संचार मंत्रालय
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दूरसंचार विभाग (डीओटी) संचार साथी के माध्यम से गुम हुए मोबाइल हैंडसेटों की बरामदगी के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों, जिला पुलिस और पुलिस स्टेशनों को सम्मानित करेगा


दूरसंचार विभाग द्वारा आयोजित होने वाले आगामी राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और राज्य स्तरीय कार्यक्रमों में पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे

ट्रेस किए गए और बरामद किए गए मोबाइल हैंडसेटों की संख्या ही प्रदर्शन मूल्यांकन के मुख्य मानदंड होंगे

प्रविष्टि तिथि: 14 OCT 2026 6:03PM by PIB Delhi

भारत सरकार का दूरसंचार विभाग संचार साथी पोर्टल के माध्यम से ट्रेस किए गए खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन की सफल बरामदगी में उत्कृष्ट प्रयास करने वाले सर्वश्रेष्ठ राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों, पुलिस जिलों और पुलिस थानों को सम्मानित एवं पुरस्कृत करेगा। संचार साथी दूरसंचार विभाग की एक नागरिक-केंद्रित पहल है, जिसका उद्देश्य मोबाइल उपभोक्ताओं को सशक्त बनाना, उनकी सुरक्षा को मजबूत करना और सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। ये पुरस्कार दूरसंचार विभाग के आगामी राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और राज्य स्तरीय कार्यक्रमों के दौरान प्रदान किए जाएंगे।

इस पहल का उद्देश्य खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को ट्रेस करने, उन्हें बरामद करने और उनके असली मालिकों को वापस लौटाने में राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना करना है। इसके साथ ही, इसका मकसद दूरसंचार विभाग, उसकी लाइसेंस सर्विस एरिया (एलएसए) की फील्ड इकाइयों, पुलिस प्रशासन और टेलीकॉम ऑपरेटरों के बीच बेहतर तालमेल को बढ़ावा देना है, ताकि प्रभावी बरामदगी के तरीकों को अपनाया जा सके और देश भर के नागरिकों के लिए मोबाइल फोन वापसी के परिणामों में सुधार लाया जा सके।

ये पुरस्कार मापने योग्य प्रदर्शन मानदंडों पर आधारित होंगे, यानी मुख्य रूप से सटीकता (जैसे ट्रेस किए गए हैंडसेट के मुकाबले बरामद किए गए हैंडसेट) और बरामद किए गए हैंडसेटों की कुल संख्या आदि के आधार पर तय किए जाएंगे। ये मानदंड राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, पुलिस जिलों और पुलिस थानों द्वारा किए गए रिकवरी प्रयासों के पैमाने, सटीकता और समयबद्धता को पहचानने में मदद करेंगे। मूल्यांकन की विस्तृत पद्धति और लागू होने वाली मूल्यांकन अवधि का निर्धारण दूरसंचार विभाग द्वारा किया जाएगा।

संचार साथी पोर्टल के माध्यम से ट्रेस और बरामद किए गए मोबाइल हैंडसेटों का राज्य/केंद्र शासित प्रदेश-वार डेटा पोर्टल के डैशबोर्ड पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है, जो रिकवरी के ट्रेंड्स को भी दर्शाता है। यह डेटा प्रदर्शन का मूल्यांकन करने और बेहतर प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों तथा पुलिस यूनिट्स की पहचान करने के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ के रूप में कार्य करेगा।

संचार साथी पोर्टल सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (सीईआईआर) सुविधा के माध्यम से खोए या चोरी हुए मोबाइल हैंडसेटों को ब्लॉक और ट्रेस करने की सुविधा प्रदान करता है। जब किसी रिपोर्ट किए गए हैंडसेट को बाद में किसी टेलीकॉम नेटवर्क पर डिटेक्ट किया जाता है, तो उसकी ट्रेसबिलिटी (लोकेशन) संबंधी जानकारी जनरेट होती है और संबंधित पुलिस अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाती है, जिससे डिवाइस को खोजने और बरामद करने के पुलिस के प्रयासों में मदद मिलती है। इसके साथ ही, ट्रेसबिलिटी से जुड़ा एक अलर्ट नागरिक को भी एसएमएस और ईमेल के जरिए भेजा जाता है।

