संचार मंत्रालय
केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस में मंत्रिस्तरीय कार्यक्रम की अध्यक्षता की; अगले एक अरब लोगों को डिजिटल रूप से जोड़ने के लिए वैश्विक सहयोग पर जोर
“हमारा लक्ष्य सीमाओं से परे कनेक्टिविटी और अंततः सीमाओं से परे अवसर सुनिश्चित करना होना चाहिए”: केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया
“सीमाओं से परे विस्तार” संवाद में निवेश, समावेशी कनेक्टिविटी और सुदृढ़ डिजिटल अवसंरचना पर चर्चा
मंत्रिस्तरीय कार्यक्रम में वैश्विक नेताओं ने निवेश और अगली पीढ़ी की कनेक्टिविटी पर विचार-विमर्श किया
प्रविष्टि तिथि:
08 OCT 2026 6:58PM by PIB Delhi
दूरसंचार विभाग (DoT), संचार मंत्रालय ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026 के अंतर्गत “Scale Without Boundaries: Investing in the Next Billion Digital Connections” (सीमाओं से परे विस्तार: अगले एक अरब डिजिटल कनेक्शनों में निवेश) विषय पर मंत्रिस्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया। इस उच्चस्तरीय कार्यक्रम में मंत्रियों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, वैश्विक दूरसंचार क्षेत्र के नेताओं और उद्योग जगत के हितधारकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में सार्थक डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार तथा अगली पीढ़ी की डिजिटल अवसंरचना में निवेश को गति देने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया।
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने अपने संबोधन में किफायती और सार्थक डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए निरंतर निवेश, मजबूत अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सक्षम नीतिगत ढांचे के महत्व पर जोर दिया।

श्री सिंधिया ने कहा,
“‘सीमाओं से परे विस्तार’ केवल दूरसंचार नेटवर्क के विस्तार तक सीमित नहीं है; यह मानवीय अवसरों के विस्तार से जुड़ा है। हम जिन अगले एक अरब लोगों को जोड़ेंगे, उन तक पहुंचना सबसे कठिन होगा, लेकिन वे सबसे अधिक परिवर्तनकारी भी होंगे, क्योंकि इससे नए शिक्षार्थी, उद्यमी, नवोन्मेषक और रचनाकार वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़ेंगे। भारत का अनुभव दर्शाता है कि किफायतीपन, नवाचार और सार्वजनिक उद्देश्य के माध्यम से कनेक्टिविटी का बड़े पैमाने पर विस्तार किया जा सकता है। जैसे-जैसे हम 5G-Advanced, 6G, सैटेलाइट नेटवर्क और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ओर बढ़ रहे हैं, यह हमारी साझा जिम्मेदारी है कि हमारी भूगोल, आय या परिस्थितियां अवसरों की राह में कभी बाधा न बनें। हमारा लक्ष्य सीमाओं से परे कनेक्टिविटी और अंततः सीमाओं से परे अवसर सुनिश्चित करना होना चाहिए।”
मंत्रिस्तरीय कार्यक्रम में नीति, विनियमन, निवेश और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। इसमें किफायती, विश्वसनीय, सुदृढ़ और समावेशी डिजिटल कनेक्टिविटी को आगे बढ़ाने तथा वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था की बुनियाद को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
मंत्रिस्तरीय कार्यक्रम में एस्टोनिया की न्याय एवं डिजिटल मामलों की मंत्री महामहिम सुश्री लीसा-ली पाकॉस्टा तथा जापान के आंतरिक मामलों एवं संचार मंत्रालय के अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप-मंत्री महामहिम श्री हिदेओ फुसेदा ने भाग लिया।

कार्यक्रम में वैश्विक दूरसंचार क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों ने भी भाग लिया, जिनमें अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) के दूरसंचार मानकीकरण ब्यूरो के निदेशक श्री सेइजो ओनोए तथा GSMA फाउंडेशन के अध्यक्ष और मुख्य नियामक अधिकारी श्री जॉन गिउस्टी शामिल थे।
अगले एक अरब डिजिटल कनेक्शनों पर ध्यान
चर्चाओं में तेजी से विकसित हो रहे डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र की चुनौतियों से निपटने के लिए सरकारों, उद्योग और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के बीच मजबूत सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया गया। प्रतिभागियों ने निवेश जुटाने, सक्षम नीतिगत ढांचे को मजबूत करने और किफायती तथा सार्थक कनेक्टिविटी के विस्तार के उपायों पर विचार-विमर्श किया। विशेष रूप से उभरती प्रौद्योगिकियों द्वारा वैश्विक संचार परिदृश्य में हो रहे तेजी से बदलावों पर चर्चा हुई।

मंत्रिस्तरीय कार्यक्रम में भविष्य के लिए तैयार और सुदृढ़ नेटवर्क, अंतरराष्ट्रीय मानकों, नवाचार तथा रणनीतिक साझेदारियों के महत्व को भी रेखांकित किया गया। इसका उद्देश्य वर्ष 2030 तक डिजिटल कनेक्टिविटी को आगे बढ़ाना है।

समावेशी डिजिटल विकास के लिए वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करना
विचार-विमर्श में यह बात दोहराई गई कि अगली पीढ़ी की डिजिटल प्रौद्योगिकियों के लाभ व्यापक आबादी तक पहुंचाने के लिए समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। प्रतिभागियों ने निवेश, नवाचार और सतत डिजिटल विकास के लिए सक्षम वातावरण तैयार करने हेतु मजबूत अंतरराष्ट्रीय सहयोग और साझेदारियों की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम ने “सीमाओं से परे विस्तार” की दृष्टि को मजबूत किया और एक अधिक कनेक्टेड, समावेशी तथा डिजिटल रूप से सशक्त भविष्य के निर्माण में प्रौद्योगिकी, निवेश और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।
दूरसंचार विभाग के लिए यह मंत्रिस्तरीय कार्यक्रम कनेक्टिविटी के भविष्य पर वैश्विक दृष्टिकोणों को एक मंच पर लाने तथा डिजिटल पहुंच के विस्तार और सुदृढ़ डिजिटल अवसंरचना के निर्माण से जुड़ी साझा प्राथमिकताओं की पहचान करने का महत्वपूर्ण अवसर रहा।
IMC 2026 में आयोजित इस कार्यक्रम ने समावेशी, किफायती, विश्वसनीय और सार्थक कनेक्टिविटी को आगे बढ़ाने के सामूहिक संकल्प की पुष्टि की। साथ ही, ऐसी साझेदारियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया, जो अगले एक अरब लोगों को जोड़ने और अधिक डिजिटल रूप से सशक्त विश्व के निर्माण में मदद कर सकें।
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