्र को एक प्राथमिकता वाले क्षेत्र के रूप में शामिल करने का प्रस्ताव दिया था। इस निर्णय से रसायन एवं पेट्रोरसायन क्षेत्र में अनुसंधान, विकास और नवाचार को मजबूती मिलने तथा उन्नत औद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में, भारत सरकार ने अनुसंधान, विकास और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए निजी क्षेत्र के निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ₹1 लाख करोड़ के कोष (कॉर्पस) के साथ नवंबर 2025 में अनुसंधान, विकास और नवाचार (आरडीआई) योजना की शुरुआत की थी। इस योजना का उद्देश्य बड़े बदलाव लाने वाले प्रोजेक्ट्स के लिए अनुकूल शर्तों पर दीर्घकालिक वित्तपोषण और रीफाइनेंसिंग प्रदान करना, उन्नत प्रौद्योगिकियों को अपनाने में तेजी लाना, भारत की औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करना और महत्वपूर्ण एवं उभरते प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है।

पिछले वर्ष अनुसंधान, विकास और नवाचार (आरडीआई) योजना के शुभारंभ के अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा था, "भारत अनुसंधान और विकास के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम का तेजी से निर्माण कर रहा है। हम ईज़ ऑफ़ डूइंग रिसर्च पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं ताकि भारत में नवाचार का एक आधुनिक इकोसिस्टम फल-फूल सके।

केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने आरडीआई योजना के अंतर्गत इस क्षेत्र को शामिल किए जाने का स्वागत किया है और इसे रसायन एवं पेट्रोरसायन उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

श्री नड्डा ने कहा कि इस निर्णय से अनुसंधान और नवाचार को बहुत आवश्यक प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे भारत में रसायनों, पेट्रोरसायन उत्पादों, पॉलीमर और उनसे बनने वाली चीजों के निर्माण के लिए के लिए उन्नत, कुशल और लागत प्रभावी प्रौद्योगिकियों के विकास को बल मिलेगा।

एडवांस्ड केमिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स और मटीरियल टेक्नोलॉजीज को शामिल करने का यह निर्णय भारत के घरेलू मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने, प्रौद्योगिकी-संचालित औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और आयातित प्रौद्योगिकियों एवं उच्च-मूल्य वाली सामग्रियों पर निर्भरता को कम करने के व्यापक उद्देश्य के अनुरूप है।

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