यह पहल मोबाइल सुरक्षा को मजबूत करने और नागरिकों की डिजिटल संपत्तियों की सुरक्षा में दूरसंचार विभाग, इसकी एलएसए फील्ड इकाइयों, टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं और राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस के बीच मजबूत तालमेल के महत्व को दर्शाती है। प्रस्तावित पुरस्कार उत्कृष्ट कार्य को सम्मानित करने, प्रदर्शन-आधारित स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने और विभिन्न क्षेत्रों व पुलिस यूनिट्स के बीच सफल कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने के लिए एक मंच प्रदान करेंगे।

दूरसंचार विभाग संचार साथी इकोसिस्टम को मजबूत करने और खोए व चोरी हुए मोबाइल फोन की रिकवरी में सुधार के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सहयोग देने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता है। नागरिक खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन की रिपोर्ट दर्ज कराने और निम्नलिखित नागरिक-केंद्रित सेवाओं का लाभ उठाने के लिए www.sancharsaathi.gov.in पर पोर्टल पर जा सकते हैं या संचार साथी मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकते हैं।

प्रत्येक नागरिक के लिए आसानी से उपलब्ध डिजिटल सेवाएं

संचार साथी एक ही प्लेटफॉर्म पर निम्नलिखित नागरिक-केंद्रित सेवाएं प्रदान करता है:

चक्षु – संदिग्ध धोखाधड़ी संचार और स्पैम की रिपोर्ट करें: फर्जी केवाईसी या बिल भुगतान के अलर्ट, सरकार, पुलिस या बैंक अधिकारियों के नाम पर धोखाधड़ी और निवेश, नौकरी या लोन के नाम पर होने वाली ठगी जैसी संदिग्ध कॉल, एसएमएस या व्हाट्सएप संदेशों की रिपोर्ट कुछ ही आसान स्टेप्स में करें।

अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी लें: अपनी पहचान (आईडी) पर जारी किए गए सभी मोबाइल कनेक्शनों की जांच करें और ऐसे कनेक्शनों की रिपोर्ट करें जिन्हें आपने नहीं लिया है या जिनकी अब आपको आवश्यकता नहीं है, ताकि उनका दुरुपयोग न किया जा सके।

अपने खोए या चोरी हुए मोबाइल हैंडसेट को ब्लॉक करें: अपने मोबाइल हैंडसेट को सभी टेलीकॉम ऑपरेटरों के नेटवर्क पर ब्लॉक करें ताकि उसका पूरे भारत में कहीं भी उपयोग न किया जा सके, उसकी लोकेशन ट्रेस करने की सुविधा चालू करें, और फोन वापस मिलने पर उसे फिर से अनब्लॉक करें।

अपने मोबाइल हैंडसेट की प्रामाणिकता जानें: नया या पुराना (सेकंड-हैंड) फोन खरीदने से पहले उसके आईएमईआई नंबर के जरिए हैंडसेट की प्रामाणिकता की जांच करें।

भारतीय नंबरों से आने वाली अंतरराष्ट्रीय कॉल की रिपोर्ट करें: विदेशों से आने वाली उन कॉल की रिपोर्ट करें जिन्हें घरेलू (+91) नंबरों के रूप में दिखाया जाता है। इससे सरकार को अवैध टेलीकॉम सेटअप के खिलाफ कार्रवाई करने में मदद मिलती है।

विश्वसनीय संपर्क विवरण (ट्रस्टेड कांटेक्ट डिटेल्स): कोई भी जानकारी साझा करने से पहले बैंकों और वित्तीय संस्थानों के प्रमाणित कस्टमर केयर नंबर, ईमेल आईडी और वेबसाइट लिंक का सत्यापन करें।

स्वयं को जागरूक रखें: फर्जी लोन ऐप्स, निवेश घोटालों, फर्जी नौकरी के कॉलों और झूठे ट्रैफिक चालानों जैसे मौजूदा धोखाधड़ी के तौर-तरीकों (ट्रेंड्स) पर जागरूकता हासिल देखें।

दूरसंचार विभाग साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी के लिए टेलीकॉम संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए अपनी सक्रिय कार्रवाइयों के माध्यम से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। संचार साथी मोबाइल ऐप के रूप में भी उपलब्ध है और इसे यहाँ से डाउनलोड किया जा सकता है:

 

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