श्रम और रोजगार मंत्रालय
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श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड के औद्योगिक समूहों तक “श्रम संवाद” जनसंपर्क अभियान पहुंचाया


हरिद्वार, नारायणा और सोनीपत में श्रम संहिताओं, नियोक्ता अनुपालन, पीएमवीबीआरवाई और सामाजिक सुरक्षा पर ज़िला-स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए गए

प्रविष्टि तिथि: 02 OCT 2026 7:24PM by PIB Delhi

भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने अपनी राष्ट्रव्यापी “श्रम संवाद” पहल को जारी रखते हुए 1 अक्टूबर, 2026 को उत्तराखंड के हरिद्वार, नई दिल्ली के नारायणा औद्योगिक क्षेत्र और हरियाणा के सोनीपत में जिला-स्तरीय क्षमता निर्माण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों में सरकारी अधिकारी, उद्योग संघ, नियोक्ता, मानव संसाधन एवं कानूनी पेशेवर तथा अन्य हितधारक एकत्र हुए, ताकि चारों श्रम संहिताओं, नियोक्ता अनुपालन आवश्यकताओं तथा सरकार की प्रमुख रोजगार और सामाजिक-सुरक्षा पहलों के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके।

 

28 सितंबर, 2026 को राष्ट्रव्यापी स्तर पर शुरू किया गया श्रम संवाद अभियान 90 दिवसीय जनसंपर्क पहल है, जिसके तहत मंत्रालय सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 316 जिलों में, औद्योगिक क्लस्टरों पर विशेष ध्यान देते हुए जिला-स्तरीय सहभागिता कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य नियोक्ताओं और अन्य हितधारकों को नए श्रम संहिताओं के प्रावधानों, प्रयोज्यता और अनुपालन आवश्यकताओं के बारे में अधिक स्पष्टता प्रदान करना तथा जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्यान्वयन को सुगम बनाना है।

हरिद्वार में यह कार्यक्रम SCOPE के सहयोग से बीएचईएल प्रशासनिक भवन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उद्योग संघों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों, नियोक्ताओं, उद्योगपतियों, पेशेवरों तथा ईपीएफओ, ईएसआईसी और केंद्रीय श्रम आयुक्त कार्यालय के अधिकारियों सहित लगभग 125 प्रतिभागियों ने भाग लिया। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के उप सचिव श्री गोविंद राम ने चारों श्रम संहिताओं और नियोक्ता अनुपालन की मूल श्रृंखला का अवलोकन प्रस्तुत किया, जिसमें प्रतिष्ठान और कार्यबल से संबंधित मानदंड, प्रयोज्यता की सीमाएं और प्रमुख अनुपालन क्षेत्र शामिल थे। डीजीएमएस के खान सुरक्षा निदेशक श्री वेंकन्ना बनोथु तथा उत्तराखंड श्रम विभाग के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और नारायणा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के सहयोग से नारायणा इंडस्ट्रियल एरिया, नई दिल्ली में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नियोक्ताओं, उद्योग, मानव संसाधन, कानूनी और वित्तीय पेशेवरों तथा अन्य हितधारकों का प्रतिनिधित्व करने वाले लगभग 80 प्रतिभागियों ने भाग लिया। श्री अशोक कुमार सिंह, महानिदेशक, कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने मुख्य संबोधन दिया। इस दौरान उन्होंने श्रम संहिताओं की प्रमुख विशेषताओं तथा हितधारकों की जागरूकता, अनुपालन की तैयारी और प्रभावी कार्यान्वयन के महत्व पर प्रकाश डाला।

सोनीपत में मंत्रालय ने विंडहैम गार्डन में लघु उद्योग भारती के सहयोग से श्रम संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में नियोक्ताओं, राज्य प्राधिकरणों तथा श्रम और रोजगार पारिस्थितिकी तंत्र के प्रतिनिधियों सहित लगभग 70 हितधारकों ने भाग लिया। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त, श्री पी.बी. वर्मा ने उद्घाटन भाषण दिया। तकनीकी सत्रों में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के निदेशक, श्री मिनहाज अहमद द्वारा नई श्रम संहिताओं का अवलोकन प्रस्तुत किया गया।

तीनों कार्यक्रमों के दौरान तकनीकी चर्चाओं में वेतन संहिता, 2019, औद्योगिक संबंध संहिता, 2020; सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020  और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशाएँ संहिता, 2020 को शामिल किया गया। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएमवीबीआरवाई) और प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (पीएम-एसवाईएम) पर समर्पित सत्र भी आयोजित किए गए।

ईपीएफओ, ईएसआईसी और केंद्रीय श्रम आयुक्त कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने सभी स्थलों पर आयोजित कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रमों में विशेष रूप से संवाद सत्र भी आयोजित किया गया जिसमें प्रश्न-उत्तर किए गए, जिसमें प्रतिभागियों को प्रयोज्यता, वैधानिक अनुपालन, अभिलेख और विवरणियाँ, कर्मचारी लाभ तथा नए ढाँचे के कार्यान्वयन से संबंधित व्यावहारिक मुद्दे उठाने का अवसर मिला। इन सत्रों ने हितधारकों को मंत्रालय तथा उसके संबद्ध और अधीनस्थ कार्यालयों के अधिकारियों से सीधे स्पष्टीकरण प्राप्त करने का अवसर प्रदान किया।

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पीके/केसी/आरटी /जेएस/डीए


